पश्चिम बंगाल के बारूईपुर में 12 साल की एक मासूम बच्ची के रेप और मर्डर का मामला राज्य में चर्चा का विषय बना हुआ है। इस दुखद घटना को लेकर अलग-अलग पार्टियों के नेताओं के बयान और प्रतिक्रियाएं भी सामने आ रही हैं। आज, नेशनलिस्ट सिटिजन्स पार्टी ऑफ इंडिया (NCPI) की सांसद सायोनी घोष ने पीड़ित परिवार से मुलाकात की।
मुलाकात के बाद मीडिया से बात करते हुए उन्होंने कहा कि आज मै पूरे परिवार से मिली। जब भी किसी बच्चे की जान जाती है, तो हमें भी दुख होता है। हम अपने मुख्यमंत्री से एक सच्ची जांच की उम्मीद करते हैं। दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए। उन्होंने आगे कहा कि, सभी जानते हैं कि मुख्यमंत्री ने हमें भरोसा दिलाया है कि इस मामले की पूरी जांच होगी। हम इसकी तह तक जाएंगे। भले ही ऐसा लगे कि इसमें सिर्फ दो, तीन या चार लोग शामिल हैं, लेकिन असल में यह एक बहुत बड़ा रैकेट है।
हमें भविष्य के लिए अपनी बेटियों की सुरक्षा और हिफाजत पक्की करनी होगी। सरकार नई है। इसे सत्ता में आए अभी सिर्फ दो महीने ही हुए हैं। कोई भी पार्टी ऐसी घटनाएं नहीं चाहती और कोई भी मुख्यमंत्री नहीं चाहता कि रेप जैसी घटना हो। चाहे वे भाजपा, तृणमूल या कांग्रेस से हों। लेकिन, जब ऐसी कोई घटना होती है, तो सबसे जरूरी बात यह होती है कि उसे कैसे संभाला जाता है। इसलिए, हमारे मुख्यमंत्री को इसे असरदार ढंग से संभालना चाहिए। इसमें शामिल सभी लोगों को मौत की सजा मिलनी चाहिए।
पश्चिम बंगाल की शहरी विकास और नगरपालिका मामलों की मंत्री अग्निमित्रा पॉल ने भी पीड़ित के घर का दौरा किया। उन्होंने कहा कि मेरे पास कहने के लिए शब्द नहीं हैं। हम महिला एवं बाल विकास विभाग की ओर से आए हैं। हम मुख्यमंत्री के प्रतिनिधियों के तौर पर यहां आए हैं, जिन्होंने हमें भेजा है। हम आपको भरोसा दिलाने आए हैं, जैसा कि मुख्यमंत्री ने पहले भी कई बार कहा है कि न्याय जरूर मिलेगा। यह पिछली सरकारों के कार्यकाल जैसा नहीं है, जहां ऐसी घटनाएं रोज होती थीं, लेकिन कभी न्याय नहीं मिलता था।
इंडियन सेक्युलर फ्रंट (ISF) के विधायक नौशाद सिद्दीकी ने कहा कि, हम चाहते हैं कि सत्ता में आने से पहले भाजपा का जो नारा था 'भरोसा इन, भय आउट', उसे अब लागू किया जाए। आरोपियों को फास्ट-ट्रैक कोर्ट के जरिए मौत की सजा दी जानी चाहिए। पीड़िता के लिए न्याय की मांग करते हुए, पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी भी सड़कों पर उतरीं।
वह मासूम लड़की पिछले शनिवार को दोपहर में एक दोस्त के लिए जन्मदिन का तोहफा लेने निकली थी और लापता हो गई। जब वह शाम तक घर नहीं लौटी, तो उसके परेशान परिवार वालों ने उसे खोजना शुरू किया। अगले दिन, रविवार को, एक तालाब में बोरी के अंदर उसकी लाश मिली। इसके तुरंत बाद, गुस्साए स्थानीय लोगों ने एक आदमी की पीट-पीटकर हत्या कर दी, क्योंकि उन्हें शक था कि लड़की के रेप और मर्डर में उसका हाथ था।
पुलिस का मानना है कि बच्ची को जिन्दा ही तालाब में फेंक दिया गया था, क्योंकि पोस्टमॉर्टम के दौरान उसके पेट और फेफड़ों में पानी मिला। फिलहाल इस मामले में तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है और मामले की जांच जारी है।