इस समय देश भर में 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) के विरोध प्रदर्शन और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग प्रमुखता से छाई हुई है। आज लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने फिर मीडिया के सामने आकर अपनी बात कही। उन्होंने अपनी बातचीत में एक बार फिर दोहराया कि छात्रों की तीन मांगें हैं और इन मांगों पर कोई समझौता नहीं हो सकता। पहली मांग यह है कि शिक्षा मंत्री को हटाया जाए, क्योंकि वे भ्रष्ट और अयोग्य हैं और उनका रवैया गलत है।
उन्होंने दावा किया कि प्रधानमंत्री मोदी की कैबिनेट में इस बात पर चर्चा हो रही है कि धर्मेंद्र प्रधान को शिक्षा मंत्रालय से हटाकर किसी दूसरे मंत्रालय में भेज दिया जाए। भारत के छात्रों को यह मंजूर नहीं है। यह किसी को भी मंजूर नहीं है। इसकी वजह यह है कि प्रधान भ्रष्टाचार और भारत के बच्चों के भविष्य के साथ जो हुआ है, उसकी निशानी हैं। वे इस देश की सबसे कीमती चीज, यानी हमारे छात्र और उनके भविष्य को बर्बाद करने के प्रतीक हैं। इसलिए, धर्मेंद्र प्रधान को इधर-उधर करने, पीछे या आगे करने या ऐसी किसी भी चीज पर कोई बातचीत नहीं होगी। धर्मेंद्र प्रधान को हटाना ही होगा।
अपने पास खड़ी एक लड़की की ओर इशारा करते हुए राहुल ने कहा, यह युवती घायल है। कल मैंने आपको एक युवक दिखाया था जिसकी आँख में गोली लगी थी। ऐसे हजारों युवा हैं जिनके पैर टूटे हैं और लाठी-चार्ज के दौरान सिर में चोटें आई हैं और उनके शरीर में पैलेट्स (छर्रे) लगे हैं। जिन लोगों ने ऐसा किया है, चाहे वे इसे आयोजित करने वाले हों या इसे अंजाम देने वाले। उन्हें सजा मिलनी चाहिए और उन्हें जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए। तीसरी बात यह है कि इस पूरे तंत्र के मुखिया, जो यह सब करवा रहे हैं यानी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, उन्हें छात्रों और देश के भविष्य के साथ जो कुछ भी किया है, उसके लिए माफी मांगनी चाहिए।
उन्होंने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि यह वही सिस्टम है जो छात्रों और युवाओं पर हमला कर रहा है। मैंने उनसे अंदर यही बात कही। मैंने कहा, चिंता मत करो। घबराओ मत। भारत सरकार की पूरी ताकत, सरकार का एक व्यक्ति भी आपको प्रदर्शन स्थल से नहीं हटा सकता। राहुल का कहना है कि सरकार को जो करना है, करने दें। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भारत का अतीत हैं, अतीत कभी भविष्य से नहीं लड़ सकता।