भारत की यूरोप से दोस्ती मजबूत, स्पेन-फिनलैंड संग नई रणनीतिक साझेदारी

इन बैठकों से साफ है कि भारत यूरोपीय देशों के साथ अपने संबंधों को नई ऊंचाई देने की दिशा में सक्रिय है।

भारत की यूरोप से दोस्ती मजबूत, स्पेन-फिनलैंड संग नई रणनीतिक साझेदारी

पीएम मोदी ने आज स्पेन के राष्ट्रपति सांचेज और फिनलैंड के प्रधानमंत्री ओर्पो से की मुलाकात।

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Highlights

  • भारत-स्पेन ने रक्षा, तकनीक और डिजिटल सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया।
  • 2026 को “भारत-स्पेन संस्कृति वर्ष” के रूप में मनाया जा रहा है।
  • भारत-फिनलैंड ने व्यापार दोगुना करने और 6G व क्लीन एनर्जी में साझेदारी बढ़ाने का लक्ष्य रखा।

स्पेन के राष्ट्रपति पेड्रो सांचेज (Pedro Sánchez) ने आज 18 फरवरी को नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। ये मुलाकात भारत और स्पेन के रिश्तों को और मजबूत करने की दिशा में एक अहम कदम मानी जा रही है। दोनों नेताओं के बीच कई अहम मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई। इस बैठक में सुरक्षा, तकनीक और डिफेंस जैसे विषयों पर खास जोर दिया गया। खास तौर पर तकनीक और डिजिटल क्षेत्रों में साझेदारी बढ़ाने को लेकर सहमति बनी। दोनों देश साल 2026 को भारत-स्पेन संस्कृति, पर्यटन और AI के साल (India-Spain Year of Culture, Tourism and AI) के रूप में मना रहे हैं।

इसका उद्देश्य दोनों देशों के बीच जुड़ाव को और गहरा करना है। पर्यटन को बढ़ावा देने के जरिए दोनों देशों के रिश्तों को नई दिशा देने की योजना है। इस दौरान स्पेन से विश्वविद्यालयों का एक बड़ा प्रतिनिधिमंडल भी भारत आया था, जो दोनों देशों के शैक्षणिक सहयोग (Academic Collaboration) के लिए बहुत सकारात्मक माना जा रहा है। प्रधानमंत्री मोदी ने इस मुलाकात को बहुत उपयोगी और सार्थक बताया। उन्होंने कहा कि यूरोपियन यूनियन के साथ ऐतिहासिक फ्री ट्रेड एग्रीमेंट स्पेन के साथ आर्थिक साझेदारी पर बहुत सकारात्मक प्रभाव डालेगा और हमारे देशों के लोगों को नए अवसर प्रदान करेगा।

इसी दिन प्रधानमंत्री मोदी ने फिनलैंड के प्रधानमंत्री पेटेरी ओर्पो (Petteri Orpo) से भी मुलाकात की। उन्होंने प्रधानमंत्री ओर्पो भारत-यूरोपियन यूनियन फ्री ट्रेड एग्रीमेंट को उनके व्यक्तिगत समर्थन के लिए धन्यवाद दिया, जिससे भारत-यूरोप संबंधों में एक स्वर्णिम युग की शुरुआत हुई है। इस बैठक में दोनों देशों ने आपसी व्यापार को दोगुना करने का लक्ष्य रखा। आर्थिक सहयोग को और मजबूत करने के लिए ठोस कदम उठाने पर भी चर्चा हुई। भारत को फिनलैंड के बीच भविष्य की तकनीकों जैसे 6G, इनोवेशन, क्लीन एनर्जी, बायो-फ्यूल और सर्कुलर इकोनॉमी जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर भी बातचीत हुई। इन बैठकों से साफ है कि भारत यूरोपीय देशों के साथ अपने संबंधों को नई ऊंचाई देने की दिशा में सक्रिय है। तकनीक, व्यापार और सांस्कृतिक सहयोग के जरिए भारत वैश्विक स्तर पर अपनी साझेदारियों को और मजबूत कर रहा है।

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