राज्यसभा चुनाव का बजा बिगुल, 10 राज्यों की 37 सीटों पर 16 मार्च को मतदान

जिन राज्यों में चुनाव होने हैं उनमें महाराष्ट्र, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल, बिहार, ओडिशा, असम, हिमाचल प्रदेश, हरियाणा, तेलंगाना और छत्तीसगढ़ शामिल है।

राज्यसभा चुनाव का बजा बिगुल, 10 राज्यों की 37 सीटों पर 16 मार्च को मतदान

महाराष्ट्र, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल समेत 10 राज्यों में होगा राज्यसभा चुनाव।

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Highlights

  • नामांकन 5 मार्च तक और वोटों की गिनती 16 मार्च शाम से शुरू होगी।
  • शरद पवार समेत कई बड़े नेताओं का कार्यकाल अप्रैल में खत्म होगा।
  • महाराष्ट्र और तमिलनाडु में सबसे ज्यादा सीटें खाली हो रही है।

चुनाव आयोग ने हाल ही में खाली हो रही राज्यसभा की सीटों को भरने के लिए बिगुल फूंक दिया है। चुनाव आयोग की घोषणा के मुताबिक, देश के 10 राज्यों की 37 सीटों के लिए 16 मार्च को मतदान होगा। ये चुनाव इसलिए कराए जा रहे हैं क्योंकि इन सीटों पर काबिज सांसदों का कार्यकाल अप्रैल में खत्म होने जा रहा है। जिन राज्यों में चुनाव होने हैं उनमें महाराष्ट्र, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल, बिहार, ओडिशा, असम, हिमाचल प्रदेश, हरियाणा, तेलंगाना और छत्तीसगढ़ शामिल हैं। इनमें सबसे ज्यादा 7 सीटें महाराष्ट्र की खाली हो रही हैं, वहीं तमिलनाडु से 6 और पश्चिम बंगाल व बिहार से भी 5-5 सीटें खाली हो जाएंगी।

इस पूरी प्रक्रिया की शुरुआत 26 फरवरी को आधिकारिक नोटिफिकेशन जारी होने के साथ होगी। उम्मीदवारों के पास 5 मार्च तक अपना नामांकन दाखिल करने का समय होगा। उम्मीदवार 9 मार्च तक अपना नाम वापस ले सकते हैं। 16 मार्च को सुबह 9 बजे से शाम 4 बजे तक वोट डाले जाएंगे और शाम 5 बजे से वोटों की गिनती भी शुरू हो जाएगी, जिससे जल्द ही नतीजे सबके सामने आ जाएंगे। पूरी चुनावी प्रक्रिया 20 मार्च तक खत्म हो जाएगी। इस बार रिटायर होने वालों में कई बड़े नाम शामिल हैं।

इनमें महाराष्ट्र के दिग्गज नेता और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद पवार गुट) के अध्यक्ष शरद पवार, रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया (अठावले) के रामदास अठावले, शिवसेना (उद्धव बाळासाहेब ठाकरे) की प्रियंका चतुर्वेदी और भारतीय जनता पार्टी के भागवत कराड का नाम शामिल है। बात करें बिहार की तो राज्यसभा के उपसभापति और जनता दल (यूनाइटेड) के हरिवंश नारायण सिंह और केंद्रीय मंत्री रामनाथ ठाकुर का कार्यकाल भी अप्रैल 2026 में खत्म होने जा रहा है। इनके अलावा राष्ट्रीय जनता दल के सीनियर नेता प्रेम चंद गुप्ता भी अप्रैल में रिटायर हो जाएंगे। अन्य राज्यों की बात करें तो तमिलनाडु से अखिल भारतीय अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कळगम के एम. थंबीदुरई और तमिल मानीला कांग्रेस (मूपनार) के जी.के. वासन, तेलंगाना से कांग्रेस नेता अभिषेक मनु सिंघवी, असम से भारतीय जनता पार्टी के रामेश्वर तेली और भुवनेश्वर कलिता, हरियाणा से भारतीय जनता पार्टी की किरण चौधरी और पश्चिम बंगाल से भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) के विकास रंजन भट्टाचार्य जैसे प्रचलित नामों का कार्यकाल खत्म होने जा रहा है।

इन 37 सीटों में से 10 सीटें तो पहले ही भारतीय जनता पार्टी के खाते में जाने की पूरी-पूरी संभावना है। वहीं जनता दल (यूनाइटेड) के खाते में 2 और शिवसेना व राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी को 1-1 सीटें मिल सकती हैं। बात करें गैर-NDA पार्टियों की तो कांग्रेस 4 सीटों पर कब्जा जमा सकती है। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद पवार गुट), राष्ट्रीय जनता दल और शिवसेना (उद्धव बाळासाहेब ठाकरे) का भविष्य अंधकार में जाता हुआ दिखाई दे रहा है क्योंकि कुछ समय पहले हुए चुनावों में उन्हें बुरी तरह हार का सामना करना पड़ा था। उनके पास राज्यसभा में एक सांसद भेजने जितनी भी सीटें मौजूद नहीं हैं।

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