मणिपुर के उखरूल (Ukhrul) जिले से एक बार फिर हिंसा और तनाव की खबरें सामने आ रही हैं। पिछले कुछ दिनों से शांत दिख रहे इस इलाके में अचानक भड़की आगजनी और गोलीबारी के बाद स्थानीय प्रशासन ने सख्त कदम उठाए हैं। हालात को काबू में करने के लिए पूरे जिले में कर्फ्यू लगा दिया गया है और अगले 5 दिनों तक इंटरनेट सेवाओं पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। जानकारी के मुताबिक, इस हिंसा की शुरूआत शनिवार की रात से हुई थी। बताया जा रहा है कि लिटान (Litan) इलाके में तंगखुल नागा (Tangkhul Naga) समुदाय के एक व्यक्ति पर कुछ कुकी-जो (Kuki-Zo) लोगों ने हमला कर दिया था। हालांकि शुरूआत में मिल-बैठकर इस मामले को सुलझाने की कोशिश की गई थी, लेकिन रविवार शाम होते होते स्थिति बिगड़ गई और दोनों पक्षों के बीच झड़पें हुई। इससे माहौल तनावपूर्ण बन गया।
आगजनी और दहशत का माहौल जल्द ही गंभीर हिंसा में बदल गया। हथियारबंद लोगों ने लिटान सारेइखोंग (Litan Sareikhong) और उसके आसपास के गांवों में कई घरों को आग के हवाले कर दिया। आगजनी की इन घटनाओं के साथ-साथ हवा में कई राउंड फायरिंग भी की गई, जिससे स्थानीय लोगों में डर बैठ गया। इसी दहशत के कारण लोग अपने घरों को छोड़कर सुरक्षित स्थानों की ओर भागने को मजबूर हो गए। बताया जा रहा है कि अज्ञात संदिग्धों ने आसपास के इलाके में 18 से अधिक घरों में आग लगा दी और मंगलवार सुबह तक जले हुए घरों की कुल संख्या बढ़कर लगभग 50 हो गई है। हालात बिगड़ते देखकर धारा 163 लागू कर दी गई है। इलाके में भारी सुरक्षाबल तैनात किया गया है, ताकि जल्द से जल्द शांति बहाल हो सके।
इससे पहले मणिपुर के नए मुख्यमंत्री युमनाम खेमचंद सिंह (Yumnam Khemchand Singh) ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट के माध्यम से सभी समुदायों से शांति बनाए रखने का आग्रह किया था। उन्होंने इम्फाल स्थित रीजनल इंस्टिट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (RIMS) जाकर घायल लोगों से मुलाकात की और सभी आवश्यक चिकित्सा सहायता का आश्वासन दिया। उन्होंने घायलों के जल्द ठीक होने की कामना भी की। मणिपुर में जातीय हिंसा की आग अब तक बुझी नहीं थी कि इस नई हिंसा ने सरकार और आम जनता की चिंताओं को बहुत ज्यादा बढ़ा दिया है।