70वीं BPSC परीक्षा के विरोध में प्रदर्शन तेज, मुख्यमंत्री आवास की ओर प्रदर्शनकारियों ने किया मार्च

मीडिया से बात करते हुए एक महिला प्रदर्शनकारी ने कहा कि हमने यह मुद्दा पहले भी उठाया है, लेकिन छात्र इस बात पर अड़े हैं कि 70वीं BPSC परीक्षा में पारदर्शिता, जवाबदेही और नियमितता की कमी है। इसलिए, BPSC परीक्षा रद्द करके दोबारा कराई जानी चाहिए और टीचर रिक्रूटमेंट परीक्षा (TRE-4) के लिए एक ही परीक्षा होनी चाहिए। अगर परीक्षा के पेपर लीक होने जैसी समस्याएं हैं, तो सरकार को उन पर ध्यान देना चाहिए और पेपर बेचने व शिक्षा का व्यवसायीकरण करने में शामिल भ्रष्ट अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए।

70वीं BPSC परीक्षा के विरोध में प्रदर्शन तेज, मुख्यमंत्री आवास की ओर प्रदर्शनकारियों ने किया मार्च

प्रदर्शनकारी छात्रों ने गांधी मैदान से राजभवन तक मार्च करते हुए बैरिकेड्स तोड़ दिए।

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Highlights

  • पुलिस द्वारा प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए वॉटर कैनन का इस्तेमाल किया गया है।
  • पटना में प्रदर्शनकारी छात्रों और पुलिस के बीच झड़प की भी खबर सामने आई है
  • छात्रों की मांगों में TRE-4 के लिए एकल परीक्षा का आयोजन व नेगेटिव मार्किंग को समाप्त करना शामिल है

बिहार की राजधानी पटना में 70वीं बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) परीक्षा को रद्द करने की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन तेज हो गए हैं। परीक्षा रद्द करने की मांग कर रहे छात्रों ने गांधी मैदान से राजभवन तक मार्च करते हुए बैरिकेड्स तोड़ दिए। इस दौरान प्रदर्शनकारी छात्रों और पुलिस के बीच झड़प की भी खबर है। प्रदर्शनकारी मुख्यमंत्री आवास का घेराव करने के लिए वहां की ओर बढ़ रहे हैं। पुलिस द्वारा प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए वॉटर कैनन का भी इस्तेमाल किया गया है। कुछ लोगों को हिरासत में भी लिया गया है मीडिया से बात करते हुए एक महिला प्रदर्शनकारी ने कहा कि हमने यह मुद्दा पहले भी उठाया है, लेकिन छात्र इस बात पर अड़े हैं कि 70वीं BPSC परीक्षा में पारदर्शिता, जवाबदेही और नियमितता की कमी है। 

इसलिए, BPSC परीक्षा रद्द करके दोबारा कराई जानी चाहिए और टीचर रिक्रूटमेंट परीक्षा (TRE-4) के लिए एक ही परीक्षा होनी चाहिए। अगर परीक्षा के पेपर लीक होने जैसी समस्याएं हैं, तो सरकार को उन पर ध्यान देना चाहिए और पेपर बेचने व शिक्षा का व्यवसायीकरण करने में शामिल भ्रष्ट अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए। हम इन मांगों को लेकर कई दिनों से विरोध कर रहे हैं और सरकार को इनके बारे में पता है। इस बीच, एक और प्रदर्शनकारी ने कहा कि डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन की प्रक्रिया के बाद नियम बदल दिए गए। अगर नियम बदलने ही थे, तो भर्ती के समय ही नोटिफिकेशन जारी किया जाना चाहिए था। संबंधित अधिकारियों ने हमारे डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन के बाद नियम बदल दिए और बाद में हमें हटा दिया।

रिपोर्ट्स के अनुसार, छात्रों की मांगों में BPSC परीक्षा को रद्द करना, TRE-4 के लिए एकल परीक्षा का आयोजन, नेगेटिव मार्किंग को समाप्त करना और 'एक उम्मीदवार, एक परिणाम' की नीति को लागू करना शामिल है। इस विरोध-प्रदर्शन पर प्रतिक्रिया देते हुए, जनता दल-यूनाइटेड (JD-U) के वरिष्ठ नेता और राज्य सरकार में कैबिनेट मंत्री श्रवण कुमार ने कहा कि सरकार छात्रों और रोजगार चाहने वालों की मांगों और चिंताओं को गंभीरता से ले रही है। उनके लिए सब कुछ तय नियमों, कानूनों और प्रावधानों के अनुसार किया जा रहा है। 

बिहार देश का पहला राज्य है जिसने सरकारी विभागों में इतने बड़े पैमाने पर भर्तियां की हैं। नीतीश कुमार का संकल्प है कि 2025 से 2030 के बीच बिहार के लोगों को 1 करोड़ नौकरियां और रोजगार के अवसर दिए जाएं। हर सेक्टर में भर्तियां हो रही हैं और हर विभाग में वैकेंसी की घोषणा की जा रही है। मैं युवाओं से अपील करता हूं कि वे धैर्य रखें और विपक्ष की चालों में न फंसें। वे नौकरियां नहीं देने वाले हैं। वे सिर्फ अपने राजनीतिक हितों को साधने के लिए आपकी मेहनत का फायदा उठाना चाहते हैं। उनसे सावधान रहें।

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