प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया सेमीकॉन इंडिया 2026 का उद्घाटन, बोले इस साल कमर्शियल चिप निर्माण पर फोकस

प्रधानमंत्री मोदी ने सभी देशवासियों को विश्वकर्मा जयंती की भी बधाई दी। उन्होंने बताया कि हमारी परंपरा में भगवान विश्वकर्मा को निर्माण और सृजन की शक्ति का प्रतीक माना गया है। संयोग से आज से ही सेमीकॉन इंडिया की शुरूआत हो रही है। एक तरफ हमारी सदियों पुरानी निर्माण की परंपरा है और दूसरी तरफ 21वीं सदी की टेक्नोलॉजी और विजन है। यही आत्मनिर्भर भारत और विकसित भारत के लिए हमारी प्रेरणा भी है। प्रधानमंत्री मोदी ने बताया कि विकसित भारत बनाने के लिए हर देशवासी पूरी कमिटमेंट के साथ काम कर रहा है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया सेमीकॉन इंडिया 2026 का उद्घाटन, बोले इस साल कमर्शियल चिप निर्माण पर फोकस

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस कार्यक्रम को संबोधित भी किया।

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Highlights

  • 17 से 19 सितंबर तक होने वाले इस आयोजन में 600 से ज्यादा कंपनियां हिस्सा ले रही है।
  • कार्यक्रम में 52 देशों के प्रतिनिधि, 400 से ज्यादा एग्जीक्यूटिव और 150 से ज्यादा वक्ता शामिल हुए।
  • प्रधानमंत्री मोदी ने विदेशों में रिसर्च कर रहे युवाओं से भारत की एडवांस्ड टेक्नोलॉजी से जुड़ने की अपील की है।

भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज नई दिल्ली के यशोभूमि में सेमीकॉन इंडिया 2026 का उद्घाटन किया। 17 से 19 सितंबर तक आयोजित होने वाला यह तीन दिवसीय सम्मेलन और प्रदर्शनी 'फ्रॉम सिलिकॉन टू सिस्टम्स: बिल्डिंग द इकोसिस्टम थीम पर आधारित है। प्रेस इन्फॉर्मेशन ब्यूरो (PIB) के अनुसार, सेमीकॉन इंडिया में 600 से ज्यादा कंपनियाँ हिस्सा ले रही हैं और इस कार्यक्रम में लगभग 50 हजार लोगों के शामिल होने की उम्मीद है, जिनमें 52 देशों के प्रतिनिधि, 400 से ज्यादा एग्जीक्यूटिव और 150 से ज्यादा वक्ता शामिल हैं। 

कार्यक्रम में प्रधानमंत्री मोदी के साथ-साथ केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिकी और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव और राज्य मंत्री जितिन प्रसाद समेत कई अन्य लोग भी मौजूद थे। प्रधानमंत्री ने सभा को संबोधित भी किया। वहां मौजूद लोगों ने उन्हें जन्मदिन की शुभकामनाएं भी दी। प्रधानमंत्री मोदी ने सभी देशवासियों को विश्वकर्मा जयंती की भी बधाई दी। उन्होंने बताया कि हमारी परंपरा में भगवान विश्वकर्मा को निर्माण और सृजन की शक्ति का प्रतीक माना गया है। संयोग से आज से ही सेमीकॉन इंडिया की शुरूआत हो रही है।

एक तरफ हमारी सदियों पुरानी निर्माण की परंपरा है और दूसरी तरफ 21वीं सदी की टेक्नोलॉजी और विजन है। यही आत्मनिर्भर भारत और विकसित भारत के लिए हमारी प्रेरणा भी है। प्रधानमंत्री मोदी ने बताया कि विकसित भारत बनाने के लिए हर देशवासी पूरी कमिटमेंट के साथ काम कर रहा है। अगर हम सिर्फ पिछले 15 दिनों पर नजर डालें, अगर मैं आपका ध्यान सिर्फ पिछले 15 दिनों की ओर खींचूँ, तो कोई भी यह समझ सकता है कि भारत किस दिशा में और कितनी तेजी से आगे बढ़ रहा है। इसी सितंबर महीने में, ठीक 10 दिन पहले, मुंबई में ग्लोबल फिनटेक फेस्ट आयोजित हुआ था।

उस कार्यक्रम में एजेंटिक AI, टोकनाइजेशन​ और क्वांटम टेक्नोलॉजी से चलने वाले इन्क्लूसिव फाइनेंस पर चर्चा हुई। इसी दौरान, यानी इसी सितंबर में, भारत की क्वार्टरली GDP रिपोर्ट जारी हुई। इस चैलेंजिंग पीरियड में भी भारत ने 7.8% की ग्रोथ रेट हासिल करके दिखाई है। साथ ही, इसी दौरान जापान की एक क्रेडिट रेटिंग एजेंसी ने भारत की सॉवरेन रेटिंग को अपग्रेड किया। ऐसा भी तीन दशक यानी लगभग 35 साल बाद हुआ है। इसका मतलब है कि एक तरफ भारत की इकोनॉमी बढ़ रही है, तो दूसरी तरफ दुनिया का भारत पर भरोसा और विश्वास भी लगातार बढ़ रहा है। ​

इस भरोसे की एक और बड़ी तस्वीर उदाहरण तीन दिन पहले हुए ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में देखने को मिली। भारत ने इस सम्मेलन की सफलतापूर्वक मेजबानी की। सर्वसम्मति से नई दिल्ली डिक्लेरेशन को अपनाना, भारत पर दुनिया के भरोसे का एक और बड़ा सबूत है। भारत की इन उपलब्धियों के बीच, 'सेमीकॉन इंडिया' का यह आयोजन और भी महत्वपूर्ण हो गया है। इसका पहला एडिशन 2022 में हुआ था। तब से, हम हर साल मिलते रहे हैं। लेकिन हर साल, हमारी चर्चा का विषय बदलता और आगे बढ़ता रहा है।

जब पहला एडिशन हुआ था, तो हमने पॉलिसी के बारे में बात की थी। बाद के एडिशन में चर्चाएँ और आगे बढ़ीं। अगले एडिशन में हमने प्रोजेक्ट्स पर चर्चा शुरू की। बातचीत फाइलों पर साइन करने से आगे बढ़कर शिलान्यास समारोहों तक पहुँची। पिछले साल हमने पायलट लाइनों और टेस्ट चिप्स पर चर्चा शुरू की। हमने इस बारे में बात की कि कैसे भारतीय यूनिट्स से पहले सैंपल आने शुरू हुए। इस साल, हम कमर्शियल प्रोडक्शन के बारे में बात कर रहे हैं।

प्रधानमंत्री ने कहा कि किसी भी देश के लिए इतने कम समय में इस मुकाम तक पहुँचना आसान नहीं है। यह ऐसा सेक्टर नहीं है जहाँ आप बस एक फैक्ट्री लगा दें और काम हो जाए। इस क्षेत्र में तकनीकी क्षमताएँ विकसित करने में दशकों लग जाते हैं। दुनिया भर में जहाँ भी सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम बने हैं, वे दशकों की कड़ी मेहनत के बाद ही स्थापित हो पाए हैं। हमारी इस यात्रा में आप सभी, यानी इंडस्ट्री लीडर्स, बहुत अहम हिस्सेदार रहे हैं। आप भारत की सफलता के स्तंभ हैं। आप इस यात्रा में हमारे साथी हैं। सेमीकंडक्टर इंडस्ट्री में एक शब्द इस्तेमाल होता है टेप-आउट।

यह वह दिन होता है जब डिजाइन पूरा होने के बाद चिप को प्रोडक्शन के लिए भेजा जाता है। लेकिन टेप-आउट के बाद काम रुकता नहीं है। उसी दिन से अगले वर्जन पर काम शुरू हो जाता है। हमारी कोशिश है कि भारत में फैबलैस (fabless) कंपनियां बढ़ें और इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी भी यहीं भारत में तैयार हो। चाहे अलग-अलग तरह के कंपाउंड सेमीकंडक्टर बनाना हो या इकोसिस्टम में सिलिकॉन फोटोनिक्स को शामिल करना हो, ये सभी AI-इनेबलिंग इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए जरूरी हैं। इस दिशा में हमें मिलकर आगे बढ़ना होगा।

उन्होंने कहा कि सरकार की कोशिशों के बीच, आज मैं युवाओं, भारत में रिसर्च कर रहे युवा टैलेंट से भी आगे आने का आह्वान करता हूं। विदेश में रिसर्च कर रहे युवाओं को भी भारत में एडवांस्ड टेक्नोलॉजी के विकास से जुड़ना चाहिए। मैं इंडस्ट्री लीडर्स से आग्रह करता हूं कि वे देश में R&D को आगे बढ़ाएं। इससे इंडस्ट्री को फायदा होता है और यह भारत की युवा शक्ति को भी सशक्त बनाएगा।

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