प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को वीडियो कॉल के जरिए कैप्टन स्मित मच्छार से बात की। स्मित ने दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की एक फ्लाइट में अपने को-पायलट के हमले को नाकाम करके 180 लोगों की जान बचाई थी। प्रधानमंत्री ने उनकी हिम्मत, सूझ-बूझ और संयम की तारीफ की। उन्होंने स्मित से कहा कि पूरा देश उनके लिए प्रार्थना कर रहा है और उनकी सलामती के लिए महामृत्युंजय मंत्र का जाप किया जा रहा है।
प्रधानमंत्री ने उनसे कहा कि आज पूरा देश गर्व से कह सकता है कि हम भारतीय जान लेने वाले नहीं, बल्कि जान बचाने वाले लोग हैं। उन्होंने स्मित से कहा कि आपके शरीर पर इतना बड़ा घाव हुआ, आप स्वयं जीवन और मृत्यु की लड़ाई लड़ रहे थे। उस समय भी आपने अपनी जान की परवाह नहीं की। सभी यात्रियों के जीवन की परवाह की और सबसे बड़ी बात 140 करोड़ देशवासियों का आपने मान बढ़ाया। कैप्टन स्मित मच्छार ने प्रधानमंत्री को बताया कि जब भी मुझे दर्द होता है, तो मैं हनुमान चालीसा का पाठ करता हूँ। उस समय भी, मैं बस हनुमान चालीसा ही बोल रहा था।
आज, आपकी एक कॉल से मुझे सच में बहुत गर्व महसूस हो रहा है। मैंने कभी सोचा भी नहीं था कि मुझे आपसे बात करने का मौका मिलेगा। प्रधानमंत्री ने स्मित से कहा कि भारत आपका स्वागत करने के लिए उत्सुक है। कल आपकी सेहत के लिए पूरे देश में विशेष प्रार्थनाएं की गईं। मैं सऊदी और UAE सरकारों को आपका ख्याल रखने के लिए धन्यवाद देता हूं।
मैं आपको भरोसा दिलाता हूं कि जब भी आपको मेरी जरूरत होगी, मैं बस एक फोन कॉल दूर हूं। प्रधानमंत्री ने स्मित से कहा कि आपने दुनिया को दिखाया है कि अहिंसा क्या है। मैंने सोशल मीडिया पर कई कमेंट्स पढ़े जिनमें कहा गया था कि अगर हालात कुछ और होते, तो लोग भारत के बारे में क्या कहते? आपने बहुत बड़ा काम किया है और सभी को बचाया है।