बिहार से नक्सलवाद को खत्म करने की दिशा में एक बहुत बड़ी खबर सामने आई है। राज्य के खूंखार और अंतिम हथियारबंद माने जाने वाले माओवादी कमांडर सुरेश कोड़ा उर्फ मुस्तकीम ने आखिरकार पुलिस के सामने अपने घुटने टेक ही दिए। मुंगेर में आयोजित एक कार्यक्रम में सुरेश कोड़ा ने हथियारों के साथ बिहार स्पेशल टास्क फोर्स (STF) के सामने सरेंडर कर दिया। सुरेश कोड़ा पर सरकार ने 3 लाख रूपए का इनाम रखा था। साथ ही वो पिछले 25 सालों से फरार चल रहा था। उसके सरेंडर के साथ बिहार पुलिस ने दावा किया है कि राज्य अब पूरी तरह से सशस्त्र नक्सलवाद से मुक्त हो चुका है। पुलिस का कहना है कि अब बिहार की सीमा के भीतर कोई भी बड़ा हथियारबंद दस्ता सक्रिय नहीं बचा है।
कोड़ा खुद को स्पेशल एरिया कमेटी (SAC) का कमांडर बताता था और प्रतिबंधित कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया (माओवादी) के जेबी जोन की बिहार-झारखंड स्पेशल जोनल कमेटी का सदस्य था। पुलिस के रिकॉर्ड के मुताबिक, सुरेश पर 60 से ज्यादा आपराधिक मामले दर्ज थे, जिनमें पुलिस जवानों और पंचायत सदस्यों की हत्या, कंस्ट्रक्शन कंपनियों की गाड़ियों में आग लगाना और इन कंपनियों में काम करने वाले मजदूरों का अपहरण करना भी शामिल है। उसने दो चौकीदारों की भी हत्या की, साथ ही वो कई मुठभेड़ों में भी शामिल रहा है। पुलिस लंबे समय से उसकी तलाश कर रही थी, लेकिन वो हर बार बच निकलता था। पुलिस का मानना है कि पिछले कुछ समय में किए गए ऑपरेशनों और सरकार की पुनर्वास नीति के कारण नक्सली संगठन कमजोर हुए हैं।
सरेंडर के दौरान सुरेश कोड़ा ने पुलिस को हथियारों का एक भंडार भी सौंपा है। इनमें दो INSAS राइफलें, एक AK-47, एक AK-56 असॉल्ट राइफल और एम्यूनिशन के 500 से अधिक राउंड भी शामिल है। सरकार की नीति के मुताबिक, अब उसे समाज की मुख्यधारा से जोड़ा जाएगा। स्थानीय सरकार सुरेश कोड़ा को सरेंडर पॉलिसी के तहत 5 लाख रूपए और करीब तीन सालों तक 10 हजार रूपए देगी। इसके अलावा उसने जो हथियार सरेंडर किए हैं, उसके लिए भी उसे अलग से मुआवजा दिया जाएगा। पुलिस का कहना है कि अब राज्य में कोई बड़ा दस्ता सक्रिय नहीं है लेकिन निगरानी जारी रहेगी, ताकि भविष्य में कोई हथियार न उठा ले। इससे पहले दिसंबर 2025 में 3 नक्सलियों ने सरेंडर किया था। वहीं साल 2025 के दौरान राज्य भर में कुल 220 माओवादियों को गिरफ्तार किया था। इस दौरान सुरक्षाबलों ने 100 से अधिक डेटोनेटर्स और 30 से अधिक हथियार भी बरामद किए थे।