भारत-स्लोवाकिया ने अपने संबंधों को कॉम्प्रिहेंसिव पार्टनरशिप के स्तर तक बढ़ाया, टेक्नोलॉजी से जुड़े समझौते पर हुए हस्ताक्षर

प्रधानमंत्री मोदी ने बताया कि, "आज प्रधानमंत्री फिको और मैंने इस बात पर विस्तार से चर्चा की कि हमारे सहयोग को नई दिशा और नई ऊर्जा कैसे दी जाए। हमारे द्विपक्षीय व्यापार और आर्थिक सहयोग में हुई प्रगति हमारे लिए संतोष का विषय है। लेकिन हमारी क्षमताएं विशाल है। हमारी आकांक्षाएं उससे भी बड़ी हैं। ऑटोमोबाइल, रेलवे, एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग और ग्रीन टेक्नोलॉजी हमारे लिए विशेष रूचि के क्षेत्र हैं।

भारत-स्लोवाकिया ने अपने संबंधों को कॉम्प्रिहेंसिव पार्टनरशिप के स्तर तक बढ़ाया, टेक्नोलॉजी से जुड़े समझौते पर हुए हस्ताक्षर

संयुक्त प्रेस मीट के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने प्रधानमंत्री फिको को भारत का सच्चा मित्र बताया।

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Highlights

  • आज ब्रातिस्लावा में प्रधानमंत्री मोदी का औपचारिक स्वागत किया गया और उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर भी दिया गया।
  • स्लोवाकिया की एक यूनिवर्सिटी में AI के विषय पर इंडिया चेयर स्थापित की जाने पर प्रधानमंत्री मोदी ने खुशी जताई।
  • दोनों देशों के बीच स्किल्ड वर्कर्स की मोबिलिटी को बढ़ावा देने के लिए लेबर माइग्रेशन पर MoU की घोषणा की गई।

भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 14 से 16 जून तक स्लोवाकिया के दौरे पर हैं। 1993 में स्लोवाकिया की आजादी के बाद से किसी भारतीय प्रधानमंत्री की यह पहली यात्रा है। होटल पहुंचने पर, स्लोवाकिया के विदेश और यूरोपीय मामलों के मंत्री जुराज ब्लानार ने प्रधानमंत्री का स्वागत किया और उन्हें स्थानीय परंपरा के अनुसार ब्रेड और नमक भेंट किया, जो मेहमाननवाजी, सम्मान और सद्भावना का प्रतीक है।

वहां पहुंचने के बाद भारतीय समुदाय ने भी उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। इसकी कुछ तस्वीरें सोशल मीडिया पर शेयर करते हुए उन्होंने लिखा, "कल शाम ब्रातिस्लावा में मिला स्वागत सचमुच बहुत खास था। मैं भारतीय समुदाय के स्नेह और गर्मजोशी के लिए उनका आभारी हूँ। ऐसे भाव हमारे लोगों को जोड़ने वाले और भारत-स्लोवाकिया की दोस्ती को मजबूत करने वाले अटूट रिश्तों को दर्शाते हैं।"

आज ब्रातिस्लावा में प्रधानमंत्री मोदी का औपचारिक स्वागत किया गया और उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर भी दिया गया। भारत और स्लोवाकिया के बीच आज द्विपक्षीय बातचीत भी हुई। भारत की ओर से इस वार्ता में प्रधानमंत्री मोदी के अलावा विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजित डोवाल समेत कई अन्य लोग भी उपस्थित थे।

बातचीत के बाद प्रधानमंत्री मोदी और स्लोवाकिया के प्रधानमंत्री रॉबर्ट फिको एक संयुक्त प्रेस मीट में भी शामिल हुए। इस दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, "मै हमारे आत्मीय स्वागत के लिए प्रधानमंत्री फिको का हार्दिक आभार व्यक्त करता हूँ। वे अनुभवी लीडर होने के साथ-साथ भारत के सच्चे मित्र हैं। भारत-स्लोवाकिया संबंधों को नई ऊंचाई तक पहुंचाने में उनकी मित्रता और अटूट प्रतिबद्धता का विशेष महत्व रहा है। मुझे खुशी है कि आज मुझे उनसे मिलने और हमारे संबंधों में एक ऐतिहासिक क्षण का गवाह बनने का अवसर मिला। यह किसी भारतीय प्रधानमंत्री की स्लोवाकिया की पहली यात्रा है। मुझे खुशी है कि इस ऐतिहासिक अवसर पर हमने अपने संबंधों को कॉम्प्रिहेंसिव पार्टनरशिप के स्तर तक ले जाने का निर्णय लिया है। यह हमारे साझा विश्वास, साझा प्राथमिकताओं और साझा भविष्य का प्रतीक है।" 

प्रधानमंत्री मोदी ने आगे कहा, "आज प्रधानमंत्री फिको और मैंने इस बात पर विस्तार से चर्चा की कि हमारे सहयोग को नई दिशा और नई ऊर्जा कैसे दी जाए। हमारे द्विपक्षीय व्यापार और आर्थिक सहयोग में हुई प्रगति हमारे लिए संतोष का विषय है। लेकिन हमारी क्षमताएं विशाल है। हमारी आकांक्षाएं उससे भी बड़ी हैं। ऑटोमोबाइल, रेलवे, एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग और ग्रीन टेक्नोलॉजी हमारे लिए विशेष रूचि के क्षेत्र हैं। आज हमने इन सभी क्षेत्रों में अपनी ताकतों को मिलाया और दोनों देशों के लोगों के भलाई के लिए कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए। मैं भारत-EU FTA को अंतिम रूप देने में स्लोवाकिया के प्रधानमंत्री के सहयोग के लिए विशेष आभार व्यक्त करता हूं। हम इसे जल्द से जल्द लागू करने की दिशा में काम करेंगे ताकि दोनों देशों के उद्योग, स्टार्टअप्स और ट्रेडर्स इसका अधिकतम लाभ उठा सके।"

उन्होंने आगे कहा, "टेक्नोलॉजी हमारी भावी साझेदारी का एक महत्वपूर्ण स्तंभ है। आज डिजिटल टेक्नोलॉजी पर किए गए MoU से डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर में सहयोग की नई संभावनाएं बनेंगी। मुझे खुशी है कि स्लोवाकिया की एक यूनिवर्सिटी में AI के विषय पर 'इंडिया चेयर' स्थापित की जा रही है। हमारे बीच स्पेस के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने का बहुत बहुत बड़ा पोटेंशियल है। आज भारत में स्पेस सेक्टर अभूतपूर्व गति से नई ऊंचाइयों को छू रहा है। मैं स्लोवाकिया की कंपनियों को इस विकास यात्रा में शामिल होने के लिए आमंत्रित करता हूं। सिविल न्यूक्लियर एनर्जी भी दोनों देशों के लिए एक अहम प्राथमिकता वाला क्षेत्र है। रक्षा सहयोग हमारे गहरे आपसी भरोसे और रणनीतिक तालमेल का प्रमाण है। मुझे खुशी है कि हमने आज इस महत्वपूर्ण क्षेत्र में 'लेटर ऑफ इंटेंट' पर हस्ताक्षर किए। इससे रक्षा उद्योग के बीच संयुक्त विकास, संयुक्त उत्पादन और सहयोग को नई गति मिलेगी।"

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आगे कहा, "भारत और स्लोवाकिया वैश्विक मंच पर भी आपसी सामंजस्य के साथ आगे बढ़ रहे हैं। हम इस बात पर सहमत हैं कि सभी विवादों और तनावों का समाधान शांतिपूर्ण तरीके से किया जाना चाहिए। आज हमने दोनों देशों के बीच प्रोफेशनल्स और स्किल्ड वर्कर्स की मोबिलिटी को बढ़ावा देने के लिए लेबर माइग्रेशन पर एक MoU की घोषणा की है। हम जल्द ही सोशल सिक्योरिटी पर भी एक MoU को अंतिम रूप देंगे। 140 करोड़ भारतीयों की ओर से, मैं आपको भारत आने का निमंत्रण देता हूं और मुझे खुशी है कि आपने सार्वजनिक रूप से इस निमंत्रण को स्वीकार किया है।"

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