उपराज्यपाल सिन्हा ने पवित्र गुफा में प्रथम पूजा के साथ श्री अमरनाथ यात्रा का किया शुभारंभ

सुरक्षा इंतजामों की बात करें तो, असामाजिक तत्वों को रोकने के लिए, 6 जगहों पर 30 से अधिक फेशियल रिकग्निशन सिस्टम (FRS) कैमरे लगाए गए हैं। साथ ही, रास्ते में 400 से अधिक CCTV कैमरों का नेटवर्क भी लगाया गया है। ड्रोन से भी नजर रखी जा रही है और हर जोन और सेक्टर में मॉक ड्रिल भी की गई हैं।

उपराज्यपाल सिन्हा ने पवित्र गुफा में प्रथम पूजा के साथ श्री अमरनाथ यात्रा का किया शुभारंभ

तीर्थयात्री पवित्र गुफा की यात्रा पैदल कर सकते है या पोनी या पालकी की सेवाएं ले सकते है।

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Highlights

  • श्री अमरनाथ यात्रा 3 जुलाई से शुरू होकर 28 अगस्त तक जारी रहेगी।
  • यात्रा वाले इलाके में तीर्थयात्रियों के लिए हेलीकॉप्टर सेवाएं उपलब्ध नहीं होंगी।
  • पुलिस ने इस साल यात्रा के रास्ते पर CAPF और J&K आर्म्ड पुलिस की टुकड़ियां तैनात की है।

29 जून का दिन महादेव के भक्तों के लिए बहुत खास था। सोमवार को जम्मू-कश्मीर के मशहूर श्री अमरनाथ मंदिर में 'प्रथम पूजा' की गई, जिससे श्री अमरनाथ यात्रा की औपचारिक शुरुआत हुई। यह यात्रा 3 जुलाई से शुरू होकर 28 अगस्त तक चलेगी। जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल (LG) मनोज सिन्हा ने ये प्रथम पूजा की सोशल मीडिया पर इसकी जानकारी देते हुए उन्होंने लिखा, "हर-हर महादेव! श्री अमरनाथ जी की पवित्र गुफा में 'प्रथम पूजा' करके और वार्षिक यात्रा की औपचारिक शुरुआत करके मैं खुद को बहुत सौभाग्यशाली महसूस कर रहा हूँ। मैंने बाबा बर्फानी से सभी की शांति, समृद्धि, स्वास्थ्य और खुशहाली के लिए प्रार्थना की।

उन्होंने आगे लिखा, "3 जुलाई से शुरू होने वाली इस यात्रा के लिए प्रशासन, श्राइन बोर्ड, सेना, पुलिस, सुरक्षा बल, स्थानीय समुदाय, सेवा प्रदाता और स्वयंसेवक पूरी तरह से मिलकर काम कर रहे हैं। सभी संबंधित लोग यह सुनिश्चित करने के लिए समर्पित हैं कि सभी तीर्थयात्रियों की यात्रा सुरक्षित, परेशानी-मुक्त और यादगार हो। बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर, बेहतर सुविधाओं और जम्मू-कश्मीर के लोगों के अमूल्य सहयोग के साथ, हम भक्तों का आध्यात्मिक रुप से संतोषजनक यात्रा के लिए स्वागत करने को पूरी तरह तैयार हैं। बाबा अमरनाथ जी हम सभी पर अपनी कृपा बनाए रखें!"

श्री अमरनाथ यात्रा को देखते हुए, यात्रा खत्म होने तक पहलगाम और बालटाल समेत सभी रास्तों को 'नो-फ्लाइंग जोन' घोषित कर दिया गया है। इस दौरान यात्रा वाले इलाके में तीर्थयात्रियों के लिए हेलीकॉप्टर सेवाएँ उपलब्ध नहीं होंगी। तीर्थयात्री पवित्र गुफा तक की यात्रा पैदल कर सकते हैं या पूरी यात्रा के दौरान पोनी या पालकी की सेवाएँ ले सकते हैं।

सुरक्षा इंतजामों की बात करें तो, पुलिस ने इस साल पूरी यात्रा के रास्ते पर CAPF और J&K आर्म्ड पुलिस की कई टुकड़ियाँ तैनात की हैं। असामाजिक तत्वों को रोकने के लिए, 6 जगहों पर 30 से अधिक फेशियल रिकग्निशन सिस्टम (FRS) कैमरे लगाए गए हैं। साथ ही, रास्ते में 400 से अधिक CCTV कैमरों का नेटवर्क भी लगाया गया है। ड्रोन से भी नजर रखी जा रही है और हर जोन और सेक्टर में मॉक ड्रिल भी की गई हैं।

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