राजधानी दिल्ली से इस समय एक बड़ी खबर सामने आई है। रिपोर्ट्स की मानें, तो महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री और शिवसेना (SS) के चेयरपर्सन एकनाथ शिंदे ने कल देर रात शिवसेना-उद्धव बाळासाहेब ठाकरे (SS-UBT) के 6 सांसदों के साथ बैठक की थी। इस घटनाक्रम से महाराष्ट्र के राजनीतिक हलकों में अटकलें तेज हो गईं कि सांसद संसद के भीतर एक अलग समूह बनाने का प्रयास कर सकते हैं। हालांकि इस घटनाक्रम पर सांसद और लोकसभा में SS-UBT के नेता अरविन्द सावंत (मुंबई साउथ) ने प्रतिक्रिया देते हुए स्पीकर को 4 पन्नों का एक पत्र भी लिखा है।
उन्होंने कहा कि, "शिवसेना (उद्धव बाळासाहेब ठाकरे) को सदन में उसके अधिकृत नेता और व्हिप के जरिए प्रतिनिधित्व करने वाली एक ही राजनीतिक पार्टी के तौर पर मान्यता मिलती रहेगी। पार्टी का प्रतिनिधित्व करने का दावा करने वाले किसी भी कथित गुट या अलग हुए समूह को कोई अलग मान्यता, दर्जा, विशेषाधिकार या सुविधा नहीं दी जाएगी। अगर ऐसी कोई मांग आती है, तो उस पर तब तक कोई फैसला नहीं लिया जाएगा जब तक शिवसेना (उद्धव बाळासाहेब ठाकरे) को आपके कार्यालय के सामने अपनी बात रखने का मौका न दिया जाए।"
उद्धव गुट के बागी सांसदों में ओमप्रकाश राजेनिंबाळकर (उस्मानाबाद), संजय जाधव (परभणी), संजय दिना पाटिल (मुंबई नॉर्थ ईस्ट), भाऊसाहेब वाकचौरे (शिर्डी), संजय देशमुख (यवतमाळ-वाशीम) और नागेश पाटील-आष्टीकर (हिंगोली) शामिल बताए जा रहे हैं। थोड़ी देर में ये सभी नेता लोकसभा स्पीकर से भी मिलने वाले हैं। दूसरी और उद्धव ठाकरे के बड़े करीबी माने जाने वाले राज्यसभा सांसद संजय राउत ने आज एक प्रेस वार्ता की। इसमें पार्टी के 9 में से सिर्फ 3 लोकसभा सांसद, चीफ व्हिप अनिल देसाई (मुंबई साउथ सेंट्रल), राजाभाऊ वाजे (नाशिक) और अरविंद सावंत ही शामिल हुए।
इस प्रेस वार्ता में संजय राउत ने कहा कि, "मेरे पास जानकारी है कि हर सांसद को 15-15 करोड़ रूपए दिए गए, जिसके बाद वे नांदेड़ और पुणे समेत तीन जगहों से चार्टर्ड फ्लाइट में सवार हुए।" उन्होंने कहा कि अगर कोई जाना चाहता है, तो वे इस्तीफा देकर जा सकते हैं। अगर हमारे सांसदों के बारे में ऐसी खबरें आती हैं, तो उन्हें इनका खंडन करना चाहिए। इस बार महाराष्ट्र की जनता चुप नहीं बैठेगी। इस वार्ता के दौरान उन्होंने बागी सांसदों को अपशब्द भी कहे और मीडिया से कहा कि वो उनकी बातों को काटे नहीं। ताजा जानकारी के अनुसार, सभी बागी सांसद लोकसभा स्पीकर ओम बिरला से मिलने पहुंच चुके हैं। सूत्रों के मुताबिक, उन्होंने स्पीकर को एक चिट्ठी सौंपी है और अलग गुट बनाने की मांग की है।