देश की राजधानी दिल्ली में चल रहा हंगामा कम होता नहीं दिख रहा है। इन विरोध-प्रदर्शनों का असर संसद में भी साफ दिख रहा है। लोकसभा और राज्यसभा, दोनों ही सदनों में कोई खास कामकाज नहीं हो पा रहा है। कार्यवाही के दौरान शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग ही छाई हुई है। आज लोकसभा में केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि पिछले तीन दिनों से हम कह रहे हैं कि सरकार NEET पेपर लीक के मुद्दे पर चर्चा के लिए पूरी तरह तैयार है।
उन्होंने कहा कि पहले दिन से ही हम कह रहे हैं कि चर्चा नियमों के मुताबिक होनी चाहिए। चर्चा कब होगी, कितनी देर तक चलेगी और किस नियम के तहत होगी, यह सब सभी पार्टियों के फ्लोर लीडर्स से बातचीत के बाद तय किया जाना चाहिए। सरकार NEET पेपर लीक के मुद्दे पर चर्चा के लिए तैयार है। सरकार चाहती है कि देश के युवाओं के भविष्य के लिए एक सार्थक चर्चा हो।
दूसरी ओर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के मुख्य प्रवक्ता सौरव दास ने मीडिया से बात करते हुए बताया कि आज सुबह पुलिस ने हमसे फिर संपर्क किया और बताया कि केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा हमसे बात करना चाहते हैं। उन्होंने हमें अपने घर बुलाया, लेकिन हमने साफ मना कर दिया। हम किसी के घर या ऑफिस नहीं जा रहे हैं। यहां जनता दरबार चल रहा है और अगर मंत्री बात करना चाहते हैं, तो उन्हें लोगों के बीच आना चाहिए। बातचीत जंतर-मंतर पर होनी चाहिए।
सौरव ने कहा कि अगर सरकार को विरोध स्थल पर सुरक्षा की चिंता है, तो हम जंतर-मंतर के पास किसी न्यूट्रल जगह पर मिलने को तैयार हैं। हम अभी भी उनके जवाब का इंतजार कर रहे हैं। उन्होंने आगे कहा कि सरकार की मंशा हमारी माँगें मानने की होनी चाहिए। बेकार की बातचीत के लिए हमें बुलाने का कोई मतलब नहीं है। हमारा समय कीमती है। हजारों लोग अभी भी विरोध प्रदर्शन में शामिल हो रहे हैं और हमें उसे भी संभालना है सरकार को यह साफ करना चाहिए कि क्या वह सच में हमसे बातचीत करना चाहती है।
कांग्रेस शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की अपनी मांग पर अड़ी हुई है। राज्यसभा में सदन के नेता जेपी नड्डा ने कहा कि सरकार NEET पेपर लीक समेत सभी मुद्दों पर चर्चा करने के लिए तैयार है। हालांकि, विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे ने जोर देकर कहा कि धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बिना कोई चर्चा नहीं होगी।