आज महात्मा गांधी और भारत के पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की जयंती के अवसर पर, पूरा राष्ट्र उन्हें शत-शत नमन कर रहा है। देश भर में उनकी मूर्तियों पर माल्यार्पण कर और चित्रों पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी जा रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने X पर एक पोस्ट में लिखा कि पूज्य बापू का संपूर्ण जीवन सत्य, अहिंसा, करुणा और सेवा का ऐसा प्रकाशस्तंभ है, जो हर युग में मानवता का मार्ग प्रशस्त करता रहेगा। उन्होंने एक संस्कृत सुभाषितम् भी साझा किया, जो इस प्रकार है:
"द्वेष्टा सर्वभूतानां मैत्रः करुण एव च।
निर्ममो निरहङ्कारः समदुःखसुखः क्षमी॥"
इस सुभाषितम् का संदेश यह है कि जो व्यक्ति किसी भी जीव के प्रति नफरत नहीं रखता, जो सभी को दोस्ती और दयाभाव से अपनाता है, जो मोह और अहंकार से मुक्त है, जो सुख और दुख में समान भाव रखता है और हमेशा क्षमाशील रहता है, ऐसा व्यक्ति ही सर्वोच्च साधक है। प्रधानमंत्री मोदी ने राजघाट पर जाकर भी बापू को पुष्पांजलि अर्पित की। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने भी गांधीजी की जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि दी और राजघाट में आयोजित सर्व-धर्म प्रार्थना सभा में भाग लिया। दोनों नेताओं ने विजय घाट जाकर पूर्व प्रधानमंत्री शास्त्रीजी को भी श्रद्धांजलि अर्पित की। भारत के उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने भी गांधीजी एवं शास्त्रीजी को अपनी श्रद्धांजलि अर्पित की।
X पर कुछ तस्वीरें शेयर करते हुए उन्होंने लिखा, "राष्ट्रपिता महात्मा गांधी जी को उनकी जयंती पर राजघाट पर श्रद्धांजलि अर्पित की। सत्य और अहिंसा में उनका अटूट विश्वास, न्याय के प्रति उनकी दृढ़ प्रतिबद्धता और हर व्यक्ति की गरिमा में उनका गहरा विश्वास आज भी मानवता को प्रेरित करता है। महात्मा गांधी जी का जीवन और संदेश शांति, करुणा, निस्वार्थ भाव और सेवा की एक स्थायी मिसाल बने हुए हैं। इस विशेष अवसर पर, आइए हम उन मूल्यों के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को दोहराएं जिन्हें वे मानते थे और एक न्यायपूर्ण, सौहार्दपूर्ण और समावेशी समाज के निर्माण के लिए खुद को समर्पित करें।"
वहीं शास्त्रीजी को भी श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उन्होंने लिखा, "आज विजय घाट पर पूर्व प्रधानमंत्री श्री लाल बहादुर शास्त्री जी की जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। शांत शक्ति और असाधारण संकल्प के धनी नेता, शास्त्री जी विनम्रता, ईमानदारी और देश के प्रति अटूट समर्पण की मिसाल थे। भारत की यात्रा के एक निर्णायक मोड़ पर, उनके नेतृत्व ने आत्मविश्वास और एकता का संचार किया, जबकि उनके "जय जवान, जय किसान" के आह्वान ने हमारे सैनिकों के बलिदान और किसानों के महत्वपूर्ण योगदान को चिरस्थायी पहचान दिलाई। उनका जीवन इस बात की सशक्त याद दिलाता है कि सच्चा नेतृत्व सादगी, साहस और राष्ट्र सेवा में निहित होता है।"
वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं ने भी आज इन दोनों महापुरुषों को श्रद्धांजलि अर्पित की। कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने भी राजघाट और विजय घाट जाकर बापू और शास्त्रीजी को नमन किया। खरगे ने कहा कि आज दो महान लोगों की जयंती है। महात्मा गांधी, जिन्होंने देश को आजादी दिलाई और लाल बहादुर शास्त्री, एक महान नायक जिन्होंने देश को सही दिशा दिखाई और उसकी रक्षा के लिए संघर्ष किया, साथ ही "जय जवान, जय किसान" का नारा भी दिया। वे दोनों ही देश के महान सपूत थे और हम सभी को उनके दिखाए रास्ते पर चलना सीखना चाहिए।
एक तरफ गांधी जी थे, जिन्होंने सादगी भरा जीवन जिया और लोगों को आजादी के लिए लड़ने के लिए प्रेरित किया और आखिरकार लाखों लोगों की सेना का नेतृत्व करते हुए देश को आजादी दिलाई। दूसरी तरफ, लाल बहादुर शास्त्री सादगी भरी जिंदगी की मिसाल थे। उन्होंने बहुत ही विनम्रता और शालीनता के साथ प्रधानमंत्री के तौर पर देश की सेवा की। वे युवाओं, नागरिकों और हमारे देश के हर व्यक्ति के लिए एक बेहतरीन मिसाल हैं। इसलिए, इस मौके पर मैं उन दोनों को श्रद्धांजलि देता हूँ और उनके प्रति सम्मान प्रकट करता हूँ।
गांधी जयंती के मौके पर देश भर में कई जगहों पर सफाई अभियान भी चलाए जा रहे हैं। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने नई दिल्ली में कर्तव्य भवन-1 के पास सफाई के लिए श्रमदान में हिस्सा लिया। इसकी कुछ तस्वीरें X पर साझा करते हुए उन्होंने लिखा, "आदरणीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के आह्वान पर वर्ष 2014 में आरंभ किया गया ‘स्वच्छ भारत अभियान’ आज एक सशक्त जन आंदोलन का रूप ले चुका है। गांधी जयंती के अवसर पर आज नई दिल्ली स्थित कर्तव्य भवन-1 के समीप स्वच्छता के लिए श्रमदान किया और पूज्य बापू के स्वच्छता संदेश को आगे बढ़ाया। स्वच्छता को दैनिक जीवन की जिम्मेदारी बनाकर स्वच्छ, स्वस्थ और सुंदर भारत के निर्माण में सभी की भागीदारी सुनिश्चित करना ही हमारा संकल्प है।"