ईरान से एक बड़ी खबर सामने आई है। भारत सरकार की ओर से, बिहार के राज्यपाल, लेफ्टिनेंट जनरल सैयद अता हसनैन (रिटायर्ड) और विदेश राज्य मंत्री पवित्र मार्गेरिटा ने ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के अंतिम संस्कार समारोह में हिस्सा लिया। भारत का प्रतिनिधित्व करते हुए, उन्होंने देश की जनता और सरकार की ओर से श्रद्धांजलि अर्पित की। इस कार्यक्रम की तस्वीरें साझा करते हुए बिहार लोकभवन ने लिखा, "तेहरान में ग्रैंड अयातुल्ला सैयद अली खामेनेई के अंतिम संस्कार समारोह में विदेश राज्य मंत्री पवित्र मार्गेरिटा के साथ भारत का प्रतिनिधित्व किया। साथ ही, हालिया संघर्ष में जान गंवाने वालों के परिवारों के प्रति गहरी संवेदना भी व्यक्त की।"
इससे पहले, जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री और जम्मू-कश्मीर पीपल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (JKPDP) की अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ने पूर्व विदेश मंत्री सलमान खुर्शीद के साथ मिलकर, 3 से 9 जुलाई तक चलने वाले अंतिम संस्कार के कार्यक्रम में अयातुल्ला अली खामेनेई को श्रद्धांजलि अर्पित की। ताजा जानकारी के अनुसार, अयातुल्ला अली खामेनेई के अंतिम संस्कार की रस्में शुरू हो गईं हैं। उन्हें विदाई देने के लिए तेहरान के ग्रैंड मोसाल्ला में भारी भीड़ जमा हुई है। ईरान में स्थानीय अधिकारियों ने इस हफ्ते भर चलने वाले आयोजन के लिए बड़े पैमाने पर तैयारियाँ की हैं। खबरों के अनुसार, शोक मनाने वालों को खिलाने के लिए लगभग 5 करोड़ रोटियाँ बनाई जाएँगी और इस दौरान राजधानी में 16 मोबाइल बेकरी चलेंगी।
इस दौरान भी अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भड़काऊ बयान देने से परहेज नहीं किया। माउंट रशमोर पर लोगों की भारी भीड़ को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा, "हमने ईरान को बुरी तरह हराया। वे समझौता करने के लिए बेताब हैं। वे बहुत बुरी तरह से समझौता करना चाहते हैं। मैंने उन्हें अंतिम संस्कार के लिए एक हफ्ते की मोहलत दी क्योंकि हम अच्छे लोग हैं। यह सच है।" उनके बोलते ही भीड़ जोरदार नारों और तालियों से गूंज उठी। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, अयातुल्ला अली खामेनेई का जनाजा ईरान और इराक के कई शहरों से होकर गुजरेगा। खबरों के मुताबिक, इन शहरों में तेहरान, कर्बला, नजफ, कोम और मशहद शामिल हैं।