2026 के विधानसभा चुनावों में टूटे पिछले रिकॉर्ड, तमिलनाडु में 84.69% और पश्चिम बंगाल में हुई 91.78% वोटिंग

इस चुनाव में तमिलनाडु में अब तक का सबसे अधिक मतदान दर्ज किया गया है। इससे पूर्व 2011 के चुनाव में 77.8% वोटिंग हुई थीं। दूसरी ओर, 2021 में पश्चिम बंगाल में कुल मतदान 82.30% दर्ज किया गया था।

2026 के विधानसभा चुनावों में टूटे पिछले रिकॉर्ड, तमिलनाडु में 84.69% और पश्चिम बंगाल में हुई 91.78% वोटिंग

दोनों ही राज्यों में बड़ी संख्या में लोगों ने वोट दिया।

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Highlights

  • पश्चिम बंगाल के अंदर कूच बिहार में 96.04% और दक्षिण दिनाजपुर में 95.44% मतदान हुआ।
  • उप-चुनावों में उमरेठ में 59.03%, बारामती में 57.48% और राहुरी में 55.31% मतदान दर्ज किया गया है।
  • प्रथम चरण में रिकॉर्ड वोटिंग के लिए गृह मंत्री अमित शाह ने पश्चिम बंगाल की जनता का अभिनंदन किया है।

तमिलनाडु की सभी 234 सीटों और पश्चिम बंगाल में फर्स्ट फेज में 152 सीटों पर मतदान संपन्न हो चुका है। इस बार दोनों ही राज्यों में वोटर टर्नआउट बड़ा ही जबरदस्त रहा। तमिलनाडु में 84.69% मतदान दर्ज हुआ, जो पिछली बार से 11.52% ज्यादा है। 2021 में 73.63% मतदान रिकॉर्ड किया गया था। इस चुनाव में राज्य में अब तक का सबसे अधिक मतदान दर्ज किया गया है। इससे पूर्व 2011 के चुनाव में 77.8% वोटिंग हुई थीं। दूसरी ओर पश्चिम बंगाल ने भी पहले चरण में ही अलग कीर्तिमान स्थापित कर दिया है। यहां 91.78% वोटिंग हुई, जो अपने आप में बहुत बड़ी बात है। राज्य के अंदर कई जिलों में भी बड़ी संख्या में लोग इस बार वोट डालने निकले थे।

कूच बिहार में 96.04%, दक्षिण दिनाजपुर में 95.44%, उत्तर दिनाजपुर में 94.16% और मालदा में भी 94.46% वोटिंग दर्ज हुई। 2021 में प्रदेश में कुल मतदान 82.30% दर्ज किया गया था। इसके अलावा यदि उप-चुनावों पर भी नजर डालें, तो गुजरात के उमरेठ में 59.03%, महाराष्ट्र के बारामती में 57.48% और राहुरी सीट पर 55.31% मतदान दर्ज किया गया है। पश्चिम बंगाल में चुनाव के दिन कई स्थानों पर हिंसा की घटनाएं भी सामने आ चुकी हैं। पूरे राज्य में, चुनाव से जुड़ी हिंसा के मामले में 40 से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया गया, जबकि 550 से अधिक लोगों को एहतियातन हिरासत में लिया गया था। नावदा में पुलिस सबसे ज्यादा एक्शन में दिखी, जहां 8-9 लोगों को अरेस्ट किया गया। 

चुनाव खत्म होने के बाद दोनों राज्यों में प्रमुख दल अलग-अलग दावे भी कर रहे हैं। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने X पर एक पोस्ट भी किया, जिसमें उन्होंने बधाई देते हुए लिखा, "पश्चिम बंगाल में प्रथम चरण में ऐतिहासिक मतदान कर लोकतंत्र के महापर्व में सहभागिता के सभी रिकॉर्ड तोड़ने के लिए प्रदेश के मतदाताओं का अभिनंदन करता हूँ। बंगाल के इतिहास के सबसे शांतिपूर्ण और सुरक्षित मतदान के लिए माननीय चुनाव आयोग, सभी केंद्रीय सुरक्षा बलों (CAPFs) के बहादुर जवानों और हमारी पश्चिम बंगाल पुलिस का भी अभिनंदन करता हूँ। यह बंगाल में सुशासन के नए युग की आहट है।"

वहीं पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के तेवर अब भी पहले जैसे बने हुए हैं। उन्होंने कहा, "जो भी लोग BJP के लिए काम कर रहे हैं, उन सबके नाम लिस्ट में हैं। आपने लोगों को उनके BJP बैकग्राउंड के आधार पर लाया है और उसी हिसाब से अधिकारियों को नियुक्त किया है। याद रखना, आपमें हमें हराने की हिम्मत नहीं है। हम अन्याय के खिलाफ लड़ते हैं, हम अपने अधिकारों के लिए लड़ते हैं। मेरा जन्म बंगाल में हुआ है और मैं बंगाल में ही मरूंगी। बंगाल जीतने के बाद, मैं दिल्ली पर कब्जा करूंगी। मुझे सत्ता नहीं चाहिए, मुझे दिल्ली में BJP का विनाश चाहिए। न सिर्फ बंगाल में विनाश होगा, बल्कि BJP को दिल्ली से भी हटाना होगा।"

तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम. के. स्टालिन ने भी X पर लोगों को बधाई देते हुए ट्वीट किया कि, "हमेशा की तरह, बिना किसी बड़ी अप्रिय घटना के, तमिलनाडु चुनाव शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो गया है। यह देखकर दिल को सुकून मिलता है कि तमिलनाडु के महान मतदाताओं ने 84.69% के रिकॉर्ड स्तर पर मतदान करके लोकतंत्र की रक्षा करने के अपने कर्तव्य को बखूबी निभाया है। 'यह तो बस एक वोट है,' ऐसा सोचने के बजाय, 'यह चुनाव पूरी एक पीढ़ी के लिए है', इस विश्वास ने शायद इस उत्साह के पीछे प्रेरक शक्ति का काम किया है। ऐसे सभी जिम्मेदार नागरिकों को मेरी बधाई। तमिलनाडु ने मतदान कर दिया है और 4 मई को तमिलनाडु की जीत होगी!"

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