राष्ट्रीय राजनीति से बड़ी खबर सामने आई है। भारत निर्वाचन आयोग (ECI) के मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कांग्रेस पार्टी ने मोर्चा खोल दिया है। देशव्यापी आंदोलन के तहत आज, शुक्रवार को कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने कई राज्यों में प्रदर्शन किए। चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और वोटर लिस्ट के स्पेशल इंटेंसिव रिविजन (SIR) को लेकर जारी राजनीतिक विवाद के बीच, कांग्रेस अब इस मुद्दे को लेकर सीधे सड़क पर उतर आई है। असम, उत्तराखंड, पश्चिम बंगाल, मणिपुर, जम्मू-कश्मीर और उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों में प्रदर्शन देखने को मिले।
देहरादून में, उत्तराखंड कांग्रेस ने शुक्रवार को एक बड़ा विरोध प्रदर्शन किया और राज्य सचिवालय में स्थित चुनाव आयोग के कार्यालय का घेराव किया। उन्होंने CEC ज्ञानेश कुमार को तुरंत हटाने की मांग की। उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी (UPCC) की प्रभारी कुमारी शैलजा ने X पर इसकी कुछ तस्वीरें शेयर करते हुए लिखा, "मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे और गिरफ्तारी की मांग को लेकर आज उत्तराखंड कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं एवं कार्यकर्ताओं के साथ देहरादून में मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय का घेराव एवं प्रदर्शन किया। आज बड़ी संख्या में उमड़ा जनसमूह साफ-साफ बता रहा है कि अब मुख्य चुनाव आयुक्त से जनता का भरोसा उठ चुका है और भाजपा की वोट चोरी देश के सामने आ चुकी है।"
पश्चिम बंगाल के कोलकाता में भी कुछ ऐसा ही प्रदर्शन देखने को मिला। पश्चिम बंगाल प्रदेश कांग्रेस कमेटी (WBPCC) द्वारा आयोजित इस प्रदर्शन में प्रदेश अध्यक्ष शुभंकर सरकार और पश्चिम बंगाल प्रभारी प्रकाश जोशी समेत कई अन्य लोग भी दिखाई दिए। दिल्ली में इंडियन यूथ कांग्रेस (IYC) ने भी प्रदर्शन किया। ममता ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस (MAITC) की सांसद महुआ मोइत्रा भी जंतर-मंतर पर चल रहे विरोध प्रदर्शन में शामिल हुईं। उन्होंने दावा किया कि ज्ञानेश कुमार एक अपराधी हैं और उन पर मुकदमा चलाया जाना चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की और कहा कि SIR प्रक्रिया पर तुरंत रोक लगनी चाहिए।
असम कांग्रेस अध्यक्ष गौरव गोगोई ने ज्ञानेश कुमार के खिलाफ एक विरोध रैली की अगुवाई की और उनके इस्तीफे की मांग की। उन्होंने कहा जब आज लोगों को यह पता चल चुका है कि ज्ञानेश कुमार ने अपराध किया है, तो उन्हें तुरंत इस्तीफा दे देना चाहिए। उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए और उन्हें गिरफ्तार किया जाना चाहिए।