हैदराबाद और कोलकाता में निकली लोकतंत्र बचाओ, अराजकता मिटाओ पदयात्राएं, विपक्ष पर बरसे अमित शाह और नितिन नबीन

भाजपा के लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ अभियान के तहत कई शहरों में पदयात्राएं आयोजित की जा रही हैं। मध्य प्रदेश के इंदौर, हिमाचल प्रदेश के शिमला, बिहार के भागलपुर और तेलंगाना के हैदराबाद जैसे शहरों में इसी तरह के कार्यक्रमों के बाद, अब कोलकाता में भी लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ मार्च निकाला गया।

हैदराबाद और कोलकाता में निकली लोकतंत्र बचाओ, अराजकता मिटाओ पदयात्राएं, विपक्ष पर बरसे अमित शाह और नितिन नबीन

हैदराबाद में अमित शाह ने एक सभा को संबोधित भी किया।

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Highlights

  • कोलकाता में मार्च कॉलेज स्ट्रीट से शुरू हुआ और धर्मतला पर समाप्त हुआ।
  • नितिन नबीन ने कहा की कोलकाता के लोगों ने 4 मई को ही अराजकता को खत्म कर दिया था।
  • अमित शाह ने राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा की वे असली संसद में कभी प्रधानमंत्री नहीं बन सकते।

पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता से एक बड़ी खबर सामने आई है। भाजपा के लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ अभियान के तहत कई शहरों में पदयात्राएं आयोजित की जा रही हैं। मध्य प्रदेश के इंदौर, हिमाचल प्रदेश के शिमला, बिहार के भागलपुर और तेलंगाना के हैदराबाद जैसे शहरों में इसी तरह के कार्यक्रमों के बाद, अब कोलकाता में भी लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ मार्च निकाला गया। 

कोलकाता में इस मार्च का नेतृत्व भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन, पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य ने किया। जानकारी के अनुसार, पदयात्रा कॉलेज स्ट्रीट से शुरू हुई और धर्मतला में समाप्त हुई। नितिन नबीन ने कहा कि कोलकाता के लोगों ने 4 मई को ही अराजकता को खत्म कर दिया था। ममता दीदी को सत्ता से बाहर कर दिया गया और पश्चिम बंगाल भाजपामय हो गया। 

आज मुझे अराजकता का कोई नामो-निशान नहीं दिखा। लेकिन कुछ तत्व अभी भी बचे हुए हैं। वे कल रामलीला मैदान में थे। वे अपनी हार से निराश थे। लेकिन देश की जनता उन्हें वैसा ही जवाब देगी, जैसा पश्चिम बंगाल के लोगों ने दिया है। INDI गठबंधन के वे लोग, जो अपने-अपने राज्यों में हार गए थे, दिल्ली में रोने के लिए इकट्ठा हुए थे। बंगाल में TMC का और दिल्ली में कांग्रेस तथा AAP का जिस तरह से सफाया हो गया, वह सबके सामने है। 

बिहार में भी RJD पूरी तरह से साफ हो गई। अब उत्तर प्रदेश की बारी है। हमने अखिलेश यादव को पहले भी हराया था और 2027 में भी हम उन्हें हराएंगे। अराजक मानसिकता वाले ऐसे लोगों का नेतृत्व राहुल गांधी कर रहे हैं। बंगाल की जनता ने ममता दीदी से और दिल्ली की जनता ने राहुल गांधी से भी मुक्ति पा ली है। केंद्रीय गृह और सहकारिता मंत्री अमित शाह ने भी हैदराबाद में लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ मार्च में हिस्सा लिया।

इस दौरान उन्होंने राहुल गांधी पर जमकर निशाना साधा। अमित शाह ने कहा कि, "राहुल जी, मेरी बात सुनिए। दो दिन पहले आपने एक मॉक पार्लियामेंट आयोजित की थी। अगर आपने मुझसे पूछा होता, तो मैं आपको यही सलाह देता कि इस नकली संसद में, बिना विपक्ष के नेता बने, कम से कम एक बार प्रधानमंत्री बन जाइए। क्यों? क्योंकि असली संसद में तो आप कभी प्रधानमंत्री बन ही नहीं पाएंगे।" 

उन्होंने आगे कहा, "कम से कम नकली संसद में प्रधानमंत्री बनने से सोनिया जी के दिल को कुछ तो तसल्ली मिल जाएगी। इस तरह से आप चुनाव नहीं जीत सकते। आप देश में तीन-चार महीने बिताते हैं और फिर विदेश चले जाते हैं। आपको देश में रहकर कड़ी मेहनत करनी होगी। आपको लोगों के साथ एकजुट होकर खड़ा होना होगा और उनकी समस्याओं को सुलझाने के लिए काम करना होगा।"

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने हैदराबाद में कहा कि संविधान की जिम्मेदारियां देश की संसद के माध्यम से पूरी की जाती हैं, लेकिन राहुल गांधी संसद को चलने नहीं देते हैं। उन्होंने राहुल गांधी को चुनौती देते हुए कहा कि वे संसद का विशेष सत्र बुलाने के लिए तैयार हैं और वे आकर चर्चा में हिस्सा लें।

अमित शाह ने यह भी कहा कि राहुल गांधी चर्चा में हिस्सा नहीं लेंगे क्योंकि वे जानते हैं कि कांग्रेस पार्टी केवल अराजकता और अव्यवस्था के जरिए ही खुद को चर्चा में बनाए रख सकती है। उन्होंने दावा किया कि यदि संसद चलती है, तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उनके तर्कों को पूरी तरह से ध्वस्त कर देंगे।

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