परीक्षाएं रद्द होने के बाद भी झारखंड के छात्रों का प्रदर्शन जारी, CBI जांच की मांग पर अड़े

छात्रों की एक मुख्य मांग, सेंट्रल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (CBI) से जांच, अभी भी पूरी नहीं हुई है। झारखंड सरकार के छात्रों की मांग पर सहमत होने के बावजूद, वे CBI जांच की मांग को लेकर अपना विरोध जारी रखे हुए हैं। छात्र नेता रवींद्र पासवान ने कहा, "हम CBI जांच की मांग कर रहे हैं, लेकिन मुख्यमंत्री ने इस मामले पर अपना रूख साफ नहीं किया है।"

परीक्षाएं रद्द होने के बाद भी झारखंड के छात्रों का प्रदर्शन जारी, CBI जांच की मांग पर अड़े

राज्य सरकार के मंत्रियों ने देवेंद्र नाथ महतो को जूस पिलाकर उनका अनशन तुड़वाया।

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Highlights

  • TDPL से जुड़ी परीक्षाओं, परिणामों और चयनित उम्मीदवारों सहित सभी चीजों को रद्द करने का निर्णय लिया गया है।
  • छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो ने 16 दिनों से चल रही अपनी भूख हड़ताल खत्म कर दी है।
  • मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने मीडिया को बताया की हमने JSSC-CGL परीक्षा को भी रद्द करने का फैसला किया है।

झारखंड के रांची से एक बड़ी खबर सामने आई है। कई भर्ती परीक्षाओं में हो रही गड़बड़ियों के खिलाफ आंदोलन कर रहे युवाओं और छात्रों को आखिरकार कामयाबी मिल गई है। राज्य सरकार ने TDPL (TSR डेटा प्रोसेसिंग प्राइवेट लिमिटेड) से जुड़ी सभी चीजों को रद्द करने का फैसला किया है, जिसमें आयोजित परीक्षाएं, घोषित नतीजे और चुने गए उम्मीदवार शामिल हैं। झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने मीडिया को बताया कि कैबिनेट ने JSSC-CGL परीक्षा को भी रद्द करने का फैसला किया है।

2014 से अब तक हुई सभी छोटी-बड़ी गड़बड़ियों की जांच की जाएगी। हमारे युवा अपनी मांगों को लेकर जयपाल सिंह स्टेडियम में अलग-अलग समूहों में बैठे हैं। मैं उन्हें अलग-अलग समूहों के तौर पर नहीं देखता। वे सभी ऐसे युवा हैं जिन्हें अपने भविष्य की चिंता है। पहले की तरह ही, हमारे मंत्रियों की एक टीम ने इस मुद्दे पर बैठक में चर्चा की। सुधारों पर बात हुई और आपके माध्यम से हमने छात्रों की राय भी जानी। सुधारों को लेकर सरकार निश्चित रूप से पारदर्शी तरीके से काम करेगी।

इस घोषणा के बाद, छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो ने 16 दिनों से चल रही अपनी भूख हड़ताल खत्म कर दी। उन्होंने झारखंड सरकार के मंत्रियों दीपिका पांडे सिंह और इरफान अंसारी और साथ ही जयराम कुमार महतो की मौजूदगी में अपना अनशन समाप्त किया। मंत्रियों ने खुद उन्हें जूस पिलाकर उनका अनशन तुड़वाया।

मीडिया से बात करते हुए अंसारी ने कहा कि देवेंद्र, हबीबा और राहुल ने खुद ही अपनी भूख हड़ताल खत्म करने का फैसला किया था। हमने हड़ताल खत्म करने में मदद की और जूस पिलाकर उनका अनशन तुड़वाया। दीपिका पांडे और जयराम महतो की मिली-जुली कोशिशों से यह आंदोलन अब औपचारिक रूप से खत्म हो गया है। सरकार ने उनकी सभी मांगें मान ली हैं। ये अहम मांगें और एक बड़ा मुद्दा था लेकिन हमारे मुख्यमंत्री ने युवाओं के हित में यह ऐतिहासिक फैसला लिया। युवाओं की भलाई के लिए चलाया जा रहा यह आंदोलन अब खत्म हो गया है।

हालांकि, छात्रों का विरोध-प्रदर्शन जारी है और उनके पीछे हटने के कोई संकेत नहीं दिख रहे हैं। उनकी एक मुख्य मांग, सेंट्रल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (CBI) से जांच, अभी भी पूरी नहीं हुई है। झारखंड सरकार के छात्रों की मांग पर सहमत होने के बावजूद, वे CBI जांच की मांग को लेकर अपना विरोध जारी रखे हुए हैं। छात्र नेता रवींद्र पासवान ने कहा, "हम CBI जांच की मांग कर रहे हैं, लेकिन मुख्यमंत्री ने इस मामले पर अपना रूख साफ नहीं किया है।"

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