मध्य प्रदेश की राजनीति से एक बड़ी खबर सामने आई है। मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी (MPCC) के अध्यक्ष और पूर्व खेल एवं युवा कल्याण मंत्री जीतू पटवारी ने आज सुबह इंदौर में 'युवा स्वाभिमान: Gen-Z Cyclothon' की शुरू की। यह दो दिवसीय साइकिल रैली 14 और 15 जुलाई को आयोजित की जा रही है। जानकारी के अनुसार, यात्रा 14 जुलाई को इंदौर से आष्टा और 15 जुलाई को आष्टा से भोपाल तक का सफर तय करेगी।
ये यात्रा NEET-UG पेपर लीक, परीक्षाओं में गड़बड़ी जैसे मुद्दों को लेकर निकाली जा रही है। यह यात्रा इंदौर के आर.एन.टी. मार्ग स्थित देवी अहिल्या विश्वविद्यालय (DAVV) से शुरू हुई। इस मौके पर जीतू पटवारी के साथ मध्य प्रदेश के पूर्व कैबिनेट मंत्री सज्जन सिंह वर्मा भी मौजूद रहे। इस मार्च में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए हैं।
मीडिया से बात करते हुए जीतू पटवारी ने कहा कि मध्य प्रदेश में पिछले 25 सालों से भाजपा सत्ता में है। राज्य में लगातार बनी हुई समस्याएं, जैसे 'एग्जाम माफिया', पेपर लीक माफिया , भर्ती में गड़बड़ी और शिक्षा क्षेत्र में 50% स्टाफ की कमी, गंभीर चिंता का विषय हैं। KG से लेकर PG तक मुफ्त और अच्छी क्वालिटी की शिक्षा पाना बच्चों और माता-पिता, दोनों का अधिकार है। हम मध्य प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था में फैली अव्यवस्था और भ्रष्टाचार को खत्म करने की कोशिश कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि जब से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सत्ता में आए हैं, तब से 90 बार पेपर लीक हुए हैं और 50 परीक्षाएं रद्द की गई हैं। राहुल गांधी शिक्षा के जरिए देश का भविष्य सुरक्षित करने के लिए एक देशव्यापी, गैर-राजनीतिक पहल का नेतृत्व कर रहे हैं और हम इस कोशिश में अपना योगदान दे रहे हैं। हमारा मकसद परीक्षाओं में होने वाली गड़बड़ियों और भाजपा से जुड़े उस भ्रष्टाचार को खत्म करना है जिसने शिक्षा व्यवस्था को बर्बाद कर दिया है।
समाचार लिखे जाने तक, ये यात्रा देवास पहुंच चुकी है। इस यात्रा में कसरावद से विधायक एवं प्रदेश के पूर्व किसान कल्याण और कृषि विकास मंत्री सचिन सुभाषचंद्र यादव भी शामिल हुए हैं।
X पर इसकी कुछ तस्वीरें शेयर करते हुए लिखा, "शिक्षा में व्याप्त भ्रष्टाचार और लगातार हो रहे पेपर लीक के खिलाफ आज इंदौर से भोपाल तक कांग्रेस की Gen-Z साइक्लोथॉन रैली का शुभारंभ हुआ। यह रैली नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी जी के "छात्रों की गूंज" अभियान का हिस्सा है, पिछले 10 वर्षों में देशभर में 89 से अधिक पेपर लीक की घटनाओं ने करोड़ों युवाओं के सपनों और भविष्य पर चोट पहुंचाई है।यह साइक्लोथॉन केवल एक यात्रा नहीं, बल्कि युवाओं के अधिकार, पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया और भ्रष्टाचार मुक्त शिक्षा व्यवस्था के लिए बुलंद होती आवाज है।"