उत्तर प्रदेश की पवित्र नगरी अयोध्या से एक बड़ी खबर सामने आई है। सूत्रों के मुताबिक, श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट (SRJBTK) ने जगदीश आफळे को ट्रस्ट का सचिव नियुक्त किया है। अपनी नियुक्ति के बाद, आफळे दैनिक कामकाज की निगरानी करेंगे। रिपोर्ट्स में यह भी सामने आया है कि 2 सितंबर को होने वाली ट्रस्ट की बैठक में उनकी नियुक्ति को आधिकारिक मंजूरी भी मिल सकती है।
उपलब्ध जानकारी के अनुसार, जगदीश आफळे ने इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी बॉम्बे (IITB) से अपनी B.Tech और M.Tech की डिग्री पूरी की है। ये भी बताया जा रहा है कि उनका जुड़ाव राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) से रहा है। आफळे विदेश में कई मल्टीनेशनल कंपनियों में भी काम कर चुके हैं।
रिटायरमेंट के बाद, उन्होंने एक प्रोजेक्ट मैनेजर के रूप में श्री राम मंदिर निर्माण परियोजना में काम किया। वह अपनी पत्नी के साथ अयोध्या के तीर्थ क्षेत्र भवन में रहते हैं। इसी बीच, श्री राम मंदिर ट्रस्ट ने अपने पहले चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर (CEO) की नियुक्ति को एक महीने के लिए आगे बढ़ा दिया है, क्योंकि स्क्रीनिंग कमेटी को 5,200 से अधिक आवेदनों में से चुने गए तीन उम्मीदवारों को परखने के लिए और समय चाहिए था।
जगदीश आफळे की नियुक्ति पर विभिन्न प्रतिक्रियाएं भी सामने आईं हैं। राणाघाट लोकसभा सीट से सांसद और भाजपा नेता जगन्नाथ सरकार ने कहा, "नियुक्ति तो होनी ही चाहिए। सब कुछ व्यवस्थित ढंग से चलना चाहिए। गड़बड़ियों के लिए जिम्मेदार लोगों को सजा मिलनी चाहिए और उनकी जांच होनी चाहिए। लेकिन इस मुद्दे पर हंगामा करने का क्या फायदा? हम उनका समर्थन नहीं कर रहे हैं।"
उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी (UPCC) के अध्यक्ष अजय राय ने कहा, "ट्रस्ट का गठन एक पवित्र उद्देश्य से किया गया था। लेकिन, RSS से जुड़े लोगों ने भगवान राम के नाम पर और राम मंदिर ट्रस्ट के कामकाज में भी भ्रष्टाचार और चोरी की। भगवान राम के नाम पर और उनके दरबार में भी भ्रष्टाचार हुआ है। ट्रस्ट का पुनर्गठन किया जाना चाहिए और इसे शंकराचार्यों समेत संतों और ऋषियों की देखरेख में रखा जाना चाहिए। ट्रस्ट में अयोध्या के लोगों को भी शामिल किया जाना चाहिए, क्योंकि उनका भगवान राम के साथ गहरा और ऐतिहासिक जुड़ाव रहा है और उन्होंने पीढ़ियों से उनकी सेवा की है।"