राजस्थान निकाय चुनाव : दूसरे चरण का मतदान जारी, दांव पर 18 हजार उम्मीदवारों की किस्मत

यह चुनाव पिछले चुनावों से थोड़े बड़े स्तर पर हो रहा है। पहले मतदान चार नगर निगमों में होता था, लेकिन इस बार जयपुर, जोधपुर और कोटा जैसे बड़े शहरों को मिलाकर छह नगर निगमों में चुनाव है। कुल 4,774 वार्ड, 9,758 पोलिंग स्टेशन और 18,266 उम्मीदवार हैं।

राजस्थान निकाय चुनाव : दूसरे चरण का मतदान जारी, दांव पर 18 हजार उम्मीदवारों की किस्मत

राजस्थान में 147 शहरी स्थानीय निकायों के लिए वोटिंग हो रही है।

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Highlights

  • अंतिम चरण के चुनावों में 6 नगर निगम, 20 नगर परिषद और 121 नगरपालिकाएं शामिल है।
  • 87.60 लाख वोटर मैदान में उतरे उम्मीदवारों की किस्मत का फैसला करेंगे।
  • राजस्थान के मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा और उपमुख्यमंत्री दीया कुमारी समेत कई नेता मतदान कर चुके है।

राजस्थान में शहरी स्थानीय निकाय चुनावों के दूसरे एवं अंतिम चरण के लिए वोटिंग 11 सितंबर को सुबह 7.00 बजे शुरू हुई और शाम 6.00 बजे तक चलेगी। राज्य चुनाव आयुक्त राजेश्वर सिंह के अनुसार, 147 शहरी स्थानीय निकायों के लिए वोटिंग होगी, जिनमें 6 नगर निगम, 20 नगर परिषद और 121 नगरपालिकाएं शामिल हैं। कुल मिलाकर, 4,774 वार्ड, 9,758 पोलिंग स्टेशन और 18,266 उम्मीदवार हैं। यह चुनाव पिछले चुनावों की तुलना में थोड़े बड़े पैमाने पर हो रहा है। जहां पहले चार नगर निगमों में वोटिंग हुई थी, वहीं इस बार छह नगर निगम हैं, जिनमें जयपुर, जोधपुर और कोटा जैसे बड़े शहर शामिल हैं।

जानकारी के मुताबिक, 87.60 लाख वोटर मैदान में उतरे उम्मीदवारों की किस्मत का फैसला करेंगे। पहले चरण में वोटिंग का 76.41% वोटिंग हुई थी। जयपुर में राजस्थान के मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा ने अपने परिवार के साथ मतदान किया। प्रदेश की उपमुख्यमंत्री दीया कुमारी ने भी जयपुर में वार्ड 141 में अपना मतदान किया। वहीं, राज्य के युवा मामले और खेल मंत्री कर्नल (रिटायर्ड) राज्यवर्धन सिंह राठौड़ ने भी सिरसी रोड स्थित गुरुकुल विद्या मंदिर सीनियर सेकेंडरी स्कूल के मतदान केंद्र पर पहुँचकर वोट डाला।

उन्होंने भरोसा जताया कि राजस्थान में इन निकाय चुनावों में भारतीय जनता पार्टी को बढ़त मिलेगी। उन्होंने कहा कि इसके बाद पंचायत चुनाव होंगे और पार्टी को वहां भी समर्थन मिलेगा। राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने जोधपुर के महामंदिर स्थित जैन मंदिर स्कूल में अपना वोट डाला। उनके साथ उनकी पत्नी सुनीता गहलोत और बेटे वैभव गहलोत भी थे। मीडिया से बात करते हुए अशोक गहलोत ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी सरकार का मशीनरी ठीक से नहीं चल रही, इसीलिए वह पिछले ढाई सालों में कोई काम नहीं कर पाई है। वरना, आप अंदाजा लगा सकते हैं कि हालात कितने नाजुक हैं, जैसा कि हम बार-बार कहते रहे हैं।

गहलोत के अनुसार, हम राजनीति की बात नहीं कर रहे हैं। हालात बहुत नाजुक है और इसे देखते हुए लोगों को भी आगे आकर सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए। केंद्रीय पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने भी जोधपुर में अपने मताधिकार का प्रयोग किया। वोटों की गिनती 14 सितंबर को होगी।

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