नई दिल्ली से एक बड़ी खबर आ रही है। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दिपके ने 2 दिन बाद अपनी अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल खत्म कर दी है। दिपके ने यह हड़ताल तब शुरू की थी जब सोनम वांगचुक को स्वास्थ्य संबंधी दिक्कतों के कारण सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया गया था। रिपोर्ट्स की मानें तो, अभिजीत ने सोनम के कहने पर हड़ताल खत्म की। जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन के मंच से सोनम की पत्नी गीतांजलि जे. आंग्मो ने बताया कि वांगचुक ने दिपके से अपनी हड़ताल तोड़ने का आग्रह किया था, क्योंकि विरोध प्रदर्शन जारी रखने के लिए उन्हें ऊर्जा की जरूरत होगी।
एक अन्य रिपोर्ट के मुताबिक, अभिजीत दिपके ने रिया थापा के पिता के कहने पर अपनी भूख हड़ताल खत्म कर दी है। रिया थापा NEET की छात्रा थीं, जिन्होंने आत्महत्या कर ली थी। अभी कुछ देर पहले, CJP के प्रवक्ता सौरव दास ने X पर ट्वीट किया कि आशुतोष रांका और मैं, कॉकरोच जनता पार्टी का प्रतिनिधित्व करते हुए, जेपी नड्डा से मिलने जा रहे हैं। सरकार ने आज सुबह बातचीत के लिए संपर्क किया था। हमारी मांगें स्पष्ट हैं। युवा बड़ी संख्या में जुटे हैं। जीत हमारी होगी! एक और महत्वपूर्ण घटनाक्रम में, केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह से मुलाकात की। बताया जा रहा है कि ये भेंट संसद भवन में हुई।
CJP का विरोध मार्च जोर पकड़ने के साथ, हजारों प्रदर्शनकारियों को इलाके में घुसने से रोकने के लिए कई स्तरों पर सुरक्षा इंतजाम और लॉकडाउन लागू कर दिया गया है। सुरक्षाकर्मियों ने संसद परिसर के बड़े लोहे के गेट को मजबूती से बंद कर दिया है। गेट के अंदर दमकल की गाड़ियाँ और पानी के टैंकर तैनात किए गए हैं और संसद भवन के प्रवेश द्वारों पर और उनके आस-पास सुरक्षा बल तैनात हैं। संसद की ओर बढ़ रहे प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए सुरक्षा बलों ने आँसू गैस का इस्तेमाल किया। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए मौके पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया है।
समाजवादी पार्टी (SP) के प्रमुख और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने मीडिया से बात करते हुए बताया कि आप किसी मंत्री को एक ही जगह पर कितने दिन तक रखेंगे? वह एक ही पद पर क्यों बने हुए हैं? जब कोई व्यक्ति लंबे समय तक एक ही जगह पर रहता है, तो वह अपने लोगों को जमाना शुरू कर देता है और उसके बाद बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार होता है। ये जाहिर है कि वे शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को ही निशाना बना रहे थे।