आज पूरा देश अपना 80वां स्वतंत्रता दिवस बहुत उत्साह के साथ मना रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ऐतिहासिक लाल किले पर तिरंगा फहराया। झंडा फहराने के साथ ही, 1721 फील्ड बैटरी (सेरेमोनियल) ने स्वदेशी 105mm लाइट फील्ड गन से 21 तोपों की सलामी दी। तिरंगा फहराने से पहले, उन्होंने राजघाट जाकर बापू को श्रद्धांजलि दी। 2026 के स्वतंत्रता दिवस का मुख्य विषय "विकसित भारत@2047 के लिए युवा शक्ति" है, साथ ही "वंदे मातरम के 150 साल" का जश्न भी मनाया जा रहा है। आज का दिन वाकई खास था, क्योंकि लाल किले पर समारोह के दौरान पहली बार राष्ट्रगीत 'वंदे मातरम' गाया गया। प्रधानमंत्री मोदी ने लाल किले की प्राचीर से देश को संबोधित भी किया।
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि आज हर दिल वंदे मातरम की नाद से गूंज रहा है। आज हर घर तिरंगा है, हर मन तिरंगा है। उन्होंने लाल किले की प्राचीर से स्वतंत्रता दिवस पर बापू और सभी स्वतंत्रता सेनानियों व क्रांतिकारियों को श्रद्धांजलि अर्पित की। प्रधानमंत्री ने कहा कि आज एक ऐतिहासिक दिन है। आजादी के बाद, यह वह दिन है जब लाल किले की प्राचीर से 'वंदे मातरम' की गूंज सुनाई दी है। उन्होंने हाल ही में कुछ राज्यों में आई आपदाओं का उल्लेख किया। प्रधानमंत्री ने कहा कि पिछले कुछ दिनों में देश के कुछ हिस्सों में बाढ़ आई है, जिससे कई लोग प्रभावित हुए हैं। उन्होंने प्रभावित परिवारों को भरोसा दिलाया कि पूरा देश उनके साथ खड़ा है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि आज भारत का एक बड़ा सपना है कि 2047 तक वह एक विकसित देश बने। जब दुनिया का सबसे ज्यादा आबादी वाला देश विकसित देश बनने का संकल्प लेता है, तो यह हमारे साहस की पहचान बन जाता है और दुनिया हमें एक अलग नजरिए से देखने के लिए मजबूर हो जाती है। प्रधानमंत्री ने पिछले 12 सालों की उपलब्धियों और आंकड़ों पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि रक्षा उत्पादन चार गुना बढ़ गया है, जबकि खादी और ग्रामीण उद्योग क्षेत्र में उत्पादन पांच गुना बढ़ा है। इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग सात गुना बढ़ी है और मोबाइल फोन का उत्पादन 33% बढ़ा है।
देश को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि हमें आत्मनिर्भर बनना होगा और अपने हितों की रक्षा करनी होगी। आज हर भारतीय 'मेक इन इंडिया', 'स्वदेशी' और 'वोकल फॉर लोकल' जैसी पहलों से जुड़ रहा है। आत्मनिर्भरता भारत के 'विकसित भारत' बनने का मार्ग प्रशस्त करेगी। उन्होंने ऊर्जा सुरक्षा के बारे में भी बात की और कहा कि यह समय की जरूरत है। हम 2047 तक 100 गीगावाट परमाणु ऊर्जा क्षमता हासिल करने के लक्ष्य के साथ आगे बढ़ रहे हैं। हमारा लक्ष्य इस दशक में पांच नए परमाणु रिएक्टर शुरू करना है।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि जब देश को आजादी मिली, तो उससे कई सपने भी जुड़े थे। फिर भी, हम तरक्की के लिए जरूरी रफ्तार नहीं पकड़ पाए। हम हम 'होती है,' 'चलती है,' 'हो जाएगा,' या 'देखा जाएगा' के रवैये में फंसे रहे। 2014 तक, पूरी दुनिया ने हमें फ्रैजाइल फाइव की श्रेणी में डाल दिया था। इसके बावजूद, पिछले 12 सालों में भारत ने नई रफ्तार पकड़ी है। हम तेजी से आगे बढ़ रहे हैं और हमारे 140 करोड़ नागरिकों का संकल्प इतना मजबूत है कि अब कोई भी चीज हमारे सामूहिक संकल्प और क्षमता को रोक नहीं सकती।
एक और बड़ी उपलब्धि पर प्रकाश डालते हुए, प्रधानमंत्री ने उल्लेख किया कि 12 साल पहले केवल 70 शहरों में पाइप्ड गैस की सुविधा थी। पिछले 12 वर्षों में यह संख्या बढ़कर 700 शहरों तक पहुँच गई है। आज देश में 1.75 करोड़ परिवार पाइप्ड गैस लाइनों से जुड़े हुए हैं।
सेमीकंडक्टर के बारे में बात करते हुए उन्होंने कहा कि आज की डिजिटल दुनिया और टेक्नोलॉजी के दौर में हम चिप्स की अहमियत को समझते हैं। चाहे इलेक्ट्रॉनिक सामान हो, मेडिकल उपकरण हों या ट्रांसपोर्ट सिस्टम, चिप्स बहुत जरूरी हैं, इनके बिना दुनिया थम जाएगी। भारत इस सेक्टर में आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ चुका है। तीन बड़े सेमीकंडक्टर प्लांट पहले ही लगाए जा चुके हैं और मुझे बताया गया है कि इन प्लांट में एक्सपोर्ट के लिए प्रोडक्शन भी शुरू हो गया है। अगले 7-8 सालों में पांच से आठ और सेमीकंडक्टर प्लांट पर काम शुरू होने वाला है।
इस दौरान, प्रधानमंत्री ने सप्त धाराओं का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि सप्त धारा की पहली ताकत मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर है। इसके लिए हमें तीन पहलुओं पर ध्यान देना होगा, लागत, क्वालिटी और स्केल। क्वालिटी से कोई समझौता नहीं होना चाहिए। यही हमारी ब्रांड वैल्यू तय करेगी। दूसरी ताकत फूड प्रोसेसिंग है। नए FTA के साथ, अब हमारी पहुंच बड़े ग्लोबल मार्केट तक हो गई है। तीसरी ताकत में टेक्नोलॉजी, इनोवेशन और डिजिटल टेक्नोलॉजी शामिल हैं।
सप्त धारा की चौथी 'शक्ति' है 'गति-शक्ति' यानी देश में बिना रूकावट वाली तेज कनेक्टिविटी। हमें बिना रूकावट वाली हाई-स्पीड रेल कनेक्टिविटी, आधुनिक हाईवे कनेक्टिविटी, इनलैंड वॉटरवे, एयरपोर्ट, मल्टी-मॉडल लॉजिस्टिक्स हब और पोर्ट्स की जरूरत है। हमें पोर्ट-आधारित विकास की दिशा में काम करना होगा। पांचवीं 'शक्ति' है डिफेंस प्रोडक्शन, जिसमें हमें आत्मनिर्भर बनना होगा और ग्लोबल सप्लायर बनने का लक्ष्य रखना होगा। सप्तधारा की छठी ताकत ग्रीन इकोनॉमी है। हमें रिन्यूएबल एनर्जी, एनर्जी स्टोरेज, ग्रीन स्टोरेज और मैन्युफैक्चरिंग के क्षेत्रों में काम करना होगा। भारत के पास ब्लू इकोनॉमी के क्षेत्र में भी एक मौका है।
प्रधानमंत्री ने बताया कि सप्त धारा की सातवीं ताकत भारत की 'सॉफ्ट पावर' है। आज योग ने दुनिया को भारत से जोड़ा है। हमारा आयुर्वेद, होलिस्टिक हेल्थकेयर, हैंडीक्राफ्ट, संस्कृति, फिल्में, एनिमेशन, गेमिंग और डिजिटल कंटेंट, दुनिया भारत के WAVES समिट को पहचान रही है और उसका बेसब्री से इंतजार कर रही है। हमारे पास 100 से ज्यादा नेशनल पार्क हैं। हमारे पास 'सॉफ्ट पावर' के जरिए विदेशी पर्यटकों को आकर्षित करने का मौका है।
अपने भाषण में, प्रधानमंत्री ने युवाओं और Gen Z को ध्यान में रखते हुए कुछ बातें साझा कीं और एक घोषणा भी की।। उन्होंने बताया कि 2004 से 2014 के बीच, हमारे देश में 350 से भी कम यूनिवर्सिटीज थीं। आज, सिर्फ 10-12 सालों में, लगभग 650 नई यूनिवर्सिटीज जुड़ी हैं, जिससे कुल संख्या 1,000 के करीब पहुंच गई है। 2014 से पहले, सिर्फ 400 के आसपास मेडिकल कॉलेज थे। आज, यह संख्या बढ़कर लगभग 850 हो गई है। इतना ही नहीं, अब विदेशी यूनिवर्सिटीज भी भारत आ रही हैं। ऐसे इंतजाम भी किए गए हैं जिनसे हमारे युवा यहीं भारत में विदेशी यूनिवर्सिटीज से डिग्री हासिल कर सकें। हम बहुत कम उम्र से ही युवाओं को टेक्नोलॉजी की ओर आकर्षित करने के लिए काम कर रहे हैं।
इसीलिए हमने छोटे बच्चों के लिए 10,000 से अधिक अटल टिंकरिंग लैब्स बनाई हैं, ताकि उनमें इनोवेशन और टेक्नोलॉजी के प्रति रूचि पैदा हो। हमने भारत के युवाओं के लिए कई नए रास्ते खोले हैं। हमने 'स्टार्टअप इंडिया' की शुरूआत देखी है। 28 साल की औसत उम्र वाले युवा उद्यमियों ने सैटेलाइट और रॉकेट लॉन्च किए हैं और अपनी पहली ही कोशिश में शानदार उपलब्धियां हासिल की हैं। आज, भारत में 2.5 लाख से अधिक रजिस्टर्ड स्टार्टअप्स हैं। हाल ही में, हमने 'AI इम्पैक्ट समिट' भी आयोजित किया। AI बहुत तेजी से फैल रहा है। देश के युवाओं को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने घोषणा की, "हमने अगले साल एक करोड़ युवाओं को AI स्किल्स में ट्रेनिंग देने का फैसला किया है, ताकि वे AI की दुनिया में नेतृत्व करने की क्षमता हासिल कर सकें।"