अयोध्या के प्रसिद्ध श्रीराम मंदिर में चढ़ावा चोरी विवाद देशभर में काफी चर्चा में है। आज उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ स्वयं भी अयोध्या पहुंचे, जहां उन्होंने रामलला और हनुमान गढ़ी जाकर भगवान हनुमान के दर्शन भी किए। मुख्यमंत्री ने आज अयोध्या जिले के रूदौली विधानसभा क्षेत्र में 378 करोड़ रूपए से अधिक की लागत वाली कई विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास भी किया। इस दौरान उन्होंने वीरांगना झलकारी बाई की एक प्रतिमा का अनावरण भी किया। उन्होंने एक जनसभा को भी संबोधित किया, जिसमें योगी ने विपक्षी समाजवादी पार्टी (SP) और कांग्रेस पर जमकर निशाना साधा। इस जनसभा में भारतीय जनता पार्टी (BJP) के कई नेता एवं पदाधिकारी भी उपस्थित थे।
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि विपक्ष के लोग 'जय श्री राम' का नारा लगाने पर लाठी और गोली चलवाते थे। इनके दोगले चरित्र को देखिए। श्रीराम मंदिर न बन पाए, इसके लिए कांग्रेस ने एड़ी-चोटी का जोर और अपनी पूरी ताकत लगा दी थी। मुख्यमंत्री ने कहा कि इसी कांग्रेस ने बड़ी बेशर्मी के साथ सुप्रीम कोर्ट में कहा था कि राम तो हुए ही नहीं। जिन्होंने आपके सामने स्वयं पहचान का संकट खड़ा किया था, वही कांग्रेस आज अयोध्या पर बड़ी मचल रही है। योगी आदित्यनाथ ने SP पर भी बरसते हुए कहा, "इनके दोहरे चरित्र को देखिए। कहती है कि रामभक्तों का अपमान हुआ है। कारसेवकों पर गोली चलाने वाले और 'जय श्री राम' बोलने पर लाठियां भांजने वाले लोग आज उपदेश देने चले हैं।"
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हालिया विवाद को लेकर भी बताया कि, हमने श्रीराम जन्मभूमि ट्रस्ट के अनुरोध पर स्पेशल इन्वेस्टीगेशन टीम (SIT) की जांच भी बैठाई है। SIT 'दूध का दूध और पानी का पानी' करके रहेगी। हालांकि इस दौरान उन्होंने एक अनुरोध भी किया। योगी ने कहा कि कोई पक्ष ऐसी अनर्गल टिप्पणी करे, जिससे रामभक्तों की भावनाएं आहत हो। उन्होंने कहा कि यदि किसी के पास इस मामले से जुड़े सबूत हो तो तुरंत SIT को उपलब्ध करवा दें। मुख्यमंत्री ने सभी रामभक्तों से अपील करते हुए कहा कि प्रभु श्रीराम ने हमें मर्यादा में रहने का पाठ पढ़ाया है और मर्यादित रहने का आचरण सिखाया है। उसी मर्यादा का पालन करते हुए हमनें 500 वर्षों तक संघर्ष किया है। 15 दिन और इंतजार कर लें।
उन्होंने जनता से कहा कि अयोध्या एवं श्रीराम जन्मभूमि मंदिर को अपमानित करने वालों के बहकावे में न आएं। योगी ने आगे कहा, "वे कभी नहीं चाहेंगे कि अयोध्या को सम्मान मिले, क्योंकि वे स्वयं क्षमता विहीन थे। उन्होंने अयोध्या को बिजली तक नहीं दी और इसे संकरी गलियों तक ही बांध कर रख दिया था। आज, वे दुष्प्रचार के जरिए अयोध्या धाम को अपमानित करते हैं, जो सप्तपुरियों में सबसे पहली है।"