मेघालय की राजनीति से एक बड़ी खबर सामने आई है। आज मेघालय की यूनाइटेड डेमोक्रेटिक पार्टी (UDP) के 8 विधायकों ने अपनी पार्टी छोड़कर भारतीय जनता पार्टी (BJP) का दामन थाम लिया। इन 8 नेताओं ने मेघालय BJP अध्यक्ष रिकमैन मोमिन, केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू और पार्टी के मेघालय प्रभारी अनिल एंटनी की मौजूदगी में औपचारिक रूप से BJP जॉइन की। इस कार्यक्रम में BJP के नॉर्थ-ईस्ट कोऑर्डिनेटर और लोकसभा सांसद डॉ. संबित पात्रा समेत कई अन्य नेता भी मौजूद थे।
इन 8 विधायकों के शामिल होने के साथ ही, BJP 60 सदस्यों वाली मेघालय विधानसभा में कुल 10 सीटों के साथ दूसरी सबसे बड़ी पार्टी बन गई है। वहीं, जानकारी के मुताबिक, पहले UDP के पास 12 विधायक थे, लेकिन अब उसके पास सिर्फ चार विधायक ही बचे हैं। BJP में शामिल हुए नेताओं में लखमेन रिम्बुई, किरमेन शायला, मेरालबॉर्न सिएम, मैथ्यू बियॉन्डस्टार कुर्बाह, ओलन सिंह सुइन, बालाजीद कुपर सिनरेम, सिनशर लिंगदोह थाबा और पियस मारवेन शामिल हैं।
इनमें से कुछ नेता मुख्यमंत्री कॉनराड संगमा की कैबिनेट में मंत्री भी हैं। सत्ताधारी नेशनल पीपल्स पार्टी (NPP) राज्य की सबसे बड़ी पार्टी है, जिसके 33 विधायक हैं। NPP, BJP, UDP, हिल स्टेट पीपल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (HSPDP) और दो निर्दलीय विधायक मिलकर मेघालय डेमोक्रेटिक अलायंस (MDA) बनाते हैं। जानकारी के अनुसार, इस गठबंधन के पास विधानसभा की 60 में से 51 सीटें हैं। कुछ दिन पहले, नोंगथिम्मई सीट से पूर्व विधायक जेमिनो मावथो भी BJP में शामिल हुए थे। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए केंद्रीय मंत्री रिजिजू ने पार्टी में सभी नए सदस्यों का स्वागत किया।
रिजिजू ने बताया कि कांग्रेस पार्टी नॉर्थ ईस्ट को केवल एक ऐसा इलाका या राज्य मानती थी जो राजनीतिक रूप से ज्यादा महत्व नहीं रखता था। इसके विपरीत, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चुनावी या राजनीतिक आंकड़ों की परवाह किए बिना नॉर्थ ईस्ट को हमेशा अपने दिल के करीब रखा है। उन्होंने आगे कहा कि प्रधानमंत्री के तौर पर नरेंद्र मोदी किसी चुनावी प्रचार के लिए नहीं, बल्कि विकास कार्यों और वहां के लोगों से जुड़ने के लिए 80 से अधिक बार नॉर्थ ईस्ट का दौरा कर चुके हैं। प्रधानमंत्री ने अपने मंत्रियों को भी यह निर्देश दिया है कि हर मंत्री को तीन महीने में कम से कम एक बार और हर महीने लगभग 15 मंत्रियों को नॉर्थ ईस्ट का दौरा जरूर करना चाहिए। इसी नीति के कारण नॉर्थ ईस्ट सभी मंत्रियों के लिए एक प्रमुख डेस्टिनेशन बन गया था और यह सिलसिला आगे भी जारी रहेगा।