राजधानी दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में रविवार दोपहर एक भीषण हादसा हो गया, जहां दिल्ली विश्वविद्यालय (DU) के साउथ कैंपस के पास स्थित छात्रों के रहने वाली एक पांच मंजिला पेइंग गेस्ट (PG) इमारत अचानक ढह गई। लगभग 40 से 50 साल पुरानी इस इमारत के गिरने से मलबे में दबकर अब तक 7 लोगों की मौत हो चुकी है। 5 लोग घायल हुए, जिनका इलाज जारी है। वहीं 12 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है।
घटना की खबर मिलते ही तुरंत खोज और बचाव अभियान शुरू किया गया। राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF), फायर सर्विस, दिल्ली पुलिस और अन्य एजेंसियों की टीमों ने भारी मलबे को हटाने के लिए मौके पर काम किया। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) के बयान के मुताबिक, हादसे के बाद 10 पीड़ितों को तुरंत JPN एपेक्स ट्रॉमा सेंटर लाया गया था। इनमें से 5 लोगों को डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया, जबकि एक अन्य गंभीर घायल ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया।
फिलहाल, अस्पताल में भर्ती तीन घायलों का इलाज जारी है, जिनमें से एक मरीज के अंग की सर्जरी की गई है, वहीं मामूली रूप से चोटिल एक छात्र को प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई है। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि लगभग 80% मलबा हटा दिया गया है और सिर्फ बेसमेंट का मलबा बचा है। यह पक्का है कि बेसमेंट में पानी भरा था और पानी जमा होने के साथ-साथ पुरानी इमारत में चल रहे मरम्मत के काम की वजह से इमारत गिर गई।
इस इमारत के मामले में कार्रवाई पहले ही की जा चुकी है और मालिक के खिलाफ कानूनी प्रक्रिया शुरू की जाएगी। इसके अलावा, आस-पास की दूसरी खतरनाक बिल्डिंगों की पहचान करके उन्हें भी गिराया जाएगा। खास तौर पर, हमने इस बिल्डिंग के ठीक पीछे वाली बिल्डिंग को खाली करवा लिया है और उसे तुरंत गिरा दिया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि हम अधिकारियों के साथ मिलकर एक ऐसी पॉलिसी का ड्राफ्ट तैयार कर रहे हैं जिसके तहत 20, 30 या 40 साल पुरानी इमारतों को स्ट्रक्चरल ऑडिट रिपोर्ट जमा करनी होगी और अपनी सुरक्षा को प्रमाणित करना होगा।
इसके बिना, उन्हें उस जगह पर कोई भी सार्वजनिक सेवा या सुविधा चाहे वह PG अकोमोडेशन हो, नर्सिंग होम हो, स्कूल हो या कोई अन्य गतिविधि चलाने का अधिकार नहीं होगा। इस संबंध में कड़े नियम लागू किए जाएंगे। इसके अलावा, जिन अधिकारियों की लापरवाही के कारण यह त्रासदी हुई, उन्हें बख्शा नहीं जाएगा। उन्हें तुरंत सस्पेंड कर दिया जाएगा।
सभी अधिकारियों और नगर निगम को कड़े निर्देश जारी किए गए हैं। इसमें शामिल किसी भी अधिकारी को बख्शा नहीं जाएगा। सस्पेंशन के आदेश आज ही जारी कर दिए जाएंगे। हम इन छात्रों के साथ पूरी तरह खड़े हैं। हमने नगर निगम को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि यह सुनिश्चित किया जाए कि किसी भी छात्र को कोई परेशानी न हो। सरकार की ओर से हम सभी सुविधाएं उपलब्ध कराएंगे।