नए साल की शुरुआत के साथ ही दुनिया के एक और हिस्से में युद्ध के बादल गहरा गए हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की ओर से मिल रही लगातार धमकियों के बाद, अमेरिकी सेना ने आज तड़के वेनेजुएला की राजधानी काराकास समेत कई सैन्य ठिकानों पर ताबड़तोड़ हवाई हमले किए हैं। इन हमलों के बाद दक्षिण अमेरिका में काफी तनाव बढ़ गया है।
जानकारी के मुताबिक, सुबह करीब 2 बजे काराकास में सात बड़े धमाके सुने गए। धमाकों के तुरंत बाद राजधानी के कई हिस्सों और सैन्य ठिकानों की बिजली गुल हो गई, जिससे अंधेरा छा गया। जिन ठिकानों को निशाना बनाया गया, उनमें फुएर्टे टियूना सैन्य परिसर और ला कार्लोटा एयरबेस शामिल बताए जा रहे हैं।
यह हमला राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के उन बयानों के कुछ ही दिनों बाद हुआ है, जिनमें उन्होंने वेनेजुएला को “नार्को-स्टेट” करार देते हुए राष्ट्रपति निकोलस मादुरो की सरकार को उखाड़ फेंकने की चेतावनी दी थी। ट्रम्प प्रशासन का आरोप है कि मादुरो सरकार अमेरिका में ड्रग्स की तस्करी को बढ़ावा दे रही है।
हमलों के बाद वेनेज़ुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो ने इसे “साम्राज्यवादी आक्रमण” बताते हुए देश में इमरजेंसी घोषित कर दी। उन्होंने सेना और आम जनता से देश की सुरक्षा के लिए सड़कों पर उतरने की अपील की। मादुरो ने अपने बयान में कहा कि यह हमला केवल वेनेजुएला की संप्रभुता पर नहीं, बल्कि उसके तेल और अन्य प्राकृतिक संसाधनों को हथियाने की साज़िश है।
इसी बीच ताज़ा घटनाक्रम में, डोनाल्ड ट्रम्प ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म “ट्रुथ सोशल” पर एक पोस्ट में दावा किया है कि वेनेज़ुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को उनकी पत्नी सिलिया फ्लोरेस के साथ पकड़ लिया गया है और उन्हें देश से बाहर ले जाया गया है। ट्रम्प के अनुसार, यह कार्रवाई अमेरिकी लॉ एनफोर्समेंट एजेंसियों द्वारा की गई है। इस पूरे घटनाक्रम के बीच ट्रम्प ने फ्लोरिडा स्थित “मार-ए-लागो” रिसॉर्ट में एक अहम बैठक भी बुलाई है, जहां आगे की रणनीति को लेकर विस्तृत जानकारी दिए जाने की बात कही गई है।