लगातार कई चुनौतियों से जूझ रही पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को नया झटका मिले है। उनके एक और करीबी नेता ज्योतिप्रिय मल्लिक ने तृणमूल कांग्रेस (TMC) में सभी पदों से इस्तीफा दे दिया है। जानकारी के अनुसार, कुछ दिन पूर्व ही उन्हें पार्टी की नेशनल वर्किंग कमेटी में शामिल किया गया था। उन्होंने कहा, "अपनी बेहद खराब सेहत की वजह से मैंने TMC के सभी पदों से इस्तीफा दे दिया है।" ज्योतिप्रिय 2001 से 2011 तक गायघाटा और 2011 से 2026 तक हाबरा विधानसभा सीट से विधायक भी रह चुके हैं। वो खाद्य एवं आपूर्ति मंत्रालय और वन मंत्रालय की जिम्मेदारी भी संभाल चुके हैं।
ज्योतिप्रिय उत्तर 24 परगना जिले के सबसे प्रभावशाली नेताओं में से एक माने जाते हैं। पिछले दो दशकों में TMC संगठन को इस जिले में मजबूत करने में उनकी अहम भूमिका बताई जाती है। दूसरी ओर TMC के ही एक अन्य अनुभवी नेता गौतम देव ने भी सिलीगुड़ी नगर निगम (SMC) के मेयर पद से इस्तीफा दे दिया है। वो फरवरी 2022 से इस पद पर आसीन थे। गौतम भी 2011 से 2021 तक डाबग्राम-फूलबाड़ी से विधायक और उत्तर बंगाल विकास मंत्री एवं पर्यटन मंत्री के रूप में काम कर चुके हैं। फिलहाल वो सिलीगुड़ी में वॉर्ड नं. 33 से पार्षद के तौर पर कार्यरत थे।
इसके पीछे कई कारण बताए जा रहे हैं। माना जा रहा है कि अब वो पार्टी संगठन में अधिक सक्रिय होकर काम करेंगे। इसके अलावा जलपाईगुड़ी, अलीपुरद्वार, दार्जीलिंग और कूच बिहार जैसे लोकसभा क्षेत्रों में भी TMC का प्रदर्शन काफी खराब रहा है। 2026 के चुनावों में इन क्षेत्रों की विधानसभा सीटों में अधिकतर पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) के उम्मीदवारों ने कब्जा जमाया था। ये भी उनके इस्तीफे के एक कारण माना जा सकता है। खबरों की मानें तो गौतम देव ने कहा कि सिलीगुड़ी की जनता ने BJP पर भरोसा जताया है और जनता के जनादेश के खिलाफ मेयर की कुर्सी पर बने रहना उनके लिए उचित नहीं होगा।
एक अन्य घटनाक्रम में, TMC नेता और डायमंड हार्बर से सांसद अभिषेक बनर्जी आज लोकसभा स्पीकर ओम बिरला से मुलाकात करेंगे। वे पार्टी के 20 सांसदों के बागी गुट को मान्यता दिए जाने का विरोध कर रहे हैं और इस मुद्दे पर अपना पक्ष रखेंगे।