भारत का राज्य असम इस समय बाढ़ की चपेट में है और भारी तबाही का सामना कर रहा है। लगातार बारिश और नदियों के बढ़ते जलस्तर ने पूरे इलाके में भारी कहर बरपा दिया है। असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (ASDMA) के ताजा आंकड़ों के अनुसार, पिछले 24 घंटों में 10 लोगों की मौत हो चुकी है। वहीं मृतकों का आंकड़ा 41 हो गया है। पिछले 24 घंटों में, 11 जिलों में 6,40,129 लोग बाढ़ से प्रभावित हुए हैं। प्रभावित जिलों में डिब्रूगढ़, कामरूप (मेट्रो), गोलाघाट, शिवसागर, धेमाजी, जोरहाट, होजई, नागांव, कार्बी आंगलोंग और चराइदेव शामिल हैं। बाढ़ के कारण कुल 939 गांव मुश्किलों का सामना कर रहे हैं।
रिपोर्ट्स से पता चलता है कि शिवसागर जिले में स्थिति सबसे गंभीर है। पिछले 24 घंटों में वहां 10 लोगों की मौत हो चुकी हैं, जिससे जिले में मृतकों की कुल संख्या 24 हो गई है। चराइदेव में 6 और धेमाजी में 5 मौतें हुई हैं। इसके अलावा, गोलाघाट में 2 मौत हुईं, जबकि शोणितपुर और कार्बी आंगलोंग में एक-एक मौत की सूचना मिली है। इसके अलावा 12 लोग लापता भी बताए जा रहे हैं। इस आपदा से कृषि क्षेत्र को भी व्यापक क्षति हुई है। 24,897.27 हेक्टेयर फसल क्षेत्र भी प्रभावित हुआ है। ASDMA के अनुसार, 106 राहत शिविरों में 24,418 लोग मौजूद हैं।
केंद्रीय गृह और सहकारिता मंत्री अमित शाह ने भी असम में हालात का जायजा लिया है। मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत बिस्वा सरमा ने X पर एक पोस्ट में लिखा, "कुछ देर पहले मुझे माननीय गृह मंत्री श्री अमित शाह जी का फोन आया। असम में बाढ़ की अभूतपूर्व स्थिति को देखते हुए, उन्होंने मुझे बताया कि नुकसान का आकलन करने और लोगों की आजीविका को फिर से शुरू करने के लिए जरूरी केंद्रीय सहायता तय करने में मदद के लिए जल्द ही एक इंटर-मिनिस्टरियल सेंट्रल टीम राज्य का दौरा करेगी। ऊपरी इलाकों में बादल फटने से आई अचानक बाढ़ ने हमारे लोगों के जीवन पर भारी तबाही मचाई है। इस मुश्किल समय में असम के लोगों के साथ मजबूती से खड़े रहने के लिए मैं माननीय गृह मंत्री का आभारी हूं।"