बिहार की राजनीति के दिग्गज नेता और पूर्व विधान सभा अध्यक्ष नंद किशोर यादव ने शुक्रवार 13 मार्च को नागालैंड के राज्यपाल के रूप में शपथ ले ली है। कोहिमा स्थित लोक भवन में आयोजित एक गरिमामय समारोह में गुवाहाटी उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश आशुतोष कुमार ने उन्हें पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। इस अवसर पर नागालैंड के मुख्यमंत्री नेफियू रियो, उपमुख्यमंत्री याथुंगो पैटन, टी. आर. जेलियांग सहित राज्य मंत्रिमंडल के कई सदस्य और वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद थे। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कुछ दिन पहले देश के कई राज्यपालों के फेरबदल के दौरान नंद किशोर यादव को ये जिम्मेदारी सौंपी थी। उनसे पहले मणिपुर के राज्यपाल और भारत के पूर्व गृह सचिव अजय कुमार भल्ला के पास नागालैंड का अतिरिक्त प्रभार था।
नंद किशोर यादव का राजनीतिक सफर काफी प्रेरणादायक रहा है। उनका जन्म 26 अगस्त 1953 को बिहार की राजधानी पटना में हुआ था। वे 1969 में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) से जुड़े और 1971 में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) में सक्रिय हुए। ये उनकी मेहनत का ही नतीजा था कि साल 1978 में पटना नगर निगम के पार्षद और साल 1982 में पटना के उप-महापौर (Deputy Mayor) चुने गए। नंद किशोर यादव 1995 से 2010 तक पटना ईस्ट और 2010 से 2025 तक पटना साहिब विधानसभा सीट से भाजपा के विधायक रहे हैं। वे बिहार विधान सभा में विपक्ष के नेता भी रह चुके हैं। इतना ही नहीं उन्होंने बिहार सरकार में लोक निर्माण विभाग (PWD) मंत्री, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री और पर्यटन मंत्री के रूप में भी काम किया है। इसके अलावा उन्होंने बिहार विधान सभा के 17वें अध्यक्ष के रूप में भी अपनी सेवाएं दी हैं।
राज्य के लोगों को संबोधित करते हुए यादव ने कहा कि भारत की विविध सांस्कृतिक संरचना में नागालैंड का एक विशेष स्थान है और उन्होंने नागा लोगों की परंपराओं और सामुदायिक मूल्यों की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि नागालैंड इंफ्रास्ट्रक्चर, शिक्षा, खेती, टूरिज्म, डिजिटल कनेक्टिविटी और एंटरप्रेन्योरशिप जैसे क्षेत्रों में तरक्की कर रहा है, जिससे लोगों के लिए मौके और जीवन की क्वालिटी बेहतर हो रही है। यादव ने खास तौर पर शिक्षा, खेल, कला, एंटरप्रेन्योरशिप और पब्लिक सर्विस जैसे अलग-अलग क्षेत्रों में नागालैंड के युवाओं की उपलब्धियों की तारीफ की।