नई दिल्ली के भारत मंडपम में चल रहे एआई समिट 2026 का आज चौथा दिन रहा और यह दिन पूरे आयोजन का सबसे अहम दिन बन गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने समिट को संबोधित करते हुए दुनिया के सामने भारत का एआई विजन विस्तार से रखा। कार्यक्रम में देश-विदेश की कई बड़ी हस्तियां मौजूद रहीं। गूगल के सीईओ सुंदर पिचाई, ओपनएआई के सीईओ सैम ऑल्टमैन, एंथ्रोपिक के सीईओ डारियो अमोदेई, टाटा संस के चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन सहित कई प्रमुख लोग इसमें शामिल हुए। ब्राजील के राष्ट्रपति लूला दा सिल्वा और फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों सहित अन्य अतिथि भी कार्यक्रम में उपस्थित रहे।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संबोधन की शुरुआत करते हुए कहा, “मैं आप सभी का विश्व के इस ऐतिहासिक एआई समिट में स्वागत करता हूं। भारत विश्व के सबसे बड़े टेक टैलेंट पूल का केंद्र है। यह ग्लोबल साउथ के लिए गर्व की बात है कि एआई समिट का आयोजन भारत में हो रहा है।” उन्होंने कहा, “जब पहली बार वायरलेस तरीके से सिग्नल भेजे गए थे, तब किसी ने कल्पना भी नहीं की थी कि एक दिन पूरी दुनिया रियल टाइम में एक-दूसरे से जुड़ जाएगी। एआई मानव इतिहास का एक ऐसा ही परिवर्तन है। आज हम जो देख रहे हैं, जो भी अनुमान लगा रहे हैं, वह तो इसके प्रभाव की बस शुरुआत है।"
प्रधानमंत्री ने कहा कि दुनिया भर के युवा जिस तेजी से एआई को अपना रहे हैं, वह उत्साहजनक है। उन्होंने साफ किया कि भारत के लिए एआई केवल इनोवेशन नहीं, बल्कि “सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय” का रास्ता है। यानी ऐसी तकनीक जो समाज के हर वर्ग तक पहुंचे। उनका कहना था कि एआई का फायदा केवल बड़े शहरों या अमीर तबकों तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि गांव, गरीब और वंचित लोगों तक भी पहुंचे। उन्होंने एआई की दिशा और नियंत्रण पर भी जोर दिया। उनके मुताबिक एआई को खुला अवसर मिलना चाहिए, लेकिन उसका अंतिम नियंत्रण इंसान के हाथ में रहना जरूरी है। उन्होंने जीपीएस का उदाहरण देते हुए कहा कि तकनीक रास्ता दिखाती है, पर फैसला इंसान ही करता है। इसी सोच के साथ उन्होंने M.A.N.A.V विजन प्रस्तुत किया, जिसमें M का मतलब Moral & Ethical Systems, A का मतलब Accountable Governance, N का मतलब National Sovereignty, A का मतलब Accessible & Inclusive और V का मतलब Valid & Legitimate है।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि दशकों पहले, जब इंटरनेट शुरू हुआ था, तो कोई सोच भी नहीं सकता था कि यह कितनी नौकरियां पैदा करेगा। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि आज एआई के लिए भी यही सच है, क्योंकि यह अंदाजा लगाना मुश्किल है कि भविष्य में किस तरह की नौकरियां आएंगी। उन्होंने कहा कि एआई काम को ज्यादा स्मार्ट, ज्यादा कुशल और ज्यादा असरदार बनाएगा, जिससे बेहतर डिजाइन, तेजी से काम और बेहतर फैसले लेने में मदद मिलेगी।