अब आधार कार्ड रखने की झंझट होगी कम, UIDAI ने पेश किया नया डिजिटल आधार एप

इस नए एप के ज़रिए आप कही पर भी अपनी पहचान साबित कर सकते हैं। चाहे आपको नया बैंक अकाउंट खुलवाना हो, नया सिम कार्ड लेना हो या फिर एयरपोर्ट पर एंट्री लेनी हो, आपका काम एक ही क्लिक में हो जाएगा।

अब आधार कार्ड रखने की झंझट होगी कम, UIDAI ने पेश किया नया डिजिटल आधार एप

भारत सरकार ने एक नया मोबाइल एप पेश किया है, जिससे अब आधार का वेरीफिकेशन डिजिटल हो जाएगा।

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Highlights

  • नया आधार एप फिजिकल कार्ड पर निर्भरता को कम करता है।
  • क्यूआर कोड से सुरक्षित डिजिटल वेरिफिकेशन संभव है।
  • ऑफलाइन सुविधा से सहूलियत और बढ़ गई है।

अब से आम आदमी को पहले से ही भारी अपने वॉलेट में आधार कार्ड रखने की ज़रूरत नहीं पड़ेगी। भारत सरकार ने डिजिटल इंडिया की तरफ एक और कदम बढ़ाते हुए नया मोबाइल एप पेश किया है, जिससे अब आधार का वेरीफिकेशन पूरी तरह से डिजिटल हो जाएगा। ये खबर उन अनगिनत लोगों के लिए राहत भरी है, जो अक्सर अपना आधार कार्ड घर भूल जाया करते हैं या जिन्हें अपने कार्ड को खोने का डर बना रहता है। इससे पहले हमें किसी भी सरकारी या निजी काम के लिए आधार कार्ड की फोटोकॉपी करवाना या आधार कार्ड दिखाना अनिवार्य होता था। लेकिन अब तकनीक इतनी बदल गई है कि आपके पास फोन में मौजूद एप ही आपकी पहचान बन जाएगा।

इस नए एप के ज़रिए आप कही पर भी अपनी पहचान साबित कर सकते हैं। चाहे आपको नया बैंक अकाउंट खुलवाना हो, नया सिम कार्ड लेना हो या फिर एयरपोर्ट पर एंट्री लेनी हो, आपका काम एक ही क्लिक में हो जाएगा। अक्सर लोगों को ये डर लगा रहता है कि डिजिटल माध्यम से उनका डाटा चोरी हो सकता है, लेकिन इस एप में सुरक्षा का भी ध्यान रखा गया है। इसमें एक क्यूआर कोड की सुविधा दी गई है। इसका मतलब यह है कि आपको अपना पूरा आधार नंबर किसी को बताने की जरूरत नहीं है। आप एक अस्थाई आईडी जेनरेट कर सकते हैं जिससे आपका काम भी हो जाएगा और आपकी प्राइवेसी भी सुरक्षित रहेगी। यह फीचर उन लोगों के लिए वरदान है जो डेटा लीक होने से डरते हैं।

यह एप बहुत ही सरल भाषा और डिजाइन के साथ बनाया गया है ताकि गांव हो या शहर, हर कोई इसे आसानी से इस्तेमाल कर सके। आपको बस अपने रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर से लॉगिन करना होगा। लॉगिन करते ही आपका डिजिटल आधार आपके फोन की स्क्रीन पर होगा। इसमें ऑफलाइन वेरिफिकेशन की भी सुविधा है, यानी अगर आपके फोन में इंटरनेट नहीं भी है, तब भी आप अपनी पहचान दिखा सकते हैं। इस बदलाव से न केवल कागज की बचत होगी, बल्कि जालसाजी और फर्जीवाड़े की घटनाओं में भी कमी आएगी। यह नया डिजिटल सिस्टम वाकई में 'डिजिटल इंडिया' के सपने को सच कर रहा है और आम आदमी की जिंदगी को पहले से कहीं ज्यादा आसान बना रहा है।

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