प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 30 और 31 अक्टूबर को गुजरात के दो दिवसीय दौरे पर हैं। इस यात्रा के पहले दिन उन्होंने बनासकांठा जिले में एक रोड शो किया। इस दौरान उनके साथ गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्रभाई पटेल और उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी भी मौजूद थे। प्रधानमंत्री की एक झलक पाने के लिए सड़कों पर प्रशंसकों और स्थानीय लोगों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी।
इस दौरान कई लोग हाथों में प्लेकार्ड्स लिए नजर आए, जिन पर "जब तक भारत टॉप इकोनॉमी नहीं बनता, मोदी कहीं नहीं जाएगा" और "तुष्टिकरण की राजनीति के अंत तक मोदी कहीं नहीं जाएगा" जैसे नारे लिखे हुए थे। प्रधानमंत्री मोदी ने एम्ब्रायो ट्रांसफर टेक्नोलॉजी-इन विट्रो फर्टिलाइजेशन' (ET-IVF) प्रयोगशाला और भारत बोवाइन ब्रीडिंग एंड रिसर्च सेंटर (BBBRC) कैटल फार्म का भी दौरा किया।
इस दौरान उन्होंने विशेषज्ञों से बातचीत की। इसके बाद आयोजित एक कार्यक्रम में प्रधानमंत्री ने क्षेत्र के विकास को रफ्तार देते हुए कई प्रमुख परियोजनाओं की आधारशिला रखी और राष्ट्र को समर्पित किया। उन्होंने राधनपुर एवं थराद में बनास बायो-CNG संयंत्र, तथा अहमदाबाद-महेसाणा राजमार्ग (NH-41) को चार लेन से आठ लेन करने के निर्माण कार्य का ई-शिलान्यास किया।
इसके साथ ही, अहमदाबाद मेट्रो रेल परियोजना के चरण-2बी (GIFT सिटी से शाहपुर) व चरण-2ए (कोटेश्वर रोड से एयरपोर्ट रूट), BBRC और सणादर में आलू प्रसंस्करण संयंत्र के क्षमता विस्तार का लोकार्पण भी किया गया। इसी मंच से प्रधानमंत्री ने देश के किसानों को बड़ी सौगात देते हुए PM-किसान योजना की 24वीं किस्त के रूप में 19,000 करोड़ रुपये की राशि जारी की।
प्रधानमंत्री मोदी ने अहमदाबाद (साबरमती)-वाराणसी एक्सप्रेस और मेहसाणा-बेचराजी-साबरमती मेमू ट्रेन सेवाओं को हरी झंडी भी दिखाई। उन्होंने कार्यक्रम को संबोधित भी किया। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि आज, देश के किसानों के खातों में PM-KISAN की एक और किस्त पहुँच गई है। हमारे किसान, हमारे अन्नदाता, हमारे देश के सबसे मजबूत स्तंभों में से एक हैं।
हमारी सरकार ने हमेशा किसानों को सशक्त बनाने को प्राथमिकता दी है। वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच, उर्वरकों की कीमतों में भारी उछाल आया, लेकिन किसानों के कल्याण के लिए समर्पित हमारी सरकार ने इस मूल्य वृद्धि का बोझ किसानों पर नहीं पड़ने दिया। सरकार ने इस पर 16 लाख करोड़ रुपये खर्च किए।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि खेती हमारी संस्कृति है। हमने खेती और पशुपालन को तकनीक से जोड़ा है। आज किसानों को 26 करोड़ से ज्यादा सॉइल हेल्थ कार्ड मिल चुके हैं। पशुपालन हमारी ग्रामीण अर्थव्यवस्था का एक अहम हिस्सा है। इसमें हमारी बहनों की बहुत बड़ी भागीदारी है। पिछले एक दशक में, हमने पशुपालन और डेयरी क्षेत्र में भी विज्ञान और तकनीक के इस्तेमाल पर जोर दिया है।
सार्वजनिक जीवन में 25 साल पूरे होने पर उन्होंने कहा, "7 अक्टूबर को सार्वजनिक जीवन में मेरे 25 साल पूरे हो गए। लेकिन ऐसा लगता है जैसे यह कल की ही बात हो, जब मैंने अक्टूबर 2001 में पहली बार पद की शपथ ली थी। आप लोगों ने मुझ पर बहुत प्यार बरसाया।"
उन्होंने आगे बताया कि आज हर युवा, बहन और बेटी भारत को एक विकसित राष्ट्र बनाने की दिशा में काम कर रहे हैं। लेकिन कुछ लोगों को यह पसंद नहीं है। ये वे लोग हैं जो देश को मुश्किलों में देखना चाहते हैं। जब वे देश को मुश्किल में देखते हैं, तो उन्हें खुशी होती है।
जब पूरा देश खाड़ी क्षेत्र में तनाव के कारण पैदा हुई अनिश्चितताओं का सामना कर रहा है, तो ये लोग खाद और गैस की कमी को लेकर अफवाहें फैलाते हैं। वे ऐसा सिर्फ मोदी को बदनाम करने के लिए करना चाहते थे। मैं किसानों और बाकी सभी लोगों को याद दिलाना चाहता हूं कि मैंने कहा था कि मैं आप सभी के साथ खड़ा रहूंगा। खाड़ी क्षेत्र में तनाव अभी भी जारी है, लेकिन सरकार ने दुनिया भर में खाद की कीमतों में हुई बढ़ोतरी का बोझ हमारे किसानों पर नहीं पड़ने दिया।