आज संसद भवन में भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेतृत्व वाले नेशनल डेमोक्रेटिक अलायन्स (NDA) की साप्ताहिक रणनीति बैठक 'मंगल मिलन' संपन्न हुई। इस बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह भी शामिल हुए। इस बैठक में पहली बार नेशनलिस्ट सिटिजन्स पार्टी ऑफ इंडिया (NCPI) ने भी भाग लिया, जो पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस (TMC) से अलग हुई थी। NCPI की ओर से डॉ. काकोली घोष दस्तीदार, शताब्दी रॉय और सायोनी घोष जैसे चेहरे भी नजर आए।
इस बैठक के बाद मीडिया से बात करते हुए सायोनी घोष ने बताया कि यह अनुभव बहुत ही दिलचस्प रहा। आज हमने ब्लू इकोनॉमी और FTA पर विस्तृत प्रेजेंटेशन देखे और मंत्रियों ने अपनी राय दी। पहली बार सांसद बनने के नाते, मुझे यह बहुत दिलचस्प लगा और इससे मुझे सरकार के विजन को समझने में मदद मिली।
सार्वजनिक परीक्षा संशोधक विधेयक पर उन्होंने कहा, "मेरा मानना है कि किसी भी स्थिति में चर्चा बहुत जरूरी है। सरकार का विरोध करने वाले भी बच्चों के भले के लिए लाए गए बिल का विरोध नहीं कर सकते। हालाँकि, बिना चर्चा, फीडबैक, सुझाव, विस्तृत जांच या सरकार के कामकाज पर बातचीत के, हम जरूरी इनपुट से चूक जाते हैं। मुझे लगता है कि युवा खुद सुधारों पर चर्चा चाहते हैं। उन्हें राजनीतिक खींचतान में कोई दिलचस्पी नहीं है। वे सरकार का विजन जानना चाहते हैं कि सरकार पेपर लीक को रोकने की क्या योजना बना रही है और क्या कड़े कदम उठाए जा रहे हैं। इसलिए, चर्चा होनी चाहिए। उनके सड़कों पर उतरने से पता चलता है कि देश में लोकतंत्र मजबूत है। उन्होंने यह भी साबित कर दिया है कि उन्हें भारत के विपक्ष पर कोई भरोसा नहीं है।"
NCPI की अध्यक्ष डॉ. काकोली घोष दस्तीदार ने भी बताया कि, "NCPI पहले से ही चुनाव आयोग के साथ रजिस्टर्ड है और हमने अपनी मान्यता के लिए स्पीकर को सभी डॉक्यूमेंट्स सौंप दिए हैं। उन्होंने हमें NDA के हिस्से के तौर पर मान्यता भी दे दी है। इसीलिए उन्होंने हमें आज की बैठक में बुलाया था। लेकिन हमारे बैठने की व्यवस्था और आगे की मान्यता को लेकर अभी बातचीत चल रही है। जैसे ही इस पर कोई फैसला होगा, हम आपको बता देंगे। मैंने पहले कभी ऐसी बैठक नहीं देखी थी। 2014 से पहले ऐसी बैठकें होती ही नहीं थीं। इसलिए, हमें यह बहुत अच्छा लगा और हम NDA में शामिल होने का न्योता पाकर बहुत खुश हैं। NCPI के हमारे सभी सांसद मिलकर काम कर रहे हैं। यह खुशी की बात है।"