ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग पर NSUI का प्रदर्शन, कई लोग हिरासत में लिए गए

X पर एक वीडियो शेयर करते हुए NSUI प्रेसिडेंट विनोद जाखड़ ने लिखा, "कनॉट प्लेस पर वोट चोरी के खिलाफ आवाज बुलंद कर रहे NSUI के साथियों को दिल्ली पुलिस ने हिरासत में लिया। न हिरासत से डरेंगे, न दमन से झुकेंगे! मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और लोकतंत्र की रक्षा की मांग को लेकर हमारी लड़ाई जारी रहेगी। छात्रों की आवाज को न दबने देंगे, न रुकने देंगे!"

ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग पर NSUI का प्रदर्शन, कई लोग हिरासत में लिए गए

कल INDIA गठबंधन के मार्च के बाद NSUI ने भी आज विरोध प्रदर्शन किया।

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Highlights

  • NSUI के अध्यक्ष विनोद जाखड़ ने कहा Ki  वे छात्रों की आवाज को दबने या रुकने नहीं देंगे।
  • विनोद जाखड़ ने विरोध-प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं के साथ कथित बर्बरता को शर्मनाक बताया।
  • विनोद जाखड़ ने कहा की लोकतंत्र की रक्षा के लिए सवाल उठाना कोई अपराध नहीं है।

भारत की राजधानी दिल्ली में आज भी हलचल जारी है। कल इंडियन नेशनल डेवलपमेंटल इंक्लूसिव अलायंस (INDIA) के मार्च के बाद, नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया (NSUI) ने भी आज विरोध प्रदर्शन किया। NSUI ने यह प्रदर्शन चीफ इलेक्शन कमिश्नर (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर किया। दिल्ली पुलिस ने कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में भी लिया। X पर एक वीडियो शेयर करते हुए NSUI प्रेसिडेंट विनोद जाखड़ ने लिखा, "कनॉट प्लेस पर वोट चोरी के खिलाफ आवाज बुलंद कर रहे NSUI के साथियों को दिल्ली पुलिस ने हिरासत में लिया। न हिरासत से डरेंगे, न दमन से झुकेंगे! मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और लोकतंत्र की रक्षा की मांग को लेकर हमारी लड़ाई जारी रहेगी। छात्रों की आवाज को न दबने देंगे, न रुकने देंगे!"

विनोद ने X पर कुछ अन्य वीडियो साझा करते हुए राजीव चौक पर वोट चोरी के खिलाफ आवाज उठाने वाले NSUI के साथियों को हिरासत में लेने और शांतिपूर्ण प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं के साथ बर्बरता करने को शर्मनाक बताया। उन्होंने महिला NSUI कार्यकर्ता के साथ मारपीट की घटना की निंदा की और कहा कि पुलिस की कार्रवाई से न तो छात्रों की आवाज दबेगी और न ही वोट चोरी के खिलाफ उनकी लड़ाई रुकेगी। वहीं एक अन्य वीडियो के साथ उन्होंने जानकारी दी कि ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे NSUI के साथियों के साथ दिल्ली पुलिस ने उन्हें भी हिरासत में ले लिया है।

उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर लोकतांत्रिक तरीके से उठाई जा रही छात्रों की आवाज से इतना डर क्यों है और अपने मताधिकार तथा लोकतंत्र की रक्षा के लिए सवाल उठाना कोई अपराध नहीं है। अंत में एक महिला का वीडियो साझा करते हुए उन्होंने लिखा, "एक छात्रा के चेहरे पर वार और उसके साथ मारपीट- क्या यही है लोकतंत्र में अपनी आवाज उठाने की आजादी ? NSUI की हमारी बहनों के साथ दिल्ली पुलिस का यह बर्बर व्यवहार बेहद शर्मनाक और निंदनीय है। अपने अधिकारों और लोकतंत्र की रक्षा के लिए आवाज उठाना कोई अपराध नहीं है। छात्राओं की आवाज को लाठी और हिंसा से दबाने की कोशिश बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इस घटना की निष्पक्ष जाँच हो और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाए।"

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