31 अक्टूबर को भारत के प्रथम उप-प्रधानमंत्री एवं गृहमंत्री सरदार वल्लभभाई पटेल की 151वीं जयंती मनाई जा रही है। इस अवसर पर देशभर के नेताओं ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए राष्ट्र की एकता और अखंडता के लिए उनके अमूल्य योगदान को याद किया। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने नई दिल्ली के सरदार पटेल चौक पर सरदार पटेल को उनकी जयंती पर श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने राष्ट्रपति भवन के गणतंत्र मंडप में सरदार पटेल को पुष्पांजलि भी अर्पित की।
वहीं, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुजरात के एकता नगर स्थित स्टैच्यू ऑफ यूनिटी पर सरदार पटेल को जल और पुष्प अर्पित कर नमन किया। इसके साथ ही, उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और उपराज्यपाल तरणजीत सिंह संधू ने भी सरदार पटेल चौक पहुंचकर लौह पुरुष को श्रद्धासुमन अर्पित किए। इस अवसर पर मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने X पर बधाई देते हुए लिखा कि मातृभूमि के लिए समर्पित सरदार पटेल का जीवन राष्ट्र के नवनिर्माण के संकल्प को सुदृढ़ करता है और वे देशभक्तों के लिए प्रेरणा का अनंत स्रोत बने रहेंगे।
सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती के अवसर पर आज देश के कोने-कोने में रन फॉर यूनिटी का आयोजन किया गया। देश की राजधानी दिल्ली में अमित शाह ने हरी झंडी दिखाकर इस दौड़ को रवाना किया। वहीं, राज्यों में भी इसका जबरदस्त उत्साह देखने को मिला। गोवा में मुख्यमंत्री डॉ. प्रमोद सावंत और चंडीगढ़ में पंजाब के राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया ने एकता दौड़ को हरी झंडी दिखाई। गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्रभाई पटेल ने वडोदरा में आयोजित इस दौड़ में सक्रिय रूप से हिस्सा लिया, जबकि कोलकाता में पश्चिम बंगाल के राज्यपाल आर. एन. रवि ने न केवल इस दौड़ को हरी झंडी दिखाई, बल्कि स्वयं भी धावकों के साथ दौड़े।
दूसरी तरफ, आज भारत की पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की पुण्यतिथि पर भी राष्ट्र ने उन्हें नमन किया। इस अवसर पर कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, सोनिया गांधी, केसी वेणुगोपाल और तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी सहित कई नेताओं ने नई दिल्ली स्थित शक्ति स्थल पहुंचकर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। वहीं, लोकसभा सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने X पर इंदिरा गांधी के साथ अपने बचपन की एक तस्वीर साझा करते हुए लिखा, "वह कितनी सुंदर स्त्री थीं! आकाश की तरह मुक्त, समुद्र की तरह गहरी, धरती की तरह सहनशील, और धधकती आग से भी अधिक तेजस्वी।"