2027 में उत्तर प्रदेश के विधानसभा चुनावों से पहले समाजवादी पार्टी (SP) को एक बड़ा झटका लगा है। पार्टी के तीन बागी विधायक आज भारतीय जनता पार्टी (BJP) में शामिल हो गए है। BJP में शामिल होने वाले इन विधायकों में अयोध्या जिले की गोसाईंगंज सीट से विधायक अभय सिंह, अमेठी जिले की गौरीगंज सीट से विधायक राकेश प्रताप सिंह और जालौन जिले की कालपी सीट से विधायक विनोद चतुर्वेदी शामिल हैं। इस सदस्यता ग्रहण समारोह में BJP की उत्तर प्रदेश इकाई के अध्यक्ष पंकज चौधरी और पार्टी की राष्ट्रीय महामंत्री स्मृति ईरानी समेत कई अन्य नेता भी उपस्थित थे। जानकारी के मुताबिक, SP के लगभग एक हजार कार्यकर्ताओं ने भी BJP का दामन थाम लिया है।
इस कार्यक्रम से पहले राकेश प्रताप सिंह ने कहा, "मैं अपने चुनाव क्षेत्र के उन लोगों को बधाई देता हूं जिन्होंने मुझे सही रास्ता दिखाया। उन्होंने मुझसे BJP में शामिल होने का आग्रह किया और अपना समर्थन देने का भरोसा दिलाया।" वहीं विनोद चतुर्वेदी ने बताया कि जब प्रधानमंत्री मोदी ने भगवान श्री राम के मंदिर का उद्घाटन किया, तो सदन में हमारे स्पीकर ने कहा था कि जो कोई भी दर्शन के लिए जाना चाहता है, वह जा सकता है, लेकिन हमारी पार्टी के आलाकमान ने इसकी मनाही कर दी। इससे हमारी भावनाएं आहत हुईं। दूसरी बात, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा किए गए विकास कार्य बेमिसाल हैं। जनता विकास चाहती है और हम इसी मकसद के लिए चुने गए थे। हम उस सरकार के साथ खड़े हैं जिसने ऐसा विकास किया है।
अपने संबोधन में स्मृति ईरानी ने कहा कि आज काशी, बुंदेलखंड और अवध की शक्ति एक साथ एक छत के नीचे आई है। मां भारती के जयघोष की गूंज इतनी तेज होनी चाहिए कि वह उन लोगों तक पहुंचे जिनकी साइकिल को BJP ने पहले ही पंचर कर दिया है। जो लोग चुनाव आयोग के कंधे से बंदूक भारत के लोकतंत्र पर चलाना चाहते हैं, वे ध्यान से सुन लें, जब तक इस धरती पर BJP का एक भी कार्यकर्ता मौजूद है, हम लोकतंत्र का अपमान नहीं होने देंगे।
ईरानी ने कांग्रेस का जिक्र करते हुए कहा कि तुम चाहे जितने भी दलों को इकट्ठा कर अपने राजकुमार को शहंशाह बनाने की कोशिश कर लो, लेकिन उत्तर प्रदेश का सच यह है कि यहां कांग्रेस लगातार 9 विधानसभा चुनाव हारती आ रही है। उसके पीछे कारण क्या है इस पर चिंता करने की बजाय कांग्रेस देश के चुनाव आयोग पर ही आक्षेप कर रही है। कांग्रेस का वो सर्वोच्च परिवार, जो अपने दम पर अकेले चुनाव इस क्षेत्र में नहीं लड़ सकता, वो अपने दम पर राष्ट्र का नेतृत्व कैसे कर पाएगा।