भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इंडोनेशिया पहुंच चुके हैं। एयरपोर्ट पर उतरने के बाद राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो ने बड़ी गर्मजोशी से राष्ट्रपति मोदी का स्वागत किया। इसकी एक तस्वीर X पर साझा करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने लिखा, "एयरपोर्ट पर राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो के स्वागत करने के अंदाज से मैं बहुत प्रभावित हुआ। 2018 में हमने अपने रिश्तों को 'कॉम्प्रिहेंसिव स्ट्रेटेजिक पार्टनरशिप' के स्तर तक पहुँचाया, जिससे हमारे लोगों को फायदा हुआ है। इस यात्रा के दौरान, राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो और मैं अलग-अलग क्षेत्रों में इस साझेदारी को और मजबूत करने के मकसद से बातचीत करेंगे। राष्ट्रपति प्रबोवो और मैं योग्याकार्ता में प्रम्बानन मंदिर परिसर जाएँगे। इससे हमारे देशों के बीच सांस्कृतिक संबंध और गहरे होंगे।"
जकार्ता में उतरने से पहले, जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का विमान इंडोनेशिया के हवाई क्षेत्र में दाखिल हुआ, तो उसे F-16 और सुखोई-30 विमानों ने एस्कॉर्ट किया। इंडोनेशिया में रहने वाले भारतीय समुदाय ने भी बड़े स्नेह के साथ उनका स्वागत किया। इसकी कुछ तस्वीरें भी सोशल मीडिया करते हुए उन्होंने बताया कि उनका स्नेह और भारत की प्रगति के प्रति उनकी गहरी प्रतिबद्धता वास्तव में प्रेरणादायक है। हमारा प्रवासी समुदाय विभिन्न क्षेत्रों में अपनी उपलब्धियों के माध्यम से दुनिया के साथ भारत के संबंधों को लगातार मजबूत कर रहा है। प्रधानमंत्री मोदी ने स्थानीय सांस्कृतिक समूह 'समन्वय' की भरतनाट्यम की शानदार प्रस्तुति भी देखी।
इसके अलावा, उन्होंने इंडोनेशिया की मशहूर शैडो पपेट्री परंपरा वायांग कुलित (Wayang Kulit) की प्रस्तुति भी देखी, जिसमें रामायण की कालजयी कहानी को जीवंत किया गया। आज जकार्ता में राष्ट्रपति भवन, इस्ताना मर्देका (Istana Merdeka) में प्रधानमंत्री मोदी का भव्य औपचारिक स्वागत (Ceremonial Welcome) किया गया। इसके बाद, उन्होंने राष्ट्रपति सुबियांतो के साथ द्विपक्षीय बैठक की। प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति सुबियांतो ने भारत और इंडोनेशिया के बीच समझौतों के आदान-प्रदान को भी देखा। खबरों के अनुसार, अंतरिक्ष, खनिज, टेक्नोलॉजी, आपदा प्रबंधन, मेडिकल प्रोडक्ट रेगुलेशन और कृषि के क्षेत्रों में समझौतों (MoUs) पर हस्ताक्षर किए गए हैं।
दोनों नेताओं ने आज एक संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में भी हिस्सा लिया। राष्ट्रपति सुबियांतो ने घोषणा की कि इंडोनेशिया ने प्रधानमंत्री मोदी को अपने सर्वोच्च सम्मान, 'बिंतांग आदिपूर्ण' (Bintang Adipurna of the Republic of Indonesia) मेडल से सम्मानित किया है। प्रधानमंत्री मोदी ने इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि हमारे देशों के बीच बढ़ता भरोसा हमारे रक्षा, सुरक्षा और समुद्री सहयोग को मजबूत कर रहा है। आज हमने रक्षा क्षेत्र में आदान-प्रदान, आपदा प्रबंधन और औद्योगिक सहयोग को बढ़ाने पर सहमति जताई है। हमारे कोस्ट गार्ड अब हिंद महासागर में समुद्री सुरक्षा के लिए मिलकर काम करेंगे। समुद्री क्षेत्र से जुड़े दो करीबी देशों के तौर पर, हमने ब्लू इकोनॉमी, बंदरगाहों के विकास और समुद्री व्यापार में आपसी सहयोग को बढ़ाने का भी फैसला किया है।
प्रधानमंत्री मोदी ने बताया कि कल मुझे राष्ट्रपति प्रबोवो के साथ योग्याकार्ता में प्रम्बानन मंदिर के संरक्षण प्रोजेक्ट की शुरुआत करने का सौभाग्य मिलेगा। एक हजार साल से भी अधिक पुराना प्रम्बानन मंदिर, भारत और इंडोनेशिया की साझा सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक है। हमारे दोनों देश गुरुदेव रवींद्रनाथ टैगोर की इंडोनेशिया की ऐतिहासिक यात्रा की शताब्दी बहुत उत्साह के साथ मनाएंगे। महान शिक्षाविद और इंडोनेशिया के पहले शिक्षा मंत्री, देवान्तारा-जी ने देश के विकास के सफर में अहम भूमिका निभाई थी। शिक्षा पर उनके विचार गुरुदेव टैगोर की विचारधारा से बहुत प्रभावित थे। इसलिए, भारत और इंडोनेशिया इस शताब्दी वर्ष को 'टैगोर-देवान्तारा ईयर ऑफ कल्चरल एंड एजुकेशनल डिप्लोमेसी' के तौर पर मनाएंगे।