बारुईपुर रेप और मर्डर केस, आरोपी प्रभास मंडल क्राइम सीन रिक्रिएशन के दौरान एनकाउंटर में ढेर

पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने भी इस मामले में पहले ही कह दिया था कि अगर कोई अधिकारी लापरवाही या कार्रवाई में देरी का दोषी पाया जाता है, तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। किसी को भी बक्शा नहीं जाएगा। यह सिर्फ बारुईपुर की घटना नहीं है, हम पहले दिन से ही यह सुनिश्चित करने के लिए काम कर रहे हैं कि राज्य में ऐसी घटनाएँ कहीं भी न हों।

बारुईपुर रेप और मर्डर केस, आरोपी प्रभास मंडल क्राइम सीन रिक्रिएशन के दौरान एनकाउंटर में ढेर

एनकाउंटर के बाद प्रभास मडंल को बारुईपुर अस्पताल ले जाया गया, जहां उसे मृत घोषित कर दिया गया।

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Highlights

  • खबर है की प्रभास मंडल ने पुलिस से हथियार छीनने और उन पर गोली चलाने की कोशिश की।
  • ममता गुट की लोकसभा सांसद महुआ मोइत्रा ने इसे जंगल राज तक करार दिया है।
  • एनकाउंटर के बाद आरोपी की मां ने कहा की उसे अपने किए की सजा मिल चुकी है।

पश्चिम बंगाल के बारुईपुर रेप और मर्डर केस में एक बड़ी खबर सामने आई है। 12 साल की बच्ची के साथ यौन उत्पीड़न के मुख्य आरोपी प्रभास मंडल की एक एनकाउंटर में मौत हो गई है। बारुईपुर के SP ने बताया कि जब अपराध वाली जगह पर क्राइम सीन को फिर से रीक्रिएट किया जा रहा था, तो मंडल ने पुलिस से हथियार छीनने और उन पर गोली चलाने की कोशिश की। इसके जवाब में पुलिस ने भी गोली चलाई, जो उसे लगी। खबरों के मुताबिक, इसके बाद उसे बारुईपुर अस्पताल ले जाया गया, जहाँ उसे मृत घोषित कर दिया गया।

फिलहाल आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी है। इस एनकाउंटर पर ममता गुट की लोकसभा सांसद महुआ मोइत्रा की प्रतिक्रिया भी सामने आई है। उन्होंने X पर लिखा, "बारुईपुर रेप और मर्डर केस का आरोपी एनकाउंटर में मारा गया है! पश्चिम बंगाल पुलिस, यह क्या हो रहा है? बंगाल के लोगों, नए बंगाल, उत्तर प्रदेश 2.0 का स्वागत करें। BJP-बंगाल कोई सरकार नहीं है। यह जंगल राज है।"

एनकाउंटर के बाद आरोपी की माँ ने पत्रकारों से बात करते हुए बताया, "दो पुलिसवाले मेरे घर आए थे। मैं उस समय सोकर ही उठी थी। उन्होंने मुझे बताया कि मेरा बेटा मर चुका है और पूछा कि क्या मैं अस्पताल जाना चाहूँगी। मैंने उनसे कहा कि मैं नहीं जा सकती क्योंकि मेरे पति बीमार हैं। मैंने उनसे कहा कि वे जो चाहें करें, मुझे कोई आपत्ति नहीं है। मेरे बेटे को उसके किए की सजा मिल चुकी है। मैं उसका शव नहीं लूँगी। मैं उसका शव घर वापस नहीं लाऊँगी। उसने कोई अच्छा काम नहीं किया है। उसने गलत काम किया और उसे उसकी सजा मिल गई है। उसे मार डालो या जो चाहो करो। मुझे कोई आपत्ति नहीं है। मैं उसका शव नहीं लूँगी।"

पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने भी इस मामले में पहले ही कह दिया था कि अगर कोई अधिकारी लापरवाही या कार्रवाई में देरी का दोषी पाया जाता है, तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। किसी को भी बक्शा नहीं जाएगा। यह सिर्फ बारुईपुर की घटना नहीं है, हम पहले दिन से ही यह सुनिश्चित करने के लिए काम कर रहे हैं कि राज्य में ऐसी घटनाएँ कहीं भी न हों।

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