भारत के विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने हाल ही में पश्चिम एशिया में चल रहे गंभीर संकट को लेकर संसद में बड़ा बयान दिया है। राज्यसभा में बोलते हुए उन्होंने साफ कहा कि भारत सरकार वहां के बिगड़ते हालातों पर नजर बनाए हुए है और हमारी प्राथमिकता वहां रह रहे भारतीयों को सुरक्षित निकालना है। डॉ. एस. जयशंकर ने जानकारी दी कि इस समय वेस्ट एशिया में करीब 1 करोड़ भारतीय नागरिक रहते हैं, जिनमें अधिकतर गल्फ देशों में रहते हैं। इसके अलावा ईरान में भी कई हजार भारतीय लोग पढ़ाई या रोजगार के लिए मौजूद हैं। विदेश मंत्री ने बताया कि अब तक करीब 67,000 लोगों को वहां से सुरक्षित निकाल लिया गया है। जो लोग अब भी वहां पर फंसे हैं उन्हें निकालने के लिए भारतीय दूतावास लगातार काम कर रहा है।
इस युद्ध का असर केवल लोगों पर ही नहीं, बल्कि भारत की अर्थव्यवस्था पर भी पड़ रहा है। डॉ. जयशंकर ने बताया कि यह क्षेत्र भारत की ऊर्जा सुरक्षा (Energy Security) के लिए बहुत जरूरी है, क्योंकि हमारी तेल और गैस की सप्लाई यहीं से होती है। साथ ही, खाड़ी देशों के साथ भारत का सालाना व्यापार लगभग 200 अरब डॉलर का है। समुद्र में चल रहे तनाव की वजह से जहाजों के आने-जाने में भी दिक्कत हो रही है, जिससे सप्लाई चेन प्रभावित हो सकती है। दुखद बात यह भी रही कि इस संकट के दौरान दो भारतीय नाविकों की जान चली गई और एक अभी भी लापता है। डॉ. जयशंकर ने कहा कि भारत का स्टैंड हमेशा से शांति का रहा है। उन्होंने इस बात को दोहराया कि युद्ध किसी भी समस्या का समाधान नहीं है।
उन्होंने कहा कि "बातचीत और कूटनीति" (Dialogue and Diplomacy) के जरिए ही तनाव को कम किया जा सकता है। भारत ने सभी पक्षों से संयम बरतने की अपील की है। सरकार ने यह भी स्पष्ट किया कि वे कतर और अन्य देशों में फंसे भारतीयों को सुरक्षित निकालने के लिए हर संभव प्रयास कर रहे हैं और जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त विमानों की व्यवस्था भी की जा रही है। उन्होंने तीन अहम फैक्टर्स पर प्रकाश डालते हुए अपनी बात खत्म की, जो है कि, भारत शांति का पक्षधर है और संवाद व कूटनीति की ओर लौटने का आग्रह करता है। हम तनाव कम करने, संयम बरतने और नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की वकालत करते हैं। इस क्षेत्र में भारतीय समुदाय का कल्याण और सुरक्षा हमारी प्राथमिकता है। हम इस दिशा में इस क्षेत्र की सरकारों के साथ मिलकर काम करना जारी रखेंगे और ऊर्जा सुरक्षा और ट्रेड फ्लो सहित हमारा राष्ट्रीय हित सर्वोपरि रहेगा।