झारखंड की 2 राज्यसभा सीटों पर वोटिंग, परिमल नाथवानी के मैदान में उतरने से क्रॉस वोटिंग का डर

बात करें मध्य प्रदेश की, तो यहां से BJP के तरूण चुग, रजनीश अग्रवाल और महेश केवट निर्विरोध चुने जा चुके हैं। कुछ यही हाल आंध्र प्रदेश का भी है, जहां तेलुगू देशम पार्टी (TDP) के सना सतीश बाबू, भाष्यम राम कृष्ण और सी. विजय एवं उपमुख्यमंत्री पवन कल्याण की जन सेना पार्टी (JSP) के एल. रमेश निर्विरोध जीत चुके हैं।

झारखंड की 2 राज्यसभा सीटों पर वोटिंग, परिमल नाथवानी के मैदान में उतरने से क्रॉस वोटिंग का डर

झारखंड से कांग्रेस के प्रणव झा, JMM के बैद्यनाथ राम और परिमल नाथवानी मैदान में है।

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Highlights

  • मिज़ोरम में ZPM प्रत्याशी के. लालत्लुआंगकिमा और MNF की ज़ोथानसांगी हमार के बीच मुकाबला है।
  • गुजरात से भाजपा के राजुभाई शुक्ला, मुकेशभाई राठवा, मानसिंह परमार और जीतेन्द्र मेघजीभाई कंजारिया जीत चुके है।
  • कर्नाटक से कांग्रेस के मल्लिकार्जुन खरगे, पवन खेड़ा और मंसूर अली खान निर्विरोध विजयी हो चुके है।

भारत में एक बार फिर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। आज देश के ऊपरी सदन यानी राज्यसभा के लिए चुनाव जारी है। ये चुनाव 10 राज्यों में खाली हो रही सीटों को भरने के लिए कराए जा रहे हैं। हालांकि कई राज्यों में तस्वीर पहले ही साफ भी हो चुकी है। सर्वप्रथम बात करें झारखंड की, तो यहां 2 सीटों पर चुनाव जारी हैं। झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) की ओर से बैद्यनाथ राम और कांग्रेस की तरफ से प्रणव झा मैदान में उतरे हैं। हालांकि तीसरे प्रत्याशी के रूप में भारतीय जनता पार्टी (BJP) वाले NDA ने इंडिपेंडेंट कैंडिडेट परिमल नाथवानी को अपना समर्थन दिया है। इससे ये चुनावी लड़ाई काफी दिलचस्प हो गई है। जहां JMM एक सीट जीत सकती है, वहीं दूसरी सीट पर पेंच फंस सकता है।

इस चुनाव में वोट करने के लिए NDA के सभी 24 विधायक बस से विधानसभा पहुंचे थे। कई BJP नेता परिमल नाथवानी की जीत को लेकर बहुत आश्वस्त दिखे। वहीं बैद्यनाथ राम ने दोनों सीटें जीतने का दावा किया। चुनाव के दौरान, झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को BJP विधायकों के साथ बातचीत करते और चाय पीते हुए भी देखा गया। दूसरी ओर, मिज़ोरम की एकमात्र सीट पर भी मतदान शुरू हो चुका है। यहां ज़ोरम पीपल्स मूवमेंट (ZPM) और मिज़ो नेशनल फ्रंट (MNF) के प्रत्याशियों के बीच मुकाबला है। सत्ताधारी ZPM ने अपने प्रवक्ता के. लालत्लुआंगकिमा (K. Laltluangkima) को उम्मीदवार बनाया है, जबकि MNF ने ज़ोथानसांगी हमार (Zothansangi Hmar) को मैदान में उतारा है। इन चुनावों में मुख्यमंत्री लालदुहोमा (Lalduhoma) ने सबसे पहले वोट डाला। 

हालांकि BJP और कांग्रेस ने इस वोटिंग से दूर रहने का फैसला किया है। बात करें मध्य प्रदेश की, तो यहां से BJP के तरूण चुग, रजनीश अग्रवाल और महेश केवट निर्विरोध चुने जा चुके हैं। कुछ यही हाल आंध्र प्रदेश का भी है, जहां तेलुगू देशम पार्टी (TDP) के सना सतीश बाबू, भाष्यम राम कृष्ण और सी. विजय एवं उपमुख्यमंत्री पवन कल्याण की जन सेना पार्टी (JSP) के एल. रमेश निर्विरोध जीत चुके हैं। राजस्थान से BJP के दोनों प्रत्याशी डॉ. सतीश पूनिया और डॉ. अलका गुर्जर एवं कांग्रेस के नीरज डांगी, गुजरात से BJP के राजुभाई शुक्ला, मुकेशभाई राठवा, मानसिंह परमार और जीतेन्द्र मेघजीभाई कंजारिया भी बिना किसी विरोध राज्यसभा के लिए चुने जा चुके हैं।

अरूणाचल प्रदेश से BJP के ताई तागाक और मणिपुर से ए. शारदा देवी, मेघालय से नेशनल पीपल्स पार्टी (NPP) के जेम्स संगमा भी ऊपरी सदन के लिए चुने गए हैं। कांग्रेस के लिए दक्षिणी भारत के राज्य ही कुछ राहत लेकर आए। कर्नाटक से मल्लिकार्जुन खरगे, पवन खेड़ा और मंसूर अली खान जीत चुके हैं। कर्नाटक से BJP के एम. नागराज को भी जीत मिली है। उप-चुनावों पर नजर डालें, तो ओडिशा से BJP के देबाशीष सामंतराय, महाराष्ट्र से राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के राजेंद्र जैन और तमिलनाडु से कांग्रेस के प्रवीण चक्रवर्ती को भी बिना किसी अड़चन जीत मिली है।

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