डॉ. काकोली घोष दस्तीदार बनी NCPI की अध्यक्ष, बागी सांसदों का NDA को समर्थन

NCPI ने नेशनल डेमोक्रेटिक अलायन्स (NDA) को अपने समर्थन का भी ऐलान किया है। लोकसभा में NDA गठबंधन में, NCPI दूसरी सबसे बड़ी पार्टी और सदन में 5वीं सबसे बड़ी पार्टी बन गई है।

डॉ. काकोली घोष दस्तीदार बनी NCPI की अध्यक्ष, बागी सांसदों का NDA को समर्थन

डॉ. काकोली ने कल्याण बनर्जी से संबंधित एक शिकायत स्पीकर ओम बिरला को सौंपी है।

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Highlights

  • महिलाओं के प्रति गलत व्यवहार को लेकर काकोली ने लोकसभा से कल्याण बनर्जी के निष्कासन की मांग की है।
  • उनकी शिकायत के बाद लोकसभा स्पीकर द्वारा इस पूरे मामले की जांच भी शुरू कर दी गई है।
  • सांसदों के NCPI में शामिल होने पर कीर्ति आजाद ने कहा की उनमें इस बात को लेकर बगावत है की मंत्री कौन बनेगा।

पश्चिम बंगाल की राजनीति में इस वक्त बहुत बड़ा भूचाल आया हुआ है। तृणमूल कांग्रेस (TMC) की वरिष्ठ नेता और बारासात सीट से 4 बार की सांसद डॉ. काकोली घोष दस्तीदार ने अपनी पार्टी से बगावत कर दी है। काकोली समेत 20 सांसदों ने अपनी पार्टी से अलग होकर नेशनलिस्ट सिटीजन्स पार्टी ऑफ इंडिया (NCPI) में अपने गुट का विलय कर लिया है। खबर है कि इस विलय के बाद काकोली को NCPI का अध्यक्ष भी चुन लिया गया है।

उन्होंने नेशनल डेमोक्रेटिक अलायन्स (NDA) को अपने समर्थन का भी ऐलान किया है। लोकसभा में NDA गठबंधन में, NCPI दूसरी सबसे बड़ी पार्टी और सदन में 5वीं सबसे बड़ी पार्टी बन गई है। इस विलय की घोषणा तो 1-2 दिन पहले ही हुई थी, मगर पार्टी ने बताया कि काकोली को 31 मई को ही पार्टी का अध्यक्ष चुन लिया गया था। डॉ. काकोली घोष दस्तीदार ने स्पीकर ओम बिरला को एक शिकायत भी सौंपी है।

इसमें उन्होंने श्रीरामपुर सीट से सांसद कल्याण बनर्जी को लोकसभा परिसर में बार-बार अपशब्द कहने, महिलाओं के प्रति अपमानजनक टिप्पणी करने और गलत व्यवहार करने के कारण उन्हें निष्कासित करने की मांग की है। कल्याण बनर्जी को बाहर करने की मांग पर काकोली घोष ने कहा, "जो व्यक्ति बार-बार ऐसी हरकतें करता है और महिलाओं के प्रति नफरत रखता है, उसे कानून के तहत सजा मिलनी चाहिए। अगर वह बार-बार सम्माननीय सदस्यों या किसी भी महिला को बुरे नामों से बुलाता है या बुरा बर्ताव करता है, तो उसे सजा मिलनी चाहिए।"

एक अन्य घटनाक्रम में, सूत्रों के मुताबिक, स्पीकर बिरला, बागी सांसदों के मामले में दोनों पक्षों की बात सुनने के बाद ही कोई फैसला लेंगे। स्पीकर के ऑफिस ने ममता बनर्जी के नेतृत्व वाले TMC सांसदों के ग्रुप को ईमेल भी भेजा है। इन सांसदों को स्पीकर के साथ मीटिंग के लिए बुलाया गया है। इसके बाद ही स्पीकर बागी गुट से जुड़ा कोई फैसला लेंगे।

सभी जानते हैं कि 20 सांसदों ने ओम बिरला से मुलाकात की थी और एक पत्र सौंपकर अपने गुट का NCPI में विलय करने का अनुरोध किया था। पिछले एक महीने में कल्याण बनर्जी के खिलाफ काकोली घोष की यह दूसरी शिकायत है। 28 मई को उन्होंने बिरला को पत्र लिखकर उन पर सदन में महिला सांसदों के साथ दुर्व्यवहार का आरोप भी लगाया था। बताया जा रहा है कि लोकसभा स्पीकर द्वारा काकोली की शिकायत पर जांच भी शुरू हो चुकी है।

TMC के 20 बागी सांसदों के NCPI में शामिल होने पर TMC सांसद कीर्ति आजाद ने कहा, "बागी TMC सांसदों के बीच इस बात को लेकर बगावत है कि मंत्री कौन बनेगा। जिस पार्टी में वे शामिल हुए हैं, उसका संसद में कोई प्रतिनिधित्व नहीं है। यह एक पंजीकृत-अमान्यता प्राप्त (Registered-Unrecognised) पार्टी है। इसकी कोई पहचान नहीं है। यह डेमोक्रेटिक नहीं है।"

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