इस समय भारत की राजधानी दिल्ली में काफी हलचल है। अभी कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) का विरोध-प्रदर्शन हर तरफ चर्चा का विषय बना हुआ है। ताजा घटनाक्रम में, आज CJP के मुख्य प्रवक्ता सौरव दास और राष्ट्रीय प्रवक्ता आशुतोष रांका ने केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जेपी नड्डा से मुलाकात की।
इसकी जानकारी देते हुए सौरव ने X पर लिखा कि, "आशुतोष रांका और मैं दोपहर 12 बजे से जेपी नड्डा के घर पर हैं। हमने अपनी मांगें बता दी हैं, जिनमें धर्मेंद्र प्रधान का तुरंत इस्तीफा या उन्हें पद से हटाना शामिल है। मंत्री जी ने भरोसा दिलाया है कि वह इस मामले पर सही स्तर पर बात करेंगे। हालांकि, अभी तक कोई पक्का वादा नहीं किया गया है। शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारी तब तक नहीं रुकेंगे जब तक मांग पूरी नहीं हो जाती!"
सौरव ने आगे लिखा, "मंत्री जी ने हमें यह भी भरोसा दिलाया है कि जंतर-मंतर और उसके आस-पास अब कोई और कार्रवाई नहीं होगी। हालाँकि, अभी तक पुलिस के रूकने की कोई खबर नहीं है।"
सोशल मीडिया पर वो लेटर भी सामने आ गया है, जो सौरव और आशुतोष ने जेपी नड्डा को सौंपा था। इसमें उन्होंने लिखा है कि शांतिपूर्ण विरोध-प्रदर्शनों की श्रृंखला में पहला प्रदर्शन 6 जून को हुआ था, जिसके बाद देश के विभिन्न शहरों में शांतिपूर्ण सभाएं हुईं। पहले दिन से ही हमारी मुख्य मांग शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा या उन्हें पद से हटाना रही है।
देश के युवाओं का मानना है कि प्रधान भारत के शिक्षा मंत्री के तौर पर पूरी तरह विफल रहे हैं। वे NEET 2026 सहित कई पेपर लीक और परीक्षा से जुड़ी अन्य गड़बड़ियों के लिए सीधे तौर पर जिम्मेदार हैं। हाल ही में CBSE 12वीं के पोर्टल की अव्यवस्था और CUET परीक्षा में देरी जैसी घटनाएं भी शामिल हैं। NEET पेपर लीक के कारण, हमारे रिकॉर्ड्स के अनुसार, 21 छात्रों ने आत्महत्या कर ली।
हाल के समय में कई परीक्षाएं या तो लीक हुई हैं, उनमें देरी हुई है या तकनीकी खामियां आई हैं, लेकिन प्रधान की ओर से कोई प्रणालीगत सुधार, कार्रवाई या ऐसा करने की इच्छाशक्ति नहीं दिखाई दी है, जो शिक्षा मंत्री के तौर पर उनकी घोर अक्षमता को दर्शाता है। हमने 20 जून को अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन शुरू किया, जिसमें जाने-माने शिक्षाविद् और पर्यावरणविद् सोनम वांगचुक भी शामिल हुए।
सरकार की ओर से कोई प्रतिक्रिया न मिलने पर, वांगचुक ने 28 जून को भूख हड़ताल शुरू की और तब से 20 जुलाई को दोपहर 3.00 बजे तक उनकी हड़ताल जारी है। उपरोक्त बातों और आज संसद तक शांतिपूर्ण मार्च के आह्वान को ध्यान में रखते हुए, हम अनुरोध करते हैं कि हमारी निम्नलिखित मांगों को तुरंत स्वीकार किया जाए:
सोनम वांगचुक की रिहाई और उनकी आवाजाही पर कोई रोक न हो। धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा या उन्हें पद से हटाया जाए। NEET 2026 पेपर लीक के बाद आत्महत्या करने वाले सभी NEET उम्मीदवारों को 1 करोड़ रूपए का मुआवजा दिया जाए। हम यह भी मांग करते हैं कि दिल्ली पुलिस शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों पर बल प्रयोग तुरंत बंद करे, क्योंकि हमारी मांगें जायज हैं और भारत के युवाओं की आकांक्षाओं के अनुरूप हैं।
कुछ देर पहले जेपी नड्डा ने भी एक ट्वीट किया, जिसमें उन्होंने लिखा, "आज सुबह पहली बार प्रदर्शनकारियों की ओर से सरकार के साथ बातचीत करने का प्रस्ताव आया और सुबह 11.50 AM से ही हमारी बातचीत जारी है। सौहार्दपूर्ण वातावरण में मुलाकात हुई। उनके डेलीगेशन के साथ विस्तार से पहले मौखिक चर्चा हुई और उनके द्वारा लगभग 4 बजे मुझे लिखित याचिका दी गई। मैंने सभी प्रदर्शनकारियों से अनुरोध किया कि वे अपने धरने को समाप्त करें और सामान्य स्थिति बहाल करने में प्रशासन की मदद करें।"
ताजा घटनाक्रम में, ये खबरें सामने आ रही हैं कि सोनम वांगचुक ने आज 20 जुलाई को अपनी 23 दिन की भूख हड़ताल खत्म कर दी। यह फैसला तब लिया गया जब केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने प्रदर्शनकारियों से मुलाकात की और उनसे बातचीत की।