पुणे के पास स्थित शिवनेरी किला, जो छत्रपति शिवाजी महाराज की जन्मस्थली है, वहां आज शिव जयंती के अवसर पर एक दुखद हादसा हो गया। हर साल की तरह इस वर्ष भी हजारों शिवभक्त श्रद्धा व्यक्त करने, दर्शन-पूजा और विभिन्न कार्यक्रमों में शामिल होने के लिए किले पर पहुंचे थे, लेकिन भारी भीड़ के कारण भगदड़ जैसी स्थिति बन गई। जानकारी के अनुसार, इस अफरा-तफरी में करीब 20 लोग घायल हो गए, जिनमें महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं।
घटना की शुरुआत बुधवार रात से ही हो गई थी। महाराष्ट्र के विभिन्न हिस्सों से युवा “शिव ज्योत” लेकर किले पर पहुंचने लगे थे। सुबह तक भीड़ इतनी बढ़ गई कि वहां पैर रखने तक की जगह नहीं बची। किले के प्रवेश द्वार हाथी दरवाजा और गणेश दरवाजा काफी संकरे हैं। जब एक साथ हजारों लोगों ने इन दरवाजों से अंदर जाने और बाहर निकलने की कोशिश की, तो धक्का-मुक्की शुरू हो गई। कुछ लोग कतार छोड़कर किले की जर्जर दीवारों के किनारे से रास्ता निकालने की कोशिश करने लगे। इसी दौरान एक रेलिंग टूट गई, जिससे लोग घबरा गए और इधर-उधर भागने लगे, जिससे भगदड़ मच गई।
हादसे के बाद स्थानीय व्यवस्थाओं को लेकर भी सवाल उठे। बताया जा रहा है कि पुलिस बल पर्याप्त संख्या में मौजूद नहीं था और भीड़ नियंत्रण की व्यवस्था भी पूरी तरह प्रभावी नहीं थी, जिससे स्थिति बिगड़ गई। घटना के तुरंत बाद मौके पर मौजूद स्वयंसेवकों और पुलिसकर्मियों ने घायलों को सुरक्षित बाहर निकाला। सभी घायलों को पास के अस्पताल में भर्ती कराया गया है। राहत की बात यह है कि किसी की मौत होने की खबर नहीं है। हालांकि कई लोगों को हाथ-पैर में चोटें आई हैं और कुछ लोग दम घुटने के कारण बेहोश हो गए थे। फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है और पुलिस ने लोगों से संयम बनाए रखने तथा किसी भी प्रकार की अफवाह पर ध्यान न देने की अपील की है। ड्रोन के जरिए पूरे क्षेत्र पर नजर रखी जा रही है।
भगदड़ जैसी स्थिति के बावजूद शिव जन्मोत्सव का कार्यक्रम तय समय पर आयोजित किया जाएगा। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के समारोह में शामिल होने की संभावना है। आगे किसी भी अप्रिय स्थिति से बचने के लिए सभी आने-जाने के रास्तों पर सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है।