महाराष्ट्र में ऑपरेशन टाईगर की चर्चा तेज, उद्धव गुट के 7 सांसद कर सकते है बगावत

जानकारी के लिए बता दें कि, महाराष्ट्र में विपक्षी महाविकास आघाडी (MVA) गठबंधन में SS(UBT) 20 विधायकों के साथ सबसे बड़ी पार्टी है। इसके अलावा उनके पास 6 MLC, 9 लोकसभा सांसद और एक राज्यसभा सांसद हैं।

महाराष्ट्र में ऑपरेशन टाईगर की चर्चा तेज, उद्धव गुट के 7 सांसद कर सकते है बगावत

यदि वाकई 7 लोकसभा सांसद पाला बदल लेते है, तो ये उद्धव ठाकरे के लिए बड़ा आघात होगा।

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Highlights

  • शिवसेना से MLC कृपाल तुमाने का कहना है की इन सांसदों से बातचीत अब अपने अंतिम चरण में है।
  • उद्धव गुट के संजय राउत ने बताया की पिछले 12 सालों से भाजपा का काम सिर्फ पार्टियों को तोड़ना ही रहा है।
  • शिवसेना के प्रवक्ता संजय निरूपम ने बताया की 2029 आते-आते SS(UBT) पूरी तरह से नष्ट हो जाएगी।

पश्चिम बंगाल के बाद अब महाराष्ट्र में भी विपक्ष को तगड़ा झटका लग सकता है। शिवसेना (SS) के नेता, पूर्व लोकसभा सांसद और महाराष्ट्र विधान परिषद के सदस्य (MLC) कृपाल तुमाने ने दावा किया है कि ऑपरेशन टाईगर के तहत शिवसेना-उद्धव बाळासाहेब ठाकरे (SS-UBT) के 7 लोकसभा सांसदों से बातचीत अब अपने अंतिम चरण में पहुंच चुकी है। उन्होंने बताया कि, "जैसे जब हम ऑपरेशन के लिए अस्पताल जाते हैं, तो पहले जाँच होती है और रिपोर्ट आती है। अब बस डॉक्टर के साथ ऑपरेशन की तारीख तय करनी है। उस दिन ऑपरेशन होगा। यह मॉनसून सत्र से पहले होगा। हमारे लिए सारी जानकारी बताना ठीक नहीं है। लेकिन यह लगभग तय है कि वे हमारे साथ जुड़ेंगे। यह बातचीत एक महीने से चल रही है, लेकिन आज यह आखिरी चरण में है।"

उनके इस बयान पर SS-UBT से राज्यसभा सांसद संजय राउत ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि, "वह कौन हैं? महाराष्ट्र की राजनीति में ऐसा कोई व्यक्ति नहीं है। आज शिंदे गुट में ऐसे लोग हैं जो कुछ भी कह देते हैं। पार्टी में फूट कौन डालेगा? पिछले 12 सालों से भाजपा का काम सिर्फ राजनीतिक पार्टियों को तोड़ना ही रहा है। उन्होंने अब TMC को तोड़ा है, इससे पहले उन्होंने NCP और शिवसेना के साथ भी ऐसा ही किया था।" शिवसेना के प्रवक्ता एवं पूर्व लोकसभा और राज्यसभा सांसद संजय निरूपम ने भी कहा कि SS(UBT) एक ऐसा संगठन और पार्टी है, जो हर दिन धीरे-धीरे कमजोर हो रही है। 2029 आते-आते ये संगठन, ये पार्टी पूरी तरह से नष्ट हो जाएगी।

उन्होंने आगे कहा कि, "मै ऐसा इसलिए कह रहा हूँ कि SS(UBT) के नेतृत्व में जो आलसीपन है, अहंकार है और अपने कैडर से संवादहीनता है। उनका नेतृत्व पूरी पार्टी को ऐसे चलाता है जैसे 'वर्क फ्रॉम होम' कर रहा हो, जिसकी वजह से पार्टी कैडर निराश है। उनके विधायक और सांसद अब SS(UBT) के नेतृत्व पर विश्वास नहीं कर रहे।" बता दें कि महाराष्ट्र में विपक्षी महाविकास आघाडी (MVA) गठबंधन में SS(UBT) 20 विधायकों के साथ सबसे बड़ी पार्टी है। इसके अलावा उनके पास 6 MLC, 9 लोकसभा सांसद और एक राज्यसभा सांसद हैं। यदि वाकई उनके 7 लोकसभा सांसद पाला बदलकर उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की शिवसेना में शामिल हो जाते हैं, तो विपक्ष को तो नुकसान होगा ही, ये उद्धव ठाकरे के लिए भी बहुत बड़ा आघात होगा।

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