तेल-गैस संकट पर मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने संसद में दिया बयान, कहा "भारत की एनर्जी सप्लाई सुरक्षित"

केंद्रीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने संसद में कहा कि देश में कच्चे तेल और गैस का कोई संकट नहीं है और पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है। सरकार के मुताबिक अब क्रूड ऑयल का लगभग 70% आयात ऐसे स्रोतों से हो रहा है जो स्ट्रैट ऑफ होर्मुज पर निर्भर नहीं हैं, जबकि युद्ध से पहले यह हिस्सा करीब 55% था। भारत के ऊर्जा स्रोत भी बढ़कर 27 देशों से 40 देशों तक पहुंच गए हैं, जिससे सप्लाई और ज्यादा सुरक्षित हो गई है।

तेल-गैस संकट पर मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने संसद में दिया बयान, कहा

केंद्रीय मंत्री पुरी ने ताजा हालातों पर विस्तृत बयान दिया है।

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Highlights

  • हरदीप सिंह पुरी ने कहा कि भारत को पहले से अधिक मात्रा में दूसरे रास्तों से क्रूड ऑयल मिल रहा है।
  • पेट्रोल, डीजल, केरोसिन, एविएशन टर्बाइन फ्यूल और फ्यूल ऑयल की देश में कोई कमी नहीं है।
  • पिछले 5 दिनों में LPG उत्पादन 28% बढ़ाया गया है ताकि 33 करोड़ परिवारों की रसोई में गैस की कमी न हो।

भारत में कच्चे तेल और गैस की कमी को लेकर सोशल मीडिया पर फैल रही खबरों के बीच केंद्र सरकार ने स्थिति साफ कर दी है। केंद्रीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने संसद में कहा कि देश में कच्चे तेल और गैस का कोई संकट नहीं है और पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है। संसद में दिए गए बयान में उन्होंने कहा कि दुनिया ने आधुनिक ऊर्जा इतिहास में इतना बड़ा संकट पहले कभी नहीं देखा। इसके बावजूद भारत की क्रूड ऑयल सप्लाई पूरी तरह सुरक्षित है। संकट से पहले भारत का लगभग 45% क्रूड ऑयल इंपोर्ट स्ट्रैट ऑफ होर्मुज के रास्ते आता था, लेकिन अब कूटनीतिक प्रयासों की वजह से भारत को उससे भी अधिक मात्रा में दूसरे रास्तों से क्रूड ऑयल मिल रहा है।

उन्होंने बताया कि देश की रिफाइनरियां उच्च क्षमता पर काम कर रही हैं और कई जगह 100% से ज्यादा क्षमता का उपयोग किया जा रहा है। पेट्रोल, डीजल, केरोसिन, एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) और फ्यूल ऑयल की देश में कोई कमी नहीं है। इन सभी ईंधनों की सप्लाई और स्टॉक देशभर के रिटेल आउटलेट्स पर सामान्य रूप से उपलब्ध हैं। सरकार के मुताबिक अब क्रूड ऑयल का लगभग 70% आयात ऐसे स्रोतों से हो रहा है जो स्ट्रैट ऑफ होर्मुज पर निर्भर नहीं हैं, जबकि युद्ध से पहले यह हिस्सा करीब 55% था। भारत के ऊर्जा स्रोत भी बढ़कर 27 देशों से 40 देशों तक पहुंच गए हैं, जिससे सप्लाई और ज्यादा सुरक्षित हो गई है।

गैस सप्लाई को लेकर भी स्थिति स्थिर बताई गई है। बड़े LNG कार्गो नियमित रूप से दूसरे सप्लाई मार्गों से भारत पहुंच रहे हैं। अब गैस और ऊर्जा की खरीद को अलग-अलग देशों से सक्रिय रूप से बढ़ाया जा रहा है, जिनमें अमेरिका, नॉर्वे, कनाडा, अल्जीरिया और रूस शामिल हैं। LPG को लेकर भी सरकार ने कहा कि पिछले पांच दिनों में रिफाइनरियों को निर्देश देकर उत्पादन लगभग 28% बढ़ाया गया है और आगे की खरीद भी जारी है। सरकार की प्राथमिकता है कि देश के लगभग 33 करोड़ परिवारों, खासकर गरीब और जरूरतमंद लोगों की रसोई में गैस की कमी न हो। घरेलू सप्लाई पूरी तरह सुरक्षित है और डिलीवरी सिस्टम सामान्य रूप से चल रहा है।

अंत में उन्होंने लोगों से अफवाहों से बचने की अपील करते हुए कहा कि भारत गंभीर वैश्विक ऊर्जा संकट के दौर से गुजर रहा है, लेकिन फ्यूल और गैस की सप्लाई जारी है। सरकार घरों और खेतों के लिए गैस को प्राथमिकता दे रही है और देश को इस चुनौती से निपटने के लिए एकजुट रहने की जरूरत है।

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