प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने की पेपर लीक मामलों में फास्ट-ट्रैक अदालतों के गठन की घोषणा

प्रधानमंत्री मोदी के पोस्ट पर CJP के राष्ट्रीय प्रवक्ता आशुतोष रांका ने भी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि ये अच्छी बात है कि डेढ़ महीने के विरोध-प्रदर्शन के बाद प्रधानमंत्री जी ने आखिरकार इस पर ध्यान दिया है। शायद उनके विदेश दौरे खत्म हो गए हैं और वे भारत लौट आए हैं, जो कि एक अच्छी बात है। लेकिन पेपर लीक हो जाने के बाद आप क्या सजा दे रहे हैं? इससे पेपर लीक की समस्या हल नहीं होने वाली है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने की पेपर लीक मामलों में फास्ट-ट्रैक अदालतों के गठन की घोषणा

प्रधानमंत्री मोदी का कहना है की देश के युवाओं का हित और उनका भविष्य हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है।

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Highlights

  • प्रधानमंत्री मोदी ने लिखा की युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।
  • राहुल गांधी ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए लिखा की धर्मेंद्र प्रधान को पद से हटाएं और छात्रों से माफी मांगें।
  • CJP के राष्ट्रीय प्रवक्ता आशुतोष रांका ने कहा की जब तक धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा नहीं देते हम नहीं हटेंगे।

दिल्ली में NEET पेपर लीक के विरोध में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) का हंगामा अभी भी शांत नहीं हुआ है। अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चुप्पी तोड़ते हुए X पर ट्वीट किया है। उन्होंने लिखा कि, "देश के युवाओं का हित और उनका भविष्य हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। पेपर लीक के सभी मामलों में दोषियों को जल्द से जल्द कठोर दंड देने के लिए, केस के त्वरित निस्तारण के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट्स का गठन किया जाएगा। इस संबंध में निर्देश दे दिए गए हैं कि संबंधित विभाग आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करें। विद्यार्थियों के हितों को सुरक्षित करने के लिए, सरकार द्वारा लिए जा रहे निर्णयों की श्रृंखला में ये एक महत्वपूर्ण कदम है। युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।"

हालांकि, इस पोस्ट पर प्रतिक्रिया देते हुए लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने लिखा, "आपने ही हमारे युवाओं के भविष्य को सबसे ज्यादा नुकसान पहुंचाया है। आपने न सिर्फ हमारी education system पर पूरा कब्जा होने और उसे बर्बाद होने दिया, उसे बढ़ावा भी दिया - और इसके जिम्मेदार हर व्यक्ति को संरक्षण दिया।"

राहुल ने आगे लिखा, "छात्रों की मांगें साफ हैं:

1. धर्मेंद्र प्रधान को पद से हटाएं।
2. छात्रों से माफी मांगें। 
3. छात्रों के साथ हिंसा करने वालों के खिलाफ कार्रवाई करें।"

प्रधानमंत्री मोदी के पोस्ट पर CJP के राष्ट्रीय प्रवक्ता आशुतोष रांका ने भी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि ये अच्छी बात है कि डेढ़ महीने के विरोध-प्रदर्शन के बाद प्रधानमंत्री जी ने आखिरकार इस पर ध्यान दिया है। शायद उनके विदेश दौरे खत्म हो गए हैं और वे भारत लौट आए हैं, जो कि एक अच्छी बात है। लेकिन पेपर लीक हो जाने के बाद आप क्या सजा दे रहे हैं? इससे पेपर लीक की समस्या हल नहीं होने वाली है।

असली सवाल यह है कि पेपर लीक हो ही क्यों रहे हैं। इस सवाल का जवाब मिलना ही चाहिए। चोट लगने के बाद मरहम लगाना एक बात है, लेकिन असली लड़ाई तो चोट लगने से रोकने की है। चोट इसलिए लगती रहती है क्योंकि सिस्टम चलाने वाले लोग नाकाबिल और भ्रष्ट हैं। इसलिए, ये उपाय किसी भी तरह से काफी नहीं हैं। जब तक धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा नहीं देते, हम यहां से नहीं हटेंगे।

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