मध्य प्रदेश के इंदौर शहर से एक बड़ी खबर सामने आई है। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी 19 सितंबर को इंदौर आ रहे हैं, जहाँ वे 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम के तहत युवाओं से संवाद करेंगे। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर की गई एक पोस्ट में उन्होंने 19 सितंबर को इंदौर आने की जानकारी दी है। उन्होंने लिखा है कि वे छात्रों से मिलने, उनकी बातें सुनने और उनसे संवाद करने आ रहे हैं।
राहुल गांधी ने युवाओं का आह्वान किया है कि यदि वे या उनके कोई अपने देश के एजुकेशन सिस्टम से पीड़ित हैं और इन हालातों में बदलाव देखना चाहते हैं, तो 'छात्रों की गूंज' उनकी सामूहिक आवाज है और यह बदलाव की शुरुआत करने का एक बेहतरीन मौका है। उन्होंने आगे भरोसा दिलाया है कि वे इंदौर में शिक्षा के हर पहलू और छात्रों के संघर्षों पर विस्तार से चर्चा करेंगे।
जानकारी के अनुसार, इंदौर का कार्यक्रम 'छात्रों की गूंज' पहल का पांचवां संस्करण होगा। राहुल गांधी इससे पहले कोटा, देहरादून, पुणे और प्रयागराज में ऐसे कार्यक्रम आयोजित कर चुके हैं। हालांकि इस पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) की ओर से प्रतिक्रियाएं भी आ चुकी हैं। दो दिन पहले एक कार्यक्रम में मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि एक नेता 'झूठ की गूंज' लेकर आ रहे हैं। उन्होंने, उनकी माँ ने, उनके परिवार ने देश के लिए कभी कुछ भला नहीं किया। आज वह युवाओं और छात्रों की बात कर रहे हैं, लेकिन जनता सब अच्छी तरह जानती है।
वहीं, ओडिशा प्रदेश कांग्रेस कमेटी (OPCC) के अध्यक्ष भक्त चरण दास ने भी जानकारी दी है कि राहुल गांधी अगले महीने भुवनेश्वर में आयोजित होने वाले 'छात्रों की गूंज' युवा कार्यक्रम में शिरकत कर सकते हैं। दास ने बताया कि प्रस्ताव भेज दिया गया है और उम्मीद है कि गांधी इस कार्यक्रम में शामिल होंगे, जिसमें करीब 20,000 युवा हिस्सा लेंगे। यह कार्यक्रम Gen-Z से जुड़े मुद्दों और युवाओं की आकांक्षाओं पर केंद्रित होगा।