गृह मंत्री अमित शाह ने NSA अजीत डोभाल को लोकमान्य टिळक राष्ट्रीय पुरस्कार से किया सम्मानित

रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस पुरस्कार में 1 लाख नकद, एक स्मृति-चिह्न और एक प्रशस्ति-पत्र शामिल है। पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी, पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, टी.एन. शेषन, ई. श्रीधरन, एम.एस. स्वामीनाथन, वर्गीज कुरियन,​ नारायण मूर्ति और सुधा मूर्ति समेत कई जानी-मानी हस्तियों को भी इस पुरस्कार से सम्मानित किया गया है।

गृह मंत्री अमित शाह ने NSA अजीत डोभाल को लोकमान्य टिळक राष्ट्रीय पुरस्कार से किया सम्मानित

डोभाल को राष्ट्रीय सुरक्षा में उनके महत्वपूर्ण योगदान के लिए इस प्रतिष्ठित पुरस्कार के लिए चुना गया है।

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Highlights

  • टिळक स्मारक ट्रस्ट द्वारा 1983 में शुरू किया गया यह पुरस्कार हर साल 1 अगस्त को पुणे में दिया जाता है।
  • इस अवसर पर अजीत डोभाल को लोकमान्य टिळक द्वारा लिखित पुस्तक गीता रहस्य की एक प्रति भी प्रदान की गई।
  • अमित शाह ने बताया की 2014 में प्रधानमंत्री बनने के बाद नरेंद्र मोदी ने सबसे पहले अजीत डोभाल को NSA नियुक्त किया था।

आज भारत के सबसे महान स्वतंत्रता सेनानियों में से एक, लोकमान्य टिळक की पुण्यतिथि है। इस अवसर पर, भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल को महाराष्ट्र के पुणे में लोकमान्य टिळक राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित किया गया। केंद्रीय गृह और सहकारिता मंत्री अमित शाह ने स्वयं उन्हें यह पुरस्कार प्रदान किया। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस पुरस्कार में 1 लाख नकद, एक स्मृति-चिह्न और एक प्रशस्ति-पत्र शामिल है। टिळक स्मारक ट्रस्ट द्वारा 1983 में शुरू किया गया यह पुरस्कार हर साल 1 अगस्त को पुणे में दिया जाता है।

टिळक स्मारक ट्रस्ट के अनुसार, डोभाल को राष्ट्रीय सुरक्षा में उनके महत्वपूर्ण योगदान के लिए इस प्रतिष्ठित पुरस्कार के लिए चुना गया है। पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी, पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, टी.एन. शेषन, ई. श्रीधरन, एम.एस. स्वामीनाथन, वर्गीज कुरियन,​ नारायण मूर्ति और सुधा मूर्ति समेत कई जानी-मानी हस्तियों को भी इस पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। इस कार्यक्रम में महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और सुनेत्रा पवार समेत कुछ अन्य लोग भी मौजूद थे।

इस अवसर पर, अजीत डोभाल को लोकमान्य टिळक द्वारा लिखित पुस्तक 'गीता रहस्य' की एक प्रति भी प्रदान की गई। अमित शाह और अजीत डोभाल ने मंच से सभा को संबोधित भी किया। कार्यक्रम में अमित शाह ने कहा, टिळक महाराज एक शिक्षक, राष्ट्रीय शिक्षा के प्रबल समर्थक और एक जोशीले पत्रकार थे। एक पत्रकार कितना निर्भीक हो सकता है, इसका अनुभव केवल 'केसरी' के लेखों को पढ़कर ही किया जा सकता है। एक महान विचारक के तौर पर, टिळक महाराज ने दुनिया के सामने भारत की आत्मा को व्यक्त करने का काम किया।

अमित शाह ने बताया कि इसी धरती से छत्रपति शिवाजी महाराज ने स्वराज का ऐलान किया था टिळक महाराज ने भी स्वराज और आजादी के आंदोलनों के लिए लोगों को एकजुट करने का काम किया और आजादी की लड़ाई में राष्ट्रवाद का एक नया रूप सामने लाए, सांस्कृतिक राष्ट्रवाद। उन्होंने राष्ट्रवाद की सोच को सांस्कृतिक राष्ट्रवाद में बदल दिया। उन्होंने देश के लिए रास्ता तय किया और कहा कि जब भी देश आजाद होगा, वह इसी रास्ते पर चलेगी। उनकी दूरदर्शी सोच ऐसी ही थी। आज देश सचमुच सांस्कृतिक राष्ट्रवाद के रास्ते पर चल पड़ा है। अब पीछे मुड़ने का कोई सवाल ही नहीं है। देश इसी रास्ते पर आगे बढ़ेगा। 

डोभाल का जिक्र करते हुए अमित शाह ने कहा कि जब 2014 में नरेंद्र मोदी पहली बार प्रधानमंत्री बने, तो उनकी सबसे पहली नियुक्ति अजीत डोभाल की NSA के तौर पर थी। इस दौरान, अमित शाह ने पुराने समय का एक और किस्सा सुनाया। उन्होंने गुजरात के गृह मंत्री के तौर पर अपने कार्यकाल को याद किया और बताया कि डोभाल की विशेषज्ञता कितनी अहम साबित हुई थी। उन्होंने बताया, हमारे देश में कई बम धमाके हुए थे। उस समय मैं अजीत जी को नहीं जानता था। तब नरेंद्र मोदी जी गुजरात के मुख्यमंत्री थे।

उन्होंने कहा कि यह सिर्फ एक अलग-थलग बम धमाका नहीं था। गुजरात पुलिस को इसके पीछे के दोषियों और देश भर में हो रहे धमाकों की भी जांच करनी थी और उन्होंने सुझाव दिया कि मैं अजीत डोभाल जी को अपने अधिकारियों के साथ इस मामले पर चर्चा करने के लिए बुलाऊं। मुझे याद है कि अजीत जी मेरे घर आए थे। दोपहर का समय था और उन्होंने जो जानकारी दी, उससे गुजरात पुलिस न सिर्फ अहमदाबाद बम धमाके के मामले को सुलझा पाई, बल्कि देश भर में हुए 13 अन्य धमाकों को भी सुलझा पाई। यह एक बहुत बड़ी उपलब्धि थी।

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